दीपावली पर निबंध 2021 | अलग-अलग सीमाओं के आधार पर छोटे-बड़े दिवाली निबंध हिंदी में

दीपावली पर निबंध
दीपावली पर निबंध

दिवाली निबंध Class 1 (5 Line)

दिवाली निबंध Class 1 (5 Line)
दिवाली निबंध Class 1 (5 Line)
  1. अन्य त्योहारों की तरह भारत में दीपावली का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। 
  2. प्रभु श्री राम और माता सीता के 14 वर्ष बाद अयोध्या लौटने की खुशी में अयोध्या वासियों ने घी के दीपक जलाए। 
  3. दीपावली के अवसर पर लोग नए नए कपड़े खरीदते हैं, आभूषण, घरों का सामान तथा वाहन गाड़ी आदि भी खरीदते हैं। 
  4. दीपावली के कुछ दिन पहले से ही लोग घर की रंगाई पुताई करवाते हैं। 
  5. ऐसा भी कहा जाता है कि दीपावली के दिन साफ सफाई रखने से घर में लक्ष्मी जी का वास होता है इसलिए दीपावली के दिन धन की देवी लक्ष्मी जी और गणेश जी की पूजा होती है। 

दीपावली में दीपों का दीदार हो,
और हर घर में खुशियों की बौछार हो।” 

10 Lines On Diwali In Hindi For Class 2

10 Lines On Diwali In Hindi For Class 2
10 Lines On Diwali In Hindi For Class 2
  1. दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाने वाला पर्व है।
  2. यह हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है तथा या प्रकाश का पर्व है।
  3. लोग दिवाली आने के कुछ दिन पहले से ही अपने अपने घरों की साफ-सफाई करना शुरू कर देते है।
  4. इस त्यौहार में मुख्य रूप से देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है साथ ही घर में खुशियां व सुख समृद्धि आए।
  5. भारत में नेपाल, मॉरीशस, गुयाना, सिंगापुर, सूरीनाम, मलेशिया, श्रीलंका में दीपावली के दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है।
  6. राम लक्ष्मण और सीता जी 14 वर्ष वनवास के बाद अयोध्या लौट कर आए थे। तो पूरे नगर को दीपों से सजाया गया था।
  7. भगवान राम ने रावण को मार दिया था और सत्य की असत्य पर विजय हुई थी। इसलिए प्रतिवर्ष दीपावली मनाई जाती है।
  8. लोग दिवाली को धन का आगमन यह सौभाग्य का आगमन भी मानते हैं।
  9. सिख धर्म में दिवाली का बहुत बड़ा महत्व है क्योंकि इस दिन ही 1577 में स्वर्ण मंदिर की नींव रखी गई थी।
  10. दीपावली से 1 दिन पहले लोग धनतेरस के दिन कोई न कोई नई वस्तु अवश्य खरीदते हैं, ताकि घर में सुख संपत्ति आए।

“बच्चों को लगती है, कितनी प्यारी दिवाली!
स्कूलों में छुट्टी और, हर और खुशहाली।

दीपावली पर निबंध कक्षा 3 (15 Line)

दीपावली पर निबंध कक्षा 3 (15 Line)
दीपावली पर निबंध कक्षा 3 (15 Line)

1. आज दीपावली का त्योहार बिना किसी असमानता के सभी लोग मनाते हैं।
2. इस दिन दीप जलाना मिठाई बांटना बम पटाखे फोड़ना सभी को बहुत अच्छा लगता है।
3. प्रति वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या की रात को दिवाली का त्यौहार पूरे भारत में मनाया जाता है।
4. इस दिन श्री राम 14 साल के वनवास को काटकर अयोध्या वापस आए थे, और अपनी गद्दी को दोबारा संभाला था।
5. कुछ लोगों का मत है कि यह साल की सबसे काली रात है, इसलिए इस रात के अंधकार को मिटाने के लिए सभी लोग दिए जलाते हैं।
6. इस दिन लोग श्री लक्ष्मी गणेश से यह वरदान मांगते हैं, कि ईश्वर हमारा साथ कभी ना छोड़े और सदैव हमें अपना आशीर्वाद प्रदान करें।

“दीप जगमगाते रहे सबके घर झिलमिलाते रहे,
साथ हो सब अपने बस यूं ही मुस्कुराते रहें।”

7. अंधेरे को दूर भगाने के लिए गली के प्रत्येक घर में दीपक जलाए जाते हैं।
8. दीपावली के त्यौहार की खुशी में बाजार आदि में घरों के सजाने का सामान बाजार में मिलने लगता है।
9. सभी दुकानदार अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए दुकान को अच्छे से सजाते हैं।
10. दीपावली के 1 दिन पहले धनतेरस का त्यौहार होता है।
11. दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है और उसके अगले दिन भैया दूज होता है।
12. धनतेरस, छोटी दीपावली, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज, पांच त्योहारों का समूह होता है।
13. दीपावली राष्ट्रीय व भारतीय संस्कृति को दर्शाने का त्योहार है।
14. दीपावली के दिन कुछ लोगों को जुआ खेलना पसंद होता है, जो कि इस त्यौहार की शांति को भंग करता है।
15. अगर हो सके तो दीपावली में उन लोगों को कपड़े अवश्य दान करें जिन्होंने कभी भी नए कपड़े ना पहने हो।

“यह दीपों का पर्व है,
इसका सुनहरा अर्थ है,
पर मन का अंधेरा ना मिट सके,
तो दीप जलाना व्यर्थ है।”

दीपावली पर निबंध हिंदी में (20 Line)

दीपावली पर निबंध हिंदी में (20 Line)
दीपावली पर निबंध हिंदी में (20 Line)

1. दीपावली का त्योहार बहुत से संस्कार, परंपरा और संस्कृति मान्यता से जुड़ा हुआ है।
2. यह त्योहार भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खूब मनाया जाता है।
3. इस दिन धन की देवी लक्ष्मी जी और बुद्धि के देवता प्रथम पूजनीय गणेश जी की पूजा की जाती है।
4. देवी लक्ष्मी के आगमन के लिए मिट्टी के दीपक में इच्छा अनुसार तेल डाल कर दिए जलाए जाते हैं।
5. इस दिन दीपक जलाकर सभी प्रकार के अंधेरे को दूर किया जाता है।

“दीपावली में दीप जलाए,
बिना प्रदूषण दीपावली मनाएं।”

6. हमें बिना प्रदूषण फैलाए रोशनी के इस पर्व को मनाना चाहिए।
7. पटाखों से ध्वनि प्रदूषण व वायु प्रदूषण होता है हमें पटाखों को ना कहकर प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने चाहिए।
8. पटाखों से निकलने वाली जहरीली गैस पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है।
9. पटाखों से आग लगने तथा शरीर को क्षति (नुकसान) पहुंचने का खतरा भी रहता है।
10. आतिशबाजी से गंदगी फैलती है इसलिए हमें बगैर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए इस त्यौहार को मनाना चाहिए।
11. हमें एक दूसरे से व्यक्तिगत तौर पर सामूहिक रूप से दीपावली मनानी चाहिए।
12. दीपावली के दिन हमें जरूरतमंदों को मिठाइयां कपड़े व गहने आदि जो हो सके देना चाहिए ताकि उनकी दिवाली भी अच्छी और खुशियों भरी हो।

“प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाएं,
प्रकृति को सुंदर बनाएं।”

13. दीपावली के मौके पर हमें घर की सफाई के अलावा आसपास के वातावरण को भी स्वच्छ बनाना चाहिए।
14. हमें ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करना चाहिए ताकि वातावरण स्वच्छ हो सके तथा अच्छी वायु मिल सके।
15. दीपावली के दिन सभी के घरों में स्वादिष्ट व्यंजन व मिठाइयां बनती है।
16. इस दिन मोमबत्ती और दिए कि खुशबू चारों दिशाओं में फैल जाती है।
17. दीपावली का त्यौहार बिना किसी जाति भेदभाव के मनाया जाता है।
18. इस दिन हम सभी एक दूसरे को मिठाइयां देते हैं और दीपावली की बधाइयां भी देते है।
19. यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार है।
20. भारत में समय-समय पर विभिन्न जातियों समुदायों द्वारा अपने-अपने त्योहार मनाए जाते हैं, परंतु सभी त्योहारों में दीपावली सर्वाधिक प्रिय है।

मेरा प्रिय त्योहार दीपावली पर निबंध 300 शब्दों में

दीपावली पर निबंध 2021 | अलग-अलग सीमाओं के आधार पर छोटे-बड़े दिवाली निबंध हिंदी में
मेरा प्रिय त्योहार दीपावली पर निबंध 300 शब्दों में

मेरा प्रिय त्योहार दीपावली! दीपावली मेरा प्रिय त्योहार है, क्योंकि इस दिन सभी अपने अपने परिवार के साथ समय बिता पाते हैं। सभी एक साथ खुशी-खुशी रहते हैं। परिवार का कोई सदस्य यदि पढ़ाई या काम के सिलसिले में बाहर घर से दूर या अन्य स्थानों में रहते हैं, तो दिवाली में जरूर अपने घर आते हैं।

“आई है दिवाली देखो, संग लाई है ढेरों खुशियां देखो।
यहां वहां जहां भी देखो, जगमगाते दीप है देखो।
पटाखों आतिशबाजी से चमक रहा आसमान है देखो,
खुशियों का यह त्योहार, आई है दिवाली देखो।”

दिवाली मुझे इसलिए भी प्रिय है, क्योंकि इस मौके पर पूरे घर की अच्छे से सफाई की जाती है और पूरे साल का कूड़ा कचरा घर से बाहर फेंका जाता है। जिससे हमारा घर स्वच्छ हो जाता है और हम घर में गंदगी की वजह से होने वाली बीमारियों से भी बच जाते हैं।

दिवाली में हम सभी के घरों में या तो सरसों के तेल के दीपक जलाए जाते हैं या तो घी के दीपक, इसकी वजह से वातावरण शुद्ध होता है और बारिश के दिनों में जो कीड़े निकलते हैं वह भी इस धुएं के निकलने की वजह से मर जाते हैं।

दिवाली में गरीब मजदूरों का भी काम अच्छा चलता है। उन्हें लोगों के घरों में रंगाई-पुताई, सफाई आदि का काम मिल जाता हैl दिवाली में सभी व्यापार तेज चलते हैं, छोटे से लेकर बड़े व्यापार तक सभी को बढ़िया कमाई हो जाती है।

“रोशन है दीपक और सारा जग जगमगाए,
लेकर साथ सीता जी को राम जी है आय,
हर शहर सजा हो ऐसे जैसे अयोध्या हो,
आओ हर गली हर मोड़ पर हम दीपक जलाएं।”

दीपावली का त्योहार खुशियों का त्योहार है। यह हमें समाज में फैली अनेक बुराइयों से लड़ने की प्रेरणा देता है।यह हमें प्रेरित करता है, कि हम बुराई के अंधकार को मिटाएं और प्रकाश की ओर अग्रसर हो।

दीपावली के विषय में लोगों का मानना है, कि इस दिन अपने घर के द्वार खुले रखने से माता लक्ष्मी उनके द्वार पर प्रवेश करती हैं। जिससे घर में धन की कमी नहीं होती और घर में सुख-समृद्धि आती है।

प्रदूषण रहित दिवाली पर निबंध 350 शब्द

दीपावली पर निबंध 2021 | अलग-अलग सीमाओं के आधार पर छोटे-बड़े दिवाली निबंध हिंदी में
प्रदूषण रहित दिवाली पर निबंध 350 शब्द

“प्रदूषण को पूरी तरह हटाना है,
इस दिवाली पटाखे नहीं जलाना है।”

दिवाली को स्वच्छता का त्योहार माना जाता है। लेकिन आतिशबाजी के कारण इस त्यौहार का मतलब बदलता जा रहा है। पटाखों से निकलने वाले जहरीली गैस से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, साथ ही इससे आग लगने व शरीर को भी क्षति पहुंचने का खतरा बना रहता है। इस दिवाली पटाखों को ना कह कर हम प्रदूषण मुक्त दिवाली मना सकते हैं।

“पटाखे बढ़ाते हैं, प्रदूषण की परेशानी।
जबकि दिवाली लाती है, केवल खुशहाली।”

दिवाली रोशनी का त्योहार है, जबकि हम पटाखे जलाकर उसकी शुद्धता को खत्म कर रहे हैं। हमें बिना प्रदूषण फैलाए रोशनी के इस पर्व को मनाना चाहिए। पटाखे या अन्य किसी प्रकार की आतिशबाजी से पूरी तरह से बचना चाहिए।

पटाखों से ध्वनि और वायु प्रदूषण होता है, जिसके कारण पूरा पर्यावरण दूषित हो जाता है। इससे पशु पक्षियों को भी बहुत नुकसान होता है।

ऐसे मनाएं दिवाली का त्यौहार:

दुकानदार और खरीददार अभी भी प्लास्टिक बॉक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्लास्टिक मिट्टी के उपजाऊपन को नुकसान पहुंचाता है और आसानी से नष्ट भी नहीं होता है। पर्यावरण संरक्षण में थोड़ा सा योगदान देते हुए खरीददार कपड़े के बैग का इस्तेमाल कर सकते है।

गिफ्ट रैप करने के लिए भी न्यूज़ पेपर से बने या ग्रीन फैब्रिक से बने रैपर का इस्तेमाल करें या ब्राउन बैग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लोग घर पर अपनी सहजता के हिसाब से भी गिफ्ट रैपर डिजाइन कर सकते हैं।

“दिवाली में खूब जश्न मनाए,
पर पर्यावरण भी सुरक्षित बनाएं।”

एलईडी लाइट ऊर्जा की बचत करने वाले उत्पादों में एक उपयोगी आविष्कार हैं। इस दिवाली एलइडी स्ट्रिप खरीद सकते हैं, जो उचित और पर्यावरण के अनुकूल भी होगा। इसे बनाने में गैलियम फास्फाइड का इस्तेमाल होता है, जिसकी वजह से कम ऊर्जा में भी यह अच्छा प्रकाश देता है। वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए पटाखों से दूरी बनाना ही बेहतर होगा।

हमें दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए कि वे पटाखे ना खरीदे ,पटाखों का जहरीला धुआं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इसके कारण आसमान में धुंध सी छा जाती है। इसलिए दिवाली को सुरक्षित रूप से अपनों के साथ मनाएं।

Importance Of Diwali Festival In Hindi 400 Words

Importance Of Diwali Festival In Hindi 400 Words
Importance Of Diwali Festival In Hindi 400 Words

दीपावली का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। दीपावली नेपाल और भारत में खास, मुख्य रूप से मनाया जाता है क्योंकि इस पर्व के साथ कई ऐतिहासिक घटनाएं और कहानियां जुड़ी हुई है। नेपाल में यह त्यौहार इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन नेपाल संवत में नया वर्ष शुरू होता है।

दीपावली का आध्यात्मिक महत्व:

हिंदू ग्रंथ रामायण के अनुसार दीपावली मनाने का मुख्य कारण है, क्योंकि इस दिन श्री रामचंद्र जी अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष के बाद वनवास काट कर वापस आए थे।

तो उनके आने की खुशी में सारे अयोध्यावासियों ने घी के दीपक जला कर उनका स्वागत जोर शोर से किया था। तब से यह दिन प्रतिवर्ष दिवाली के नाम से जाना जाता है।

“सुख समृद्धि मिले इस दिवाली पर,
दुख से मुक्ति मिले इस दिवाली पर,
मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हो आपके साथ,
और लाखों खुशियां मिले इस दिवाली पर।”

कुछ लोगों द्वारा दिवाली को धन की देवी माता लक्ष्मी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जबकि कुछ लोगों का यह मानना है कि इस दिन माता लक्ष्मी ने भगवान विष्णु को अपने पति के रूप में चुना था।

कुछ लोगों द्वारा यह पर्व इसलिए मनाया जाता है क्योंकि यह भी कहा जाता है कि जब देवताओं द्वारा समुद्र मंथन हो रहा था तब माता लक्ष्मी प्रकट हुई थी। कुछ लोगों द्वारा माना जाता है, कि दिवाली माता लक्ष्मी का दिन है। इसलिए उनका पूजन किया जाता है।

दिवाली का आध्यात्मिक महत्व है- “अंधकार पर प्रकाश की विजय निराशा पर आशा की विजय और बुराई पर अच्छाई की विजय।”

दीपावली का आर्थिक महत्व:

दिवाली का त्योहार साल का सबसे बड़ा सीजन होता है, शॉपिंग का। इसमें सभी तरह के बिजनेस तेजी से चलते हैं। छोटे से लेकर बड़े बिजनेस सब जैसे- घर सजावट का सामान, कपड़े, बर्तन, चूना, रंग, पूजा का सामान, खानपान का सामान और मिठाई की दुकान, यहां तक कि बड़े-बड़े सामान, जैसे- सोना, चांदी, गाड़ी-मोटर, सोफा, फ्रिज, टीवी आदि।

“दीप से दीप जले, तो हो दीपावली।
उदास चेहरे खिले, तो हो दीपावली।
बाहर की सफाई हो चुकी बहुत,
दिल से दिल मिले, तो हो दीपावली।”

दीपावली का त्योहार वैसे तो सबके लिए एक महान पर्व है, पर ही व्यापारियों के लिए उनका विशेष पर्व होता है क्योंकि इस दिन में सभी अपने साल भर का पुराना हिसाब किताब निपटा कर नया खाता शुरू करते हैं।

व्यापारी दिवाली के दिन नए खाते और कलम की पूजा मां लक्ष्मी के सामने करके अपने नए काम का शुभारंभ करते हैं, ताकि पूरे साल भर उनका व्यापार अच्छे से चले। इसलिए इस महान दिवाली का आर्थिक महत्व बहुत ज्यादा है।

दिवाली निबंध 1000 शब्दों में

दिवाली निबंध 1000 शब्दों में
दिवाली निबंध 1000 शब्दों में

दीपावली दिवाली का अर्थ:

दीपावली एक संस्कृत शब्द है जो 2 शब्दों ‘दीप‘ + ‘अवली‘ से मिलकर बना है। ‘दीप‘ का अर्थ है- प्रकाश और ‘अवली‘ का अर्थ है पंक्तियां, रेखा। इस तरह ‘दीपावली‘ का अर्थ है- रोशनी की एक पंक्ति। दीपावली को प्रकाश और दीपोत्सव नाम से भी जाना जाता है।

कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाने वाला यह विशेष त्यौहार लोगों को अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने की शिक्षा देता है। यह त्यौहार ना केवल हिंदू बल्कि सिख, बौद्ध और जैन धर्मों द्वारा भी मनाया जाता है। इस पवित्र त्यौहार का अलग-अलग धर्मों में अलग-अलग महत्व है।

“दीप जले तो रौशन आपका जहान हो,
पूरा आपका हर एक अरमान हो,
मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे आप पर,
इस दिवाली आपके पास खुशियों का भंडार हो।”

दीपावली कब मनाई जाती है?:

हिंदू कैलेंडर के अनुसार दीपावली कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन बहुत धूमधाम से मनाई जाती है। इस महापर्व के दिन अमावस्या की अंधेरी रात अनगिनत दीपक उसे जगमगाती है। लाइट की चकाचौंध हर जगह देखी जाती है।

यह त्यौहार हर साल अक्टूबर या नवंबर के महीने के बीच आता है। यह सुख-समृद्धि का त्योहार है, जो पूरे 5 दिन तक चलता है। यह महापर्व धनतेरस के दिन से शुरू होता है और भाई दूज पर समाप्त हो जाता है।

दीपावली कैसे मनाई जाती है?:

दीपावली का त्योहार हिंदुओं के सबसे बड़े और प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस त्योहार के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दिन लोग अपनेेेेे घरों को एक विशेष तरीके से सजाते हैं, और 5 दिनों तक मनाया जाने वाला यह त्योहार धनतेरस के दिन से शुरू होता है। इस दिन लोग अपने घरों में नए बर्तन, सोने-चांदी की वस्तुएं या अन्य सामान लाते हैं।

“लक्ष्मी जी का आपके सिर पर हाथ हो,
मां सरस्वती का सदैव साथ हो,
श्री गणेश का हृदय में निवास हो,
आपके जीवन में सदैव खुशियों का प्रकाश हो।”

ऐसा माना जाता है कि धनतेरस के दिन सामान खरीदने से घर में धन की वृद्धि होती है। दिवाली से 1 दिन पहले छोटी दिवाली होती है। लोग सुबह जल्दी उठते हैं, स्नान करते हैं और सूर्य की पूजा करते हैं। लोग दीपावली के दिन माता लक्ष्मी और श्री गणेश की पूजा करते हैं।

बहने अपने भाइयों की पूजा दीपावली के तीसरे दिन, भाई दूज के दिन करती हैं और उन्हें मिठाई खिलाती हैं। उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं। दिवाली के दिन विभिन्न स्थानों पर रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

आधुनिकता का रूप लेती दीपावली:

जहां आजकल हर त्योहार आधुनिकता का रूप ले रहा है, उसी तरह दिवाली ने वर्तमान स्वरूप को अपनाया है। जहां पहले दिवाली के अवसर पर लोग अपने घरों को मिट्टी के दिए जलाते थे। आज मोमबत्ती और चीनी लाइटों ने उन लैम्प को बदल दिया है। इतना ही नहीं बल्कि दीपावली आज के समय में शानो-शौकत दिखाने का भी त्यौहार बन गई है।

दीपावली के प्रमुख लाभ:

यह त्यौहार आर्थिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण हैं। यहां तक कि छोटे व्यापारियों को भी इस अवसर पर अच्छी आय प्राप्त होती है यह स्वच्छता का प्रतीक भी है। इस अवसर पर सभी लोग अपने घरों को साफ करते हैं, ताकि कोई बीमारियां ना फैले। यह त्यौहार आपसी प्रेम सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक है।

छोटी सोच के कारण दिवाली के नुकसान:

वर्तमान में दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी से पर्यावरण प्रदूषित होता है। विभिन्न प्रकार की लाइटों की सजावट में बिजली की बर्बादी होती है ।लोग सफाई के बहाने बहुत सारा पानी बर्बाद कर देते हैं।

* दीपावली से जुड़ी कहानियां *

भगवान राम की जीत और अयोध्या में वापसी:

हिंदू धर्म के अनुसार या त्योहार श्री रामचंद्र की जीत व अयोध्या लौटनेेेेेेेे की खुशी में मनाया जाता है। इसके अनुसार श्री राम 14 वर्ष के बाद अयोध्या वापस लौटे थे। अयोध्या वासियों ने उनका स्वागत दीप जलाकर किया, तब से दीपों के इस त्यौहार को प्रकाशोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

समुद्र मंथन से देवी लक्ष्मी और कुबेर की अभिव्यक्ति:

दीपावली मनाने के पीछे एक पौराणिक कहानी भी है, कि देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन के समय दूध के सागर से ब्रह्मांड में प्रकट हुई थी। तब से इस त्यौहार को माता लक्ष्मी के जन्मदिन के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई। हिंदू धर्म के लोग अपने घरों में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं।

भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर का वध:

नरकासुर महिलाओं पर अत्याचार करता था। जिसके बाद भगवान कृष्ण ने उसे मार कर सभी महिलाओं की जान बचाई थी। तब से दीपावली का यह पवित्र त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है।

विक्रमादित्य का समझौता:

हिंदुओं के महान राजा विक्रमादित्य को कार्तिक माह की अमावस्या के दिन ताज पहनाया गया था तब से लोगों ने इस त्यौहार को मनाने की परंपरा शुरू की थी।

महर्षि दयानंद का निर्वाण प्राप्त करना:

आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती, जो महान हिंदू सुधारक होने के साथ साथ विद्वान भी थे। यह दिन उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्तिक मास की अमावस्या के दिन निर्वाण प्राप्त किया था।

12 साल बाद हस्तिनापुर लौटे पांडव:

इस दिन पांडव अपने राज्य से 12 साल बाद अपनी राजधानी हस्तिनापुर वापस लौटे थे। जिसके बाद पांडवों के राज्य के लोगों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया और तभी से दीपावली का त्यौहार मनाने की परंपरा चली आ रही है।

महावीर का शरीर त्यागना:

दीपावली के त्यौहार का जैन धर्म के लोगों के लिए भी विशेष महत्व है, कहा जाता है कि वर्धमान महावीर ने इस दिन बिहार के पावपूरी में अपने शरीर को त्याग दिया था।

पर्यावरण के अनुकूल दिवाली:

हम सभी को इस दिवाली को ग्रीन दिवाली के रूप में मनाना चाहिए। इस अवसर को सभी को घर में नए पेड़ लगाने चाहिए तथा तथा पटाखे नहींं जलाने चाहिए। आतिशबाजी से हमें बचना चाहिए क्योंकि इससे होने वाला प्रदूषण हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

“दीयों की रोशनी से झिलमिलाता आंगन हो,
पटाखों की गूंज से आसमान रोशन हो,
ऐसे आये झूम के ये दिवाली,
हर तरफ खुशियों का मौसम।”

निष्कर्ष:

दीपावली का त्यौहार सभी के जीवन में खुशी और नई उमंग लाता है और नया जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करता है। दीपावली का यह त्यौहार प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ मनाया जाना चाहिए। हमें आतिशबाजी नहीं करनी चाहिए, ताकि पर्यावरण प्रदूषित ना हो।

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