मेरा गाँव निबंध हिंदी {रूपरेखा एवं अलग-अलग शब्द सीमा}| Mera Gaon Nibandh In Hindi 2023

मेरा गाँव निबंध हिंदी, भारत गांवों का देश कहा जाता है क्योंकि यहां की आधी से भी ज्यादा जनसंख्या गांव में निवास करती है। गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती है इसलिए हमें गांव में चारों और केवल खेत ही खेत नजर आते हैं। मेरे गांव का वातावरण काफी सुंदर तथा मनोहारी है। यहां चारों तरफ बड़े-बड़े पेड़ तथा जंगल काफी भारी मात्रा में है। शायद यही कारण है कि यहां की वायु बिल्कुल शुद्ध है। यहां किसी प्रकार की कोई प्रदूषित वायु नहीं है।

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EssayToNibandh.com पर आज हम ‘मेरा गाँव निबंध हिंदी’ पढ़ेंगे। जो की अलग अलग शब्द सीमा के आधार पर लिखे गए हैं। आप Mera Gaon Nibandh In Hindi को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें।

मेरा गाँव निबंध हिंदी में को निम्न शब्द सीमा के आधार पर लिखा गया है-

आइये! Mera Gaon Nibandh को अलग अलग शब्द सीमाओं के आधार पर पढ़ें।

नोट- यहां पर दिया गया मेरा गाँव निबंध हिंदी में हिंदी में कक्षा(For Class) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12,(विद्यालय में पढ़ने वाले) विद्यार्थियों के साथ-साथकॉलेज के विद्यार्थियों के लिए भी मान्य हैं।

मेरा गाँव लघु निबंध हिंदी 100 शब्द (My Village Short Essay Hindi 100 Words)

1) मेरा गांव का नाम डलमऊ है।

2) मेरा गांव उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में स्थित है।

3) हम सभी छुट्टियों में गांव घूमने जाते हैं।

4) गांव में हमारा घर सबसे बड़ा है तथा सभी हमारे परिवार की बहुत इज्जत करते हैं।

5) मेरे दादा-दादी जी को गांव का माहौल शहर की अपेक्षा ज्यादा शांतिप्रिय लगता है।

6) गांव में प्राथमिक विद्यालय भी बने हुए हैं तथा उनका वातावरण भी अच्छा है।

7) गांव में हेड पंप के अलावा तालाब, कुएं, बावड़ी इत्यादि देखने को मिलती हैं।

8) मेरे गांव में सभी लोग एक-दूसरे की हमेशा सहायता करते हैं।

9) गांव में बड़े-बड़े लहराते खेत देखने को मिलते हैं।

10) मुझे मेरा गांव बहुत ही अच्छा लगता है तथा मैं वहां बहुत अच्छा अनुभव करता हूं।

जहां सीधे-साधे लोगों का है डेरा,
खुशहाली से भरा वह गांव है मेरा।

मेरा गाँव निबंध हिंदी 150 शब्द (My Village Essay Hindi 150 Words)

मेरा गांव उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में है। मेरे गांव का नाम रामनगर है। मेरे गांव में चारों तरफ हरे-भरे पेड़ हैं।

यहां हर तरफ हरियाली ही हरियाली दिखाई देती है। मेरे गांव के सभी लोगों के पास खेत है और हर साल हमारे खेतों में भारी मात्रा में अनाज का उत्पादन होता है।

माना शहर में तुम्हारा वो,
तरक्की वाला मकान है।
मगर गांव में गरीबों के जीवन में भी,
सुकून और शान है।

मेरे गांव की लगभग 80% जनसंख्या शिक्षित और जागरूक है। मेरे गांव में साक्षरता एवं व्यवस्था दोनों को महत्व दिया जाता है।

यहां घर-घर में शौचालय है। यहां प्रत्येक घर के सभी बच्चे रोज विद्यालय जाते हैं। मेरे गांव में एक अच्छा बड़ा अस्पताल में है। मेरे गांव की नदी एकदम पवित्र तथा स्वच्छ है।

जो गांव का मजा शहर में ढूंढते हैं,
वो जीने का मजा जहर में ढूंढते हैं।

हमारे गांव के लोगों को कभी भी पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। मेरे गांव में मिट्टी के बेहतरीन खिलौनों का निर्माण भी होता है।

हमारे गांव में लोगों के रोजगार के कई साधन है इसलिए हमारा गांव हमेशा खुश रहता है तथा मुझे खुशी है कि मैं एक संपन्न गांव से हूं।

ईश्वर से ही इतनी ताकत पाते हैं,
गांव वाले हर मुसीबतों से लड़ जाते हैं।

मेरा गाँव निबंध हिंदी 200 शब्द (My Village Essay Hindi 200 Words)

गांव एक ऐसी जगह है जहां शहर की तरह प्रदूषण नहीं होता। गांव का वातावरण अत्यंत ही साफ-सुथरा और सुहावना होता है।

जब भी मैं अपने गांव जाता हूं सारी थकान मिट जाती है। वहां मैं खुद को बहुत ही शांत महसूस करता हूं।

कितना भी बड़ा जख्म या घाव हो,
अकेलापन महसूस नहीं होता,
अगर गाँव हो।

गांव में पेड़ों की कमी नहीं है, इसी कारण वहां की वायु शुद्ध है। गांव में कई सारी नदियां, खेत, बाग, वृक्ष तथा मिट्टी के घर देखने को मिल जाते हैं। भारत में तो लगभग 70% से भी ज्यादा आबादी आज भी गांव में निवास करती है।

गांव में दिखती नहीं,
तरक्की की निशानी,
पर यहां की सुबह,
होती है बड़ी सुहानी।

आजकल गांव भी काफी विकास कर रहे हैं। भारत में कृषि तथा खाद्य का मुख्य स्त्रोत गांव ही है। गांव में शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी विकास किया जा रहा है। गांव के लोग काफी ज्यादा मेहनती होते हैं। वह हमेशा एक-दूसरे की मदद करते हैं।

गांव में पैसों से जेब हल्की,
और दिल के बड़े होते हैं,
गैरों की मुसीबत में भी,
अपनों की तरह खड़े होते हैं।

जहां तक मैं अपने गांव के बारे में जानता हूं, वहां सभी के बीच शांति तथा सद्भावना है। गांव में शहर की भांति किसी प्रकार का आपसी संघर्ष नहीं है। सभी गांव वासी सहायक प्रकृति के हैं तथा एक दूसरे के सुख-दुःख में हमेशा शामिल होते हैं।

मेरा गाँव निबंध हिंदी 250 शब्द (My Village Essay Hindi 250 Words)

प्रस्तावना

भारत को गांव का देश कहा जाता है क्योंकि पूरे देश की लगभग 70% जनसंख्या गांवों में निवास करती है तथा 32% जनसंख्या शहरों में निवास करती है।

शहर के बच्चे किताब के पेज में,
पड़े झूले को देख सकते हैं,
मगर गांव के बच्चे उसके झूले में झूल कर,
एक अनमोल खुशी महसूस कर सकते हैं।

गांव का दैनिक जीवन

गांव का जीवन शहर के जीवन से थोड़ा सा भिन्न होता है। मेरे गांव में सभी गांववासी प्रात: काल सूर्योदय होने से पूर्व ही उठ जाते हैं।

वे प्रात: शीघ्र उठकर अपने-अपने कार्य को करना शुरू कर देते हैं। जैसे कि गाय, भैंस को चारा खिलाना, दूध दुहना, खेतों में पानी लगाना, कुएं से पानी लाना, खेतों में काम करना इत्यादि।

उनका सारा दिन यूं ही व्यतीत होता है। फिर शाम को सारा काम खत्म करने के बाद सभी जल्दी घर आ जाते हैं। ग्रामीणों का जीवन काफी सादगी भरा होता है। वह बेहद सीधे-साधे होते हैं।

खींच लाता है गांव में,
बड़े-बड़ों का आशीर्वाद,
लस्सी गुड़ के साथ,
बाजरे की रोटी का स्वाद।

कम सुविधाएं

यह कहना गलत नहीं होगा कि शहरों की अपेक्षा गांव को काफी कम सुविधाएं प्रदान की गई है। मेरे गांव के लोगों को मैंने देखा है वह केवल खेती पर ही निर्भर है। गांव में नौकरियों के अवसर नहीं मिलते हैं, जितने कि शहरों के लोगों को मिलते हैं। मेरे गांव में काफी सुविधाओं की कमी है।

शहरों में कहां मिलता है,
वो सुकून जो गांव में था,
जो माँ की गोदी और,
नीम, पीपल की छांव में था।

गांव में चिकित्सालयों, विद्यालयों तथा कॉलेजों की कमी है। बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए काफी दूर-दूर सफर करना पड़ता है। गांव में बिजली की समस्या का होना भी काफी आम बात है।

इतनी सारी समस्याओं के बाद भी शहरों की अपेक्षा ग्रामीण सुखी है। किंतु यदि सही मायने में हमें देश की उन्नति करनी है, तो हमें हमारे गांव की उन्नति भी करनी होगी।

निष्कर्ष

मेरा गांव काफी सुंदर है तथा यहां सभी लोग मिल-जुलकर रहते हैं। गांव का रहन सहन काफी अलग होता है।

गांव में सुख सुविधा की कमी से गांव का विकास नहीं हो पा रहा है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि देश के प्रत्येक काम में कोई असुविधा ना रहें।

यूं खुद की लाश अपने,
कंधे पर उठाए हैं,
ऐ शहर के वासियों,
हम गांव से आए हैं।

मेरा गाँव निबंध हिंदी 300 शब्द (My Village Essay Hindi 300 Words)

प्रस्तावना

हमारे भारत देश को गांवों का देश भी कहा जाता है। गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती तथा पशुपालन है। गांव के लोगों का जीवन काफी संघर्षपूर्ण है तथा साथ ही यहां लोग काफी मेहनती भी होते हैं।

दिल खुश हो जाता है,
गांव के मेले में
खुशी का पता नहीं,
शहर के झमेले में।

ग्रामीण व्यवसाय

शहरों में तो व्यवसाय के अनेक साधन है परंतु गांव में ऐसा नहीं है। गांव के लोगों के पास बहुत ही कम व्यवसाय होते हैं। और उन्हीं से वह स्वयं के जीवन का निर्वाह करते हैं।

गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती है। इसके अलावा वे पशुपालन, मुर्गी पालन तथा मधुमक्खी पालन भी उनके व्यवसाय है। गांव में बहुत बड़े-बड़े उद्योग नहीं होते मगर गांव में लघु उद्योग निश्चित तौर पर किए जाते हैं।

गांव का सरकार है,
कितना भी तेज चलु पर पांव रुक जाता है,
जब मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा देखूं,
तो सिर्फ झुक जाता है।

ग्रामीण जीवन शैली

मैंने मेरे गांव के लोगों की जीवन शैली को देखा है। ग्रामीण जीवन शैली शहरी जीवन-शैली से काफी भिन्न है।

गांव के लोग सीधे-साधे तथा सच्चे होते हैं वह कभी भी दिखावा नहीं करते। वे सुबह प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व उठ जाते हैं तथा अपना-अपना काम शुरू कर देते हैं।

गांव के लोगों में आपसी सहयोग की भावना काफी होती है। ग्रामीण सदैव एक-दूसरे की हर संभव मदद करते हैं।

वे एक-दूसरे के सुख-दुख में सदैव खड़े होते हैं। वह दिन भर कड़ी मेहनत करते हैं। ताकि उनके खेतों में अनाज अधिक उगे और उनका व्यवसाय खूब तरक्की करें।

ग्रामीण लोग सामान्यतः धोती कुर्ता पहनते हैं तथा महिलाएं साड़ी पहनती है। ग्रामीण सादे जीवन में विश्वास रखते हैं।

ग्रामीण शिक्षा

मैंने मेरे गांव के स्कूलों को देखा है वहां शहरों जैसे बड़े-बड़े स्कूल नहीं होते और ना ही बड़े-बड़े क्लासरूम होते हैं।

मेरे गांव में 2 प्राथमिक विद्यालय हैं जहां पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई हिंदी माध्यम से होती है।

मेरे गांव के सभी बच्चे प्रतिदिन स्कूल जाते हैं तथा मन लगाकर अच्छे से पढ़ाई करते हैं। मेरे गांव में पढ़ाई को काफी महत्व दिया जाता है।

गांव के बच्चे मां बाप की उम्मीदों को रंग लाते हैं,
रुपया कमाने के लिए अपनी जिंदगी भी दांव पर लगाते हैं।

निष्कर्ष

मेरे गांव में काफी विकास हुआ है और भी बहुत कुछ नया होना भी बाकी है। मेरे गांव की जीवन प्रणाली तथा शिक्षा व्यवस्था काफी बेहतर है। मेरे गांव के लोग जागरूक तथा मेहनती है।

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मेरा गाँव निबंध हिंदी 400 शब्द (My Village Essay Hindi 400 Words)

प्रस्तावना

मेरा गांव शहर के शोरगुल से दूर शांति भरा है। यहां की हवाएं ताजी शुद्ध एवं स्वस्थ होती है। मेरे गांव में हर तरफ हरियाली ही हरियाली है। जिसके कारण हर समय ग्रामीणों को शुद्ध ऑक्सीजन मिलती रहती है।

खेती की अधिकता

गांव में व्यवसाय तथा नौकरी के साधन काफी कम होते हैं। अतः यहां के लोग खेती-किसानी को ही अपना मुख्य व्यवसाय मानते हैं।

ग्रामीण खेती करके अपना गुजारा करते है। ग्रामीण काफी परिश्रमी तथा संघर्षशील होते है। वे भारत की उपजाऊ भूमि में खेती बाड़ी करके अनाज का उत्पादन करते है। किसानों के कारण ही आज भारत की देशवासी भूखे पेट नहीं सोते।

गांव में अनपढ़ है,
और रूढ़िवादी है,
मन के भावों को समझ ले,
इतने जज्बाती है।
,

खेतों में पैदावार को और अधिक बढ़ाने के लिए किसान आजकल खेती के लिए नए-नए उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। नए उपकरणों का उपयोग करने से किसानों का काम थोड़ा आसान तो हुआ है।

आजकल किसान सिंचाई के लिए नवीन पद्धति को अपना रहे हैं। नए-नए कीटनाशक दवाओं का उपयोग भी कर रहे हैं। भारतीय किसानों के मेहनत के कारण ही भारत एक कृषि प्रधान देश बन पाया है।

जिंदगी कभी धूप में,
तो कभी छांव में है,
जीवन जीने का असली मजा तो,
मेरे गांव में है।

ग्रामीणों का व्यवहार

मेरे गांव के लोग मन के साफ है। वे दिल से भी बहुत अच्छे हैं। ग्रामीण अतिथियों की मन से सेवा करते हैं। गांव के लोगों का स्वभाव ऐसा होता है कि वह हमेशा सभी की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं।

ग्रामीण बहुत भरोसेमंद होते हैं और वे दूसरों पर भी बहुत जल्दी भरोसा कर लेते हैं। इसलिए कभी-कभी वह बुरे लोगों द्वारा ठगी का शिकार भी हो जाते हैं।

मेरे गांव के सभी लोग धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं और अच्छे तथा बुरे में फर्क करना उन्हें बखूबी आ रहा है। मेरे गांव के लोग देशी कपड़े पहनते हैं तथा पहले की अपेक्षा अब लोगों में शिक्षा की महत्वता को लेकर काफी जागरूकता आई है।

शहर की मक्कारी,
गांव में आने लगी,
सीधे-साधे लोगों को,
ठग कर जाने लगी।

गांव के लोग सभी का सम्मान करते हैं। वह किसी भी अतिथि का अपमान नहीं करते और ना ही शहरी लोगों की तरह उनके अंदर किसी को भी नीचा दिखाने की भावना होती है। गांव तथा ग्रामीण रहन-सहन भारतीय संस्कृति तथा परंपराओं को दर्शाता है।

गांव के विकास हेतु कार्य

गांव में सुविधाओं की काफी कमी है। इसी वजह से गांव के विकास हेतु हमें निम्न कार्य करने चाहिए-

  • गांव में एक सरकारी अस्पताल होना चाहिए जहां सभी की नि:शुल्क चिकित्सा हो पाए।
  • गांव में विद्यालयों की स्थिति को सुधारने की जरूरत है।
  • गांव वालों के आर्थिक तौर पर सहायता एवं सुरक्षा के लिए प्रत्येक गांव में एक बैंक अनिवार्य तौर पर होना चाहिए।
  • ग्रामीणों को सिंचाई तथा बिजली की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।
  • शिक्षा प्रणाली को सुधारने पर जोर देना चाहिए।

दिल खुश हो जाता है,
गांव के मेले में,
खुशी का पता ही नहीं,
शहर के झमेले मैं।

निष्कर्ष

‘गांव’ भारत के विकास की नींव है और यदि किसी मकान की नींव मजबूत बनेगी तभी वह मकान मजबूती से टिक पाएगा। इसलिए हमें गांव के विकास को आगे बढ़ाने में सहयोग देना चाहिए।

मेरा गाँव दीर्घ निबंध हिंदी 500 शब्द (My Village Long Essay Hindi 500 Words)

प्रस्तावना

भारत गांवों का देश कहा जाता है क्योंकि यहां की आधी से भी ज्यादा जनसंख्या गांव में निवास करती है। गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती है इसलिए हमें गांव में चारों और केवल खेत ही खेत नजर आते हैं।

ग्रामीण वातावरण

मेरे गांव का वातावरण काफी सुंदर तथा मनोहारी है। यहां चारों तरफ बड़े-बड़े पेड़ तथा जंगल काफी भारी मात्रा में है। शायद यही कारण है कि यहां की वायु बिल्कुल शुद्ध है। यहां किसी प्रकार की कोई प्रदूषित वायु नहीं है।

बनाकर घरौंदा मिट्टी के,
खेलते पेड़ की छांव में,
बचपन मेरा महक रहा है,
आज भी मेरे गांव में।

गांव में जंगल होने के कारण यहां की सड़कें ज्यादा चौड़ी नहीं है। इस वजह से यहां गाड़ियों का आना जाना काफी कम है।

वाहनों के कम आने-जाने से यहां का वातावरण काफी स्वच्छ रहता है तथा यहां ध्वनि प्रदूषण भी नहीं होता। यहां पक्षियों की मधुर आवाज से पूरा गांव प्रसन्नचित्त रहता है।

यहां की नदियां बिल्कुल साफ-सुथरी होती है तथा नदियों के किनारों पर पेड़-पौधे की हरियाली होने की वजह से आस-पास का वातावरण काफी शुद्ध हो जाता है।

गांव की प्यारी यादों को,
दिल में सजाया करो,
शहर में तरक्की कितनी भी कर लो,
पर गांव अपनों से मिलने आया करो।

यही कारण है कि गांव का पानी शुद्ध रहता है। गांव के लोग पीने के लिए ज्यादातर या तो हैंडपंप के पानी का प्रयोग करते हैं या फिर कुएं का पानी पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं। शहरों की अपेक्षा गांव का वातावरण ज्यादा शुद्ध तथा स्वच्छ रहता है।

गांव का महत्व

गांव के बारे में जितना भी बताया जाए कम ही है। गांव के रहन सहन में काफी अंतर होता है। ग्रामीण किसी भी चीज की मांग अथवा पूर्ति के लिए एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं। ग्रामीण देश की वृद्धि तथा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं।

भारत एक कृषि प्रधान देश है तथा भारतीय अधिकांश रूप से कृषि पर निर्भर है। इसलिए गांव देश के विकास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है।

गांव के बच्चे मां-बाप की,
उम्मीदों को संग लाते हैं,
जब गांव से कम उम्र के,
बच्चे शहर जाते हैं।

गांव की सुंदरता

मेरे गांव में बहुत सारे पेड़ है जिनके कारण पूरे गांव का वातावरण बहुत ही शुद्ध हो जाता है। गांव में लोग आपस में एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर रहते हैं।

तथा एक-दूसरे का सुख-दुख भी बांटते हैं। गांव के सभी लोग पूरे गांव को साफ-सुथरा रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।

गांव में प्रत्येक स्थान पर हरियाली दिखाई देती है। गांव की हरियाली ही गांव की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देती है।

मेरे गांव में काफी सारे कुएँ तथा तालाब भी देखने को मिलते हैं। गांव के लोग पीने के लिए कुएं के पानी का इस्तेमाल करते हैं।

जो लोग शहर की दवा से,
ठीक नहीं हो पाते,
वह अक्सर गांव की हवा से,
ठीक हो जाते हैं।

गांव में खेतों के अलावा बड़े-बड़े बाग़ भी होते हैं जहां आम, नीम, पीपल आदि के पेड़ भी लगे होते हैं।

गांव में हर प्रकार के वृक्ष पाए जाते हैं तथा बहुत सारे फल तथा फूलों के पेड़-पौधे भी गांव की सुंदरता को चार गुना बढ़ा देते हैं।

शिक्षा का महत्व

मेरे गांव में लगभग 30% से भी ज्यादा लोग शिक्षित है और सभी जिम्मेदार तथा जागरूक है। सभी ग्रामीण बच्चों की शिक्षा को लेकर काफी सचेत रहते हैं तथा लोगों को भी शिक्षा के लिए प्रेरित करते हैं।

मेरे गांव के लोग रोज अपने बच्चों को विद्यालय भेजते हैं ताकि बच्चे पढ़-लिखकर एक जिम्मेदार नागरिक बने।

जिंदगी कभी धूप में,
तो कभी छांव में है,
जीवन जीने का असली मजा,
तो गांव में है।

निष्कर्ष

मेरे गांव में वातावरण काफी स्वच्छ है तथा यहां की जलवायु भी बिल्कुल स्वच्छ है। गांव के पेड़-पौधे इसके खेत तथा नदी तालाबों के कारण यहां की सुंदरता काफी ज्यादा है। मेरे गांव के लोग जिम्मेदारी तथा शिक्षित है। यहां सभी ग्रामीण बहुत मेहनती है वे देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।


मेरे प्यारे दोस्तों! मुझे पूरी उम्मीद हैं की मेरे द्वारा लिखा गया मेरा गाँव निबंध हिंदी आपको जरूर पसंद आया होगा।

आप Mera Gaon Nibandh In Hindi को अपने करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों को जरूर शेयर कीजियेगा, जिनको इस निबंध की अति आवश्यकता हो।

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