मेरी माँ पर निबंध {भाषण, कविता एवं अलग-अलग शब्द सीमा}| My Mother Essay In Hindi

मेरी माँ पर निबंध, दुनिया में माँ का स्थान सर्वोपरि होता है। वह हमेशा प्यार तो करती है, साथ ही साथ हमे अनुशासित रहने और सभी के प्रति अच्छे विचार रखने की और उन्हें सम्मान देने की शिक्षा भी देती है। माँ ही है जो अपने बच्चों के लिए सारे दुखों को सहती है और अपनी सारी खुशियां अपने बच्चों पर ही न्योछावर कर देती है।

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मेरी माँ पर निबंध

EssayToNibandh.com पर आज हम ‘मेरी माँ पर निबंध’ पढ़ेंगे। जो की अलग अलग शब्द सीमा के आधार पर लिखे गए हैं। आप My Mother Essay In Hindi को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें।

माँ निबंध को निम्न शब्द सीमा के आधार पर लिखा गया है-

आइये! माँ पर निबंध को अलग अलग शब्द सीमाओं के आधार पर पढ़ें।

नोट- यहां पर दिया गया Meri Maa Essay In Hindi हिंदी में कक्षा(For Class) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12,(विद्यालय में पढ़ने वाले) विद्यार्थियों के साथ-साथकॉलेज के विद्यार्थियों के लिए भी मान्य हैं।

माँ पर निबंध हिंदी में 5 लाइन

  1. मेरी माँ दुनिया की सबसे अच्छी माँ है।
  2. वह रोज सुबह-शाम मुझे बहुत प्यार से खाना खिलाती है।
  3. माँ मुझे रोज अच्छे-अच्छी बातें सिखाती है।
  4. मेरी माँ नौकरी करती है, परिवार भी संभालती है और साथ-ही साथ मेरा बहुत ख्याल भी रखती है।
  5. मेरी माँ मुझे हमेशा प्रेरित करती है और जीवन में आगे बढ़ने की सिख देती है।

जिस के होने से मैं खुद को,
मुकम्मल मानती हूँ,
मेरे रब के बाद,

मैं बस मेरी माँ को जानती हूँ,

मेरी माँ निबंध हिंदी में 10 लाइन

  1. मेरी माँ मुझे बहुत प्यार करती है और हमेशा मेरा बहुत ध्यान रखती है।
  2. मेरी माँ हमेशा मेरे पुरे परिवार का और उनके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखती है।
  3. मेरी माँ नि:स्वार्थ भाव से मेरे सारे काम करती है और मेरी सारी बातें समझती है।
  4. मेरी माँ मेरी बहुत अच्छी दोस्त है और मैं उन्हें अपनी सारी बातें बताती हूँ।
  5. मेरी माँ रोज सुबह जल्दी उठती है ताकि उनका काम समय पर हो जाये।
  6. मेरी माँ रोज मुझे स्कूल से लिए तैयार करती है और मेरे लिए नाश्ता भी बनती है।
  7. मेरी मां मेरा कार्य करने में मदद करती है और मेरे साथ ढेर सारि बातें भी करती है।
  8. मेरी माँ रोज मेरे स्कूल से आने का इंतजार करती है और मुझे खाना भी खिलाती है।
  9. मेरी मां सारा दिन काम करती है और कभी कोई शिकायत भी नहीं करती।
  10. मैं मेरी मां से बहुत प्यार करती हूँ और मुझे मेरी माँ पर बहुत गर्व है।

भगवान हर जगह नहीं हो सकता,
इसलिए उन्होंने मां बनाई है।

मेरी माँ पर छोटा निबंध 150 शब्द (Short Essay On My Mother In Hindi 150 Words)

सभी को जन्म से ही माँ का प्यार-दुलार और स्नेह बहुत मिलता है। माँ के प्रेम के कारण ही हमारे अंदर अटूट आत्मविश्वास आता है।

माँ की गोद में हम हंसना, बोलना, चलना सीखते है। जब हम थोड़ा बड़े होते है तो हमें ज्ञान नहीं होता की क्या अच्छा है और क्या बुरा, परन्तु माँ हमारे हर काम पर हमे सही शिक्षा देती है और हमे सही-गलत में अंतर करना सिखाती है।

यकीनन मेरी मां चट्टान है,
जो मेरे तक आने वाली हर मुश्किल को,
पहले ही रोक लेती है।

हम सभी अपने जीवन की प्रारंभिक शिक्षा अपनी माँ से ही लेते है। वह हमें सही समय पर सही चीजों की जानकारी देती है। माँ हमें हमेशा सच बोलना सिखाती है।

हमेशा ईमानदारी के साथ काम करना सिखाती है। सिर्फ इतना ही नहीं दूसरों को सिखाने की प्रेरणा भी देती है। एक माँ ही अपने बच्चो को शाररिक और मानसिक तौर पर मजबूत बनती है।

माँ के लिए क्या शेर लिखूँ,
माँ ने खुद मुझे शेर बनाया है।

माँ हमेशा बच्चों को प्रेरणादायक कहानी सुनाती है। वह अपने बच्चों में हर उस गुण को डालने का प्रयास करती है, जो आगे चलकर उसे एक आदर्श नागरिक बनाएगा।

बच्चों को जब भी कभी असफलता मिलती है तो माँ उसे समझाती है, प्रयास करो और धैर्य रखो, सफलता जरूर मिलेगी।

माँ हमेश हमारा होंसला बढ़ती है और वास्तव में इस पूरी दुनिया में माँ के जितना फ़िक्र कोई इंसान नहीं कर सकता।

माँ की ममता से बड़ा,
दुनिया में कुछ भी नहीं।

मेरी माँ पर निबंध 200 शब्द (Essay On My Mother In Hindi 200 Words)

हमारे जीवन को दिशा देने में और इसे बेहतर बनाने में सबसे अहम भूमिका हमारी माँ की है। माँ हमारी सभी शरारतों को झेलती है, हमारे सभी कार्यों में हमारी मदद करती है परन्तु फिर भी थकती नहीं है।

हमे स्कूल से छुट्टी हर हफ्ते मिलती है, पापा को भी छुट्टी मिलती है लेकिन हमारी माँ को कभी भी उनके काम से छुट्टी नहीं मिलती वो हमेशा अपना काम करती रहती है।

सख्त रास्तों में भी आसान सफर लगता है,
ये मेरी माँ की
दुआओं का असर लगता है।

दुनिया में ऐसा कोई इंसान नहीं है जो माँ के जितना मेहनत और त्याग कर पाएगा। शायद इसीलिए माँ को करुणा की मूर्ति कहा गया है।

कोई भी माँ अपने बच्चो को कभी भी कष्ट में नहीं देख सकती। वे स्वयं कष्ट सहकर भी अपने बच्चो के सभी कष्टों से दूर रखती है।

कहते है माँ ही बच्चों की प्रथम गुरु होती है। जीवन के पहले गुरु का दर्जा केवल माँ को ही प्राप्त है। माँ की सिखायी हर एक सीख जीवन में बहुत काम आती है। माँ कभी बच्चों को गलत राह पर नहीं जाने देती।

माँ और क्षमा दोनों एक है,
क्योंकि माफ़ करने में दोनों नेक है।

जीवन में चाहे हम कितनी भी सफलता क्यों नहीं हासिल कर ले, लेकिन खुशी हमें तब तक नहीं मिलती जब तक हम अपनी मां के साथ उस खुशी को साझा नहीं कर लेते।

कभी-कभी बच्चे अपने जीवन में अपनी मां के महत्व को नहीं समझ पाते और उनका अपमान भी कर देते हैं।

फिर भी मां कभी कोई शिकायत नहीं करती और जब बच्चे को गलती का एहसास होता है तब वह तुरंत ही उसे माफ कर देती है।

उसके होठों पर कभी बद्दुआ नहीं होती,
एक मां है जो कभी खफा नहीं होती।

मां के कई रूप हैं जैसे- धरती माता, भारत माता आदि। मां सदैव हमें देती ही है, कभी हमसे कुछ नहीं मांगती। हम आज भी मां के त्याग के सही मायने नहीं समझ पाए हैं।

हमें अगर मां के त्याग के कुछ प्रतिशत मायने भी समझ आ जाए तो शायद कभी किसी मां को कोई दुख नहीं होगा। हमेशा अपनी मां का सम्मान करें और उनका ख्याल रखें।

मेरी माँ पर निबंध 250 शब्द (Essay On My Mother In Hindi 250 Words)

हमारी माँ हमेशा हमारा ख्याल रखती है, जिसके कारण वो हमेशा खुद का ख्याल नहीं रख पाती है। वह हमेशा सिर्फ हमारे बारे में सोचती है और हमारे लिए ही प्रार्थना करती है और हमारे ही उज्वल भविष्य की कामना करती है मगर कभी खुद के बारे में नहीं सोचती।

माँ को अच्छा हम जितना भी धन्यवाद दे वह कम है। माँ का आभार व्यक्त करने के लिए एक दिन काफी नहीं है। फिर भी हम उन्हें कुछ अच्छा महसूस कराने के लिए साल में एक दिन ऐसा मानते है जो सिर्फ और सिर्फ उनके लिए होता है वह दिन है मातृ दिवस।

खूबसूरती की इंतेहा बेपनाह देखी,
जब मैंने मुस्कुराती हुई माँ देखी।

यह दिन काफी खास होता है। यह भारत में कुछ वर्षों से मनाया जाता है। यह हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। इस दिन सभी बच्चे अपनी माताओं को उपहार देते है।

बच्चे स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन करते है और इसमें शिक्षकों के द्वारा स्कूल में बच्चों की माताओं को निमंत्रित किया जाता है।

बच्चे कई प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम करते है और अपनी माताओं के लिए कई प्रकार की कविताएं, गीत, और भाषण तथा नृत्य भी प्रस्तुत करते है।

दिल तोड़ना कभी नहीं आया मुझे,
प्यार करना जो सीखा है माँ से।

हमारे जीवन में माँ के योगदान को दर्शाने के लिए पुरे विश्व में मातृ दिवस हर साल मनाया जाता है। एक माँ अपने बच्चों के लिए जितना करती है उतना शायद ही कोई कर पाए।

वह असहनीय कष्ट सहती है तब जाकर अपने बच्चों को जीवन प्रदान करती है। वह अपनी पूरी जिंदगी लगा देती है अपने बच्चों को एक सफल और अच्छा इंसान बनाने के लिए।

माँ अपने बच्चों के चरित्र को और उनके पुरे जीवन को आकार देती है। दुनिया की हर माँ अपने बच्चों के विकास में पूरा योगदान देती है।

जन्नत का हर लम्हा, दीदार किया था,
गोद में उठाकर जब माँ ने प्यार किया था।।

माँ सुबह जल्दी उठती है ताकि घर के सभी काम समय से पहले हो सके। वह पूरा घर संभालती है, बड़ों का ध्यान रखती है, खाना बनाती है, हमारी नहाने में मदद करती है, हमें स्कूल के लिए तैयार करना, नाश्ता बनाना आदि वह अकेले ही सारे काम करती है।

वास्तव में हम मां के रोज के कामों की गणना भी नहीं कर सकते। वह बिना थके सारा दिन हमारे लिए काम करती है ताकि हमें कोई परेशानी ना हो।

इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि मां महान है। उनकी किसी से तुलना नहीं की जा सकती।

कौन सी है वह चीज, जो यहां नहीं मिलती।
सब कुछ मिल जाता है, पर माँ नहीं मिलती।

मेरी माँ पर निबंध 300 शब्द (Essay On My Mother In Hindi 300 Words)

प्रस्तावना

माँ को प्रेम, त्याग की प्रतिमूर्ति माना जाता है। माँ ने हमें न जाने कितने कष्ट को सहकर जन्म दिया है। हमारे लिए सभी के खिलाफ गयी है, सदैव हमारा भला ही चाहती है और कभी हमसे कुछ भी नहीं मांगती।

ऐसा त्याग, ऐसी ममता सिर्फ माँ की होती है। हमारी माँ हमारे जीवन जीने की वजह है। हमारे जीवन में माँ की अहमियत को हम कभी भी नकार नहीं सकते।

उम्र भर ओ माँ तू मोहब्बत से मेरी खिदमत करती रहीं,
अब मैं खिदमत लायक हुआ तो तू चल बसी।

मेरी माँ: मेरी प्रेरणा

मेरी माँ मेरी प्रेरणा है। यूँ तो सभी अपने में किसी ना किसी से प्रेरणा जरूर लेते है, जिन्हें वो अपना आदर्श मानते है। वैसे ही में भी बचपन से अपनी माँ को अपना आदर्श मानता हूँ।

जो काम कोई नहीं कर सकता वो माँ कर देती है। माँ एक साथ कितनी सारी जिम्मेदारियां संभालती है और सभी का ध्यान रखती है।

एक बच्चे की सफलता के पीछे उसकी माँ का हाथ जरूर होता है क्योंकि उस सफलता को प्राप्त करने के लिए एक माँ ही अपने बच्चों को तैयार करती है।

वह सदैव अपने बच्चों को सफल होने की प्रेरणा देती है, उनमें विश्वास जगाती है और लक्ष्य को प्राप्त करने का मार्ग बताती है।

जिस घर में माँ होती है,
वहां सब कुछ सही रहता है।

माँ किसी भी प्रकार का स्वार्थ नहीं रखती। वह सदैव अपने बच्चो से निस्वार्थ भाव से प्रेम करती है और उनके लिए अपनी सारी खुशियां न्योछावर कर देती है।

माँ सदैव अपने बच्चों के लिए त्याग, साहस और मेहनत करती है। माँ बच्चो को हर प्रकार अच्छी शिक्षा प्रदान करती है।

वह अपने बच्चो को सामाजिक व्यवहार सिखाती है, उसे ईमानदार बनाती है और सदैव मेहनत करने की शिक्षा भी प्रदान करती है।

माँ को एक अच्छा शिक्षक, प्रेरक तथा मित्र कहा जाता है। माँ के कारण ही एक मकान, घर बन पता है।

माँ अपने बच्चो को असफलताओं से लड़ना सिखाती है, जिंदगी जीना और सदैव सच्चाई के मार्ग पर चलना सिखाती है। इसलिए मेरे हिसाब से माँ से बड़ा प्रेरणा स्त्रोत पूरी दुनिया में कोई भी नहीं है।

सख्त रातों में भी आसान लगता है,
ये मेरी माँ की दुआओं का असर लगता है।

मेरी प्यारी माँ पर भाषण

  • आदरणीय प्रधानाचार्य जी समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और मेरे प्यारे दोस्तों आप सभी को मेरा नमस्कार।
  • आज मैं सभी को उनके विषय में कुछ बातें बताना चाहूंगा जो हमारे जीवन मैं सर्वोच्च स्थान रखती है।
  • ऐसा प्राणी और कोई नहीं बल्कि हमारी माँ है।
  • जो हमेशा हमसे प्रेम करती है, हमारे सुख-दुःख में हमेशा हमारे साथ देती है और हमारी चिंता हमसे भी अधिक करती है।
  • मेरी माँ ने सिर्फ मुझे जीवन नहीं दिया बल्कि उन्होंने तो मुझे जीवन जीना सिखाया है।
  • वही मेरी मार्गदर्शक, प्रथम शिक्षक और घनिष्ट मित्र है।
  • वे मुझसे अत्यंत प्रेम करती है।
  • उन्होंने सदैव सपनी शिक्षाओं के द्वारा मुझे शाररिक रूप से तथा मानसिक रूप से मजबूत बनाया है।
  • मेरा तो यही मानना है की माँ का स्थान ईश्वर से भी ऊपर है।
  • ईश्वर एक बार हमसे नाराज हो जाए या रूठ जाए तो भी कोई बात नहीं मगर हमारी माँ हमसे कभी भी गुस्सा नहीं होनी चाहिए।
  • हम सभी माँ के उपकारों को नहीं चूका सकते। हमें हमेशा उनका सम्मान करना चाहिए और जितना भी हमसे हो सके उनके लिए करना चाहिए।

निष्कर्ष

कोई कितना भी प्रयास कर ले, माँ के अहसान को कभी नहीं चूका पाएगा। उन्होंने हमें बहुत प्यार दिया है इसलिए हमे भी उन्हें कभी भी कष्ट नहीं देना चाहिए। हमेशा उन्हें प्रसन्न रखने का प्रयास करना चाहिए।

My Mother Essay In Hindi
My Mother Essay In Hindi

मेरी माँ पर निबंध 400 शब्द (Essay On My Mother In Hindi 400 Words)

प्रस्तावना

हमारे जीवन का सबसे अहम व महत्वपूर्ण हिस्सा हमारी माँ होती है। माँ हमे 9 महीने अपने गर्भ में रखकर कितने कष्ट सहने के पश्चात हमे जन्म देती। इसलिए यह हमारा कर्तव्य है की हम ऐसा कोई कार्य न करे जिससे उनका दिल दुखे या फिर उन्हें ठेस पहुंचे।

नाम बहुत है, मतलब वही एक है,
कोई “राम” बुलाता है,
कोई “अल्लाह”,
तो कोई “माँ” बुलाता है,

माँ एक शिक्षक के रूप में

कहा जाता है की बच्चे की पहली शिक्षक उसकी माँ ही होती है और यह कहना गलत भी नहीं है। हम जन्म से ही माँ के आँचल में बड़े होते है।

माँ हमेशा हमे सभी प्रकार की मुसीबतों से बचाकर रखती है और हमारे अच्छे भविष्य और स्वास्थ्य रहने की सदैव कामना करती है।

वह हमें चलना सिखाती है, बात करना सिखाती है, खाना-खाना सिखाती है, जूते पहनना सिखाती है, कपड़े पहनना सिखाती है, ब्रश करना सिखाती है, और सभी आवश्य्क चीज सिखाती है।

जो काम कोई नहीं कर सकता है वह काम सिर्फ माँ ही कर सकती है।

जब बच्चा फेल हो जाता है तो सभी उसे डांटने पर केवल माँ ही है, जो उसे समझती है की अपनी गलतियों से सिख लो और आगे बढ़ो।

वह कभी भी अपने बच्चों के विश्वास को कम नहीं होने देती और हमेशा उसका उत्साह बढ़ती है। माँ अपने बच्चों को शिक्षा तो देती है लेकिन साथ ही साथ उसे अच्छे संस्कार और जीवन जीने का सही तरीका भी सिखाती है।

माँ बच्चे को समाज में रहने के काबिल बनाती है। अच्छा व्यवहार करना सिखाती है। माँ अपने बच्चों को हर प्रकार के दुखों से लड़ने और तकलीफों से निपटने की शक्ति देती है।

संक्षित रूप से कहाँ जाए तो माँ ज्ञान का सागर है। माँ का स्थान सर्वोपरि और सर्वोच्च है।

मेरी माँ पर कविता

घुटनों से रेंगते-रेंगते,
कब पैरों पर खड़ा हुआ,
तेरी ममता की छाँव मैं,
जाने कब बड़ा हुआ…..,
काला टीका दूध मलाई,
आज भी सब-कुछ वैसा है,
मैं ही मैं हूँ हर जगह,
माँ प्यार ये तेरा कैसा है….?
सीधा-साधा, भोला भाला,
मैं ही सबसे अच्छा हूँ,
कितना भी हो जाऊ बड़ा,
तेरे लिए मैं बच्चा हूँ।

माँ पर भाषण

  • आप सभी लोगों का मैं आज इस कार्यक्रम में तहेदिल से स्वागत करता हूँ।
  • आज मैं आप सभी से अपने कुछ विचार साझा करता चाहूंगा।
  • मैं आज अपनी माँ के विषय मैं कुछ शब्द बोलना चाहूंगा।
  • यूँ तो हमारे जीवन मैं कई सारे रिश्ते होते है लेकिन सभी रिश्तों में यदि कोई रिस्ता सबसे ज्यादा खास है तो वह है माँ और बच्चे का रिश्ता। हम चाहे किसी भी समस्या में हो, दुःख में हो यदि हमारी सहायता के लिए कोई व्यक्ति सबसे पहले आगे आता है तो वह है हमारी माँ।
  • वह मुझे कभी यह अहसास तक नहीं होने देती की मैं अकेला हूँ।
  • वह सदैव मेरे साथ होती है। वह मेरे लिए सारा दिन चिंतित रहती है, मेरे उठने लेकर मेरे सोने तक वह मेरे सारे काम करती है।
  • वह हमें जन्म देते समय असहनीय पीड़ा सहन करती है तथा हमारे अच्छे भविष्य की कामना करती है।
  • हमारी हजारों गलतियों के बाद भी वह हमें माफ़ कर देती है और उसकी ममता कभी भी कम नहीं होती।
  • माँ केवल हमारा पालन-पोषण ही नहीं करती बल्कि हमारे जीवन में एक अच्छे शिक्षक और एक विश्वसनीय मित्र की भूमिका भी निभाती है।
  • वह हमारी सारी परेशानी को बिना कहे समझ जाती है।
  • हमारे बीमार होने पर पूरी रात नहीं सोती और हमारा ध्यान रखती है। शायद यही कारण है की हमारे लाख कोशिशों के बाद भी हम माँ के उपकारों की बराबरी नहीं कर सकते।
  • हमें सदैव यह ध्यान रखना चाहिए की हम भूल से भी कभी अपनी माँ का दिल न दुखाऐं क्योंकि उनको दुःख पहुँचाना, ईश्वर को दुःख पहुँचाने से भी बड़ा पाप है।
  • माँ हमेशा जो भी करती है अपने बच्चों की भलाई के लिए करती है और उनके अच्छे भविष्य के लिए करती है इसलिए उन्हें हमेशा खुश रखना हमारी जिम्मेदारी है।

ये लाखो रूपए मिट्टी है,
उसे एक रुपए के सामने,
जो माँ हमे स्कुल जाते समय देती थी।

निष्कर्ष

हमें अपने जीवन में माँ के महत्व को समझना चाहिए और सदैव उन्हें प्रसन्न रखने का प्रयास करना चाहिए। माँ हमारे जीवन में ईश्वर का एक अनमोल उपहार है जिसका हम सभी को आदर करना चाहिए।

मेरी माँ पर बड़ा निबंध 500 शब्द (Long Essay On My Mother In Hindi 500 Words)

प्रस्तावना

दुनिया में माँ का स्थान सर्वोपरि होता है। वह हमेशा प्यार तो करती है, साथ ही साथ हमे अनुशासित रहने और सभी के प्रति अच्छे विचार रखने की और उन्हें सम्मान देने की शिक्षा भी देती है।

माँ ही है जो अपने बच्चों के लिए सारे दुखों को सहती है और अपनी सारी खुशियां अपने बच्चों पर ही न्योछावर कर देती है।

है गरीब मेरी मां फिर भी मेरा ख्याल रखती है,
मेरे लिए रोटी अपने लिए पतीले की खुरचन रखती है।

मेरी माँ मेरी सबसे अच्छी दोस्त

माँ कभी हमारी शिक्षक बनकर हमें ज्ञान देती है तो कभी हमे पापा की डांट से बचाती है। वह हमारे लिए हमेशा अच्छा ही सोचती है। मेरी माँ मेरी सबसे अच्छी मित्र है। जब भी मैं दुखी होता हूँ, तो उन्हें पहले ही पता चल जाता है।

जब भी मुझे किसी प्रकार की समस्या आती है तो मुझसे पहले मेरी माँ उसका सामना करने के लिए तैयार रहती है। मेरी माँ अपनी माँ के फर्ज के साथ-साथ मेरी अच्छी व सच्ची मित्र होने का भी फर्ज निभाती है, वह हमेशा मेरी सारी बातें समझती है।

जब भी कभी निराश होता हूँ तो वह मेरी हिम्मत बढ़ाती है और मुझे फिर से आगे बढ़ने की सिख देती है। पूरी दुनिया भी अगर मेरा साथ ना दे, तब भी मेरी माँ हमेशा मेरे साथ है। माँ जैसी और उससे अच्छी मित्र हमें जीवन में कभी भी नहीं मिल सकती।

पहाड़ों जैसे सदमें झेलती है उम्र भर लेकिन,
एक फौलाद की तकलीफ से मां टूट जाती है।

माँ का महत्व

माँ का जीवन में कितना महत्व है, यह बता पाना सम्भव नहीं है। माँ के महत्व का वर्णन जितना किया जाए कम ही होगा। हम यह सोच भी नहीं सकते की एक माँ कितना कुछ करती है। हम यह जरूर कह सकते है की भगवान भी अपने भक्तों को दुःख और सुख दोनों देता है।

परन्तु पुरे संसार में केवल माँ ही ऐसी है जो अपने बच्चों को केवल और केवल सुख ही देना जानती है। वह अपने बच्चों को कभी भी दुःख नहीं देती है।

शयद यही कारण है की माँ का दर्जा भगवान से भी ऊँचा होता है। इंसान भले ही ईश्वर को ही क्यों ना भूल जाये पर वह अपनी माँ को कभी नहीं भूलता।

जब भी हमें चोट लगती है तो हमेशा हमारे मुँह से सिर्फ एक ही नाम निकलता है और वह नाम होता है माँ, क्योंकि माँ बचपन से हमें बहुत प्यार देती है और हमें सभी मुसीबतों से भी बचती है। इसलिए हमारे मुसीबत के समय भी हमें केवल माँ का नाम ही याद आता है।

आंसू निकले परदेस में,
भीगा मां का प्यार,
दुख ने दुख से बात की,
बिना चिट्ठी बिना तार।

माँ को कितना भी कष्ट क्यों ना हो, कितनी भी परेशानी ही क्यों ना झेलनी पड़े, पर वह कभी भी इन परेशानियों की छाया भी अपने बच्चों पर नहीं पड़ने देती।

वह अकेले सारे कष्ट और तकलीफे सहकर अपने बच्चों को सुख-सुविधा देती है। एक माँ अपने बच्चे के लिए पूरी दुनिया से लड़ सकती है।

बच्चे की पहली शिक्षक भी एक माँ ही होती है। वह बच्चों को सही और गलत में अंतर करना सिखाती है और सारे अच्छे संस्कार अपने बच्चों को देती है।

मेरी माँ पर भाषण

  • आप सभी को मेरा नमस्कार।
  • आज हम सब मातृ दिवस के विशेष अवसर पर एकत्रित हुए है।
  • मैं खुद को बहुत ही ज्यादा सौभग्यशाली मानती हूँ क्योंकि आज मुझे मौका मिला है अपनी माँ के बारे मैं कुछ बोलने का, उनका आभार व्यक्त करने का।
  • एक माँ के गुणों का जितना भी वर्णन करें वह कम ही होगा।
  • एक माँ संतान के लिए अपना पूरा जीवन न्योछावर कर देती है। एक माँ के लिए उनकी संतानों से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं होता है।
  • वह अपने बच्चों से निस्वार्थ भाव से बहुत प्रेम करती है। वह हमेशा हमारे भले के विषय में ही सोचती है।
  • हमारे लिए अगनित त्याग भी करती है, न जाने कितने कष्ट भी सहती है लेकिन फिर भी हमारे प्रति अपने प्रेम को कभी भी कम नहीं होने देती है।
  • वह हमारी प्रथम शिक्षिका होती है, वह हमें बोलना सिखाती है, हमें लिखना-पढ़ना सिखाती है और हमें चलना भी सिखाती है। माँ की सिखायी हर एक चीज हमारे जीवन भर हमारे काम आती है।
  • हमारी हर समस्या को वह अपनी समस्या मानती है और हमें जब तक उस समस्या से बाहर नहीं निकाल देती तब तक वह शांत नहीं बैठती।
  • हमारी माँ हमारे लिए बहुत ही चिंतित रहती है और सदैव हमारे अच्छे के विषय में ही सोचती है।
  • माँ केवल हमे जन्म ही नहीं देती बल्कि हमें पाल-पोसकर बड़ा भी करती है।
  • वह अपने सभी कर्तव्यों का पालन अच्छे से करती है और साथ ही साथ हमारे प्रति अपने कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा से पालन करती है।
  • माँ की डांट में भी सदैव प्रेम होता है। और वह हमें सिर्फ इसलिए डांटती है ताकि हम अपनी गलतियों को समझे और उनसे सिख लेकर एक सफल इंसान बनें।

माँ और क्षमा दोनों एक है,
क्योंकि माफ़ करने में दोनों नेक है।

निष्कर्ष

इस दुनिया में माँ की तुलना किसी से नहीं की जा सकती वह सबसे अलग है। माँ ही ऐसी है जो सदैव हमारी ख़ुशी में दिल से खुश होती है और हमारी तकलीफ से उसे हमसे भी ज्यादा तकलीफ होती है। हमे हमेशा अपनी माँ का सम्मान करना चाहिए और उनका ख्याल रखना चाहिए।


मेरे प्यारे दोस्तों! मुझे पूरी उम्मीद हैं की मेरे द्वारा लिखा गया मेरी माँ निबंध हिंदी में आपको जरूर पसंद आया होगा।

आप My Mother Essay In Hindi को अपने करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों को जरूर शेयर कीजियेगा, जिनको इस निबंध की अति आवश्यकता हो।

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