शिक्षक दिवस पर निबंध 2022 | Teachers Day Essay In Hindi

शिक्षक दिवस पर निबंध: शिक्षक दिवस भारत में हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के मौके पर स्कूलों में तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कई बच्चे इस दिन टीचर बनकर अपने शिक्षकों की भूमिका निभाते हैं। छात्र इस दिन अपने तरीके से शिक्षकों के प्रति अपना प्यार और सम्मान जाहिर करते हैं। शिक्षकों का उनके छात्रों के जीवन में खास महत्व होता है और एक शिक्षक के बिना छात्र के जीवन छात्र का जीवन अधूरा माना जाता है। 

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शिक्षक दिवस पर निबंध

Table of Contents

Short Essay On Teachers Day In Hindi 5 Line

  • भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। क्योंकि इस दिन देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन का जन्म हुआ था, जो कि एक महान शिक्षक थे।
  • शिक्षक दिवस विश्व स्तर पर 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।
  • शिक्षक दिवस के दिन सभी छात्र शिक्षकों को उपहार देते है।
  • स्कूलों तथा कालेजों में यह दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। 
  • इस दिन सभी छात्र अपने शिक्षकों के विषय में अच्छे शब्द बोलकर उनका आभार प्रकट करते हैं। 

देते हैं शिक्षा, शिक्षक हमारे।
नमन चरणों में, गुरु तुम्हारे।
बिना शिक्षा, सूना जीवन है।
शिक्षित जीवन, सदा नवजीवन है।

Essay On Teachers In Hindi 100 Words

कहा जाता है कि शिक्षक का स्थान सर्वोपरि होता है, क्योंकि उन्होंने हमें सदा निस्वार्थ भाव से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। हमें ज्ञान और विज्ञान की जानकारी दी।

शिक्षक द्वारा प्राप्त ज्ञान हमारे साथ जीवन भर रहता है और इसी के दम पर हम सब जीवन में काबिल और एक अच्छे इंसान बन पाते हैं। माता-पिता को हमारा पहला शिक्षक माना गया है। जैसे माता-पिता हमें बोलना सिखाते हैं, चलना सिखाते हैं, वैसे ही शिक्षक हमें भविष्य की चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार करते हैं।

इसीलिए तो कहा गया है-

मां-बाप की मूरत है गुरु,
और इस कलयुग में,
भगवान की सूरत है गुरु।

भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक विद्वान शिक्षक थे। इन्होंने अपने जीवन के अमूल्य 40 वर्ष शिक्षक के रूप में व्यतीत किए।

जब यह राष्ट्रपति बने तो इस खुशी में इनके छात्र और उनके मित्र तथा कुछ सहयोगी इनका जन्म दिवस मनाना चाहते थे। तब उन्होंने कहा कि यदि मेरे जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाए, तो मुझे ज्यादा खुशी होगी।

तब से सभी लोगों ने इनके जन्म दिवस के दिन को शिक्षक दिवस के रूप मे मनाना आरंभ कर दिया। सभी स्कूलों, कालेजों तथा अलग-अलग संस्थाओं में शिक्षक दिवस के कार्यक्रम का आयोजन होता है। छात्र विभिन्न तरह से गुरुओं का सम्मान करते हैं और उन्हें उपहार भी देते हैं।

Teachers Day Essay In Hindi 150 Words

शिक्षक का अर्थ है ‘शिक्षा देने वाला‘ अर्थात जो व्यक्ति हमें शिक्षा देता है हमें सही गलत का ज्ञान कराता है और हमें जीवन में आगे बढ़ना सिखाता है वह शिक्षक कहलाता है।शिक्षक का स्थान ईश्वर के समान माना जाता है माता पिता के बाद केवल शिक्षा किए जो हमेशा हमारा भला चाहते हैं और हमें आदर्श नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु,
गुरुर देवो महेश्वर:।
गुरुर साक्षात परमह्म:,
तस्मै श्री गुरुवे नमः।

अर्थात गुरु ब्रह्मा के समान है, गुरु जी श्री हरि विष्णु के समान है और गुरु ही है जो शिव अर्थात महेश के समान है। कहने का तात्पर्य यह है कि गुरु सभी देवों में श्रेष्ठ परम ब्रह्मा के समान हैं। ऐसे गुरु को हमारा नमन है।

शिक्षक दिवस की धूम पूरे भारत में देखने को मिलती है। इस दिन स्कूल, कॉलेज और इंस्टिट्यूट में पढ़ाई नहीं होती। इस दिन छात्र अपने शिक्षकों का विशेष तरीके से सम्मान करते हैं और उन्हें फूलों का गुलदस्ता, डायरी, पेन, किताब आदि भी देते हैं।

कबीर दास जी ने शिक्षक के महत्व को बताते हुए अपने एक दोहे में कहा की-

लिखनी सब बनराय।
सात समुन्दर को मसि करूं,
गुरु गुण लिखा न जाए।

कुछ बच्चे अपने प्रिय शिक्षक की तरह अभिनय करके भी दिखाते हैं। कुछ छात्र शिक्षकों के सम्मान में नाटक, नृत्य तथा गीत प्रस्तुत करते हैं और कुछ छात्र भाषण, कविता तथा शायरी प्रस्तुत करते हैं।

शिक्षकों के गुण को जितना भी बताओ वह कम ही लगेगा। शिक्षकों के बारे में कबीरदास जी कहते हैं, कि “शिक्षक से सच्चा और अच्छा कोई सलाहकार नहीं होता है।”

Shikshak Diwas Par Nibandh 200 Words

कहा जाता है कि किसी की तुलना अध्यापन से नहीं की जा सकती। यह दुनिया का सबसे नेक कार्य है। पूरे भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में इस दिन के मायने अवर्णनीय है।

शिक्षकों को सम्मान देने और डॉक्टर राधाकृष्णन को जन्म दिवस को याद करने के लिए हर साल या दिन मनाया जाता है। देश के विकास और समाज में हमारे शिक्षकों के योगदान के साथ ही अध्यापक पेशे की महानता को उल्लेखित करने के लिए हमारे पूर्व राष्ट्रपति के जन्मदिवस को समर्पित किया गया है। 

तुमने सिखाया,
उंगली पकड़कर चलना।
तुमने सिखाया,

कैसे गिर कर संभलना।
तुम्हारी वजह से आज हम,

पहुंचे इस मुकाम पर।
आज शिक्षक दिवस के दिन,

करते हैं आपका आभार हम।

गुरु शिष्य की परंपरा को देखते हुए दुनिया के दूसरे देशों ने शिक्षकों के सम्मान के लिए विशेष शिक्षक दिवस मनाने शुरू किए। भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, वही अलग-अलग देशों में इस दिन को मनाने की तारीख अलग-अलग है।

जैसे- भारत पर हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यूनेस्को में 5 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस घोषित किया गया और 5 अक्टूबर 1994 से ही इसे मनाया जा रहा है। 

शिक्षकों के प्रति सहयोग को बढ़ावा देने और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए, और शिक्षकों के महत्व के प्रति जागरूकता लाने के मकसद से इसकी शुरुआत की गई थी। 

गुरु बिन ज्ञान कहां,
उसके ज्ञान का आदि ना अंत यहां।
गुरु ने दी शिक्षा जहां,

उठी शिष्टाचार कि धूम वहां।

चीन ने 1931 में नेशनल सेंट्रल यूनिवर्सिटी में शिक्षक दिवस की शुरुआत की थी। सरकार ने 1932 में इसे स्वीकारा बाद में 1939 में कन्फ्यूशियस के जन्म दिवस 27 अगस्त को शिक्षक दिवस घोषित किया गया, लेकिन 1951 में इस घोषणा को वापस ले लिया गया। इसके बाद 1985 में 10 सितंबर को शिक्षक दिवस घोषित किया गया।

अमेरिका में मई के पहले पूर्ण सप्ताह के मंगलवार को शिक्षक दिवस घोषित किया गया। रूस में 1565 में 1965 से 1994 तक अक्टूबर माह के पहले रविवार को यह दिवस मनाया जाता है, मगर 1994 से 5 अक्टूबर को शिक्षक दिवस मनाया जाने लगा।

ऐसे ही थाईलैंड में 16 जनवरी को, ईरान में 2 मई को, तुर्की में 24 नवंबर को और मलेशिया में 16 मई को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

Teachers Day Essay In Hindi
Teachers Day Essay In Hindi

Shikshak Din Nibandh 250 Words

प्रस्तावना

शिक्षक दिवस भारत में हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के मौके पर स्कूलों में तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कई बच्चे इस दिन टीचर बनकर अपने शिक्षकों की भूमिका निभाते हैं। छात्र इस दिन अपने तरीके से शिक्षकों के प्रति अपना प्यार और सम्मान जाहिर करते हैं। शिक्षकों का उनके छात्रों के जीवन में खास महत्व होता है और एक शिक्षक के बिना छात्र के जीवन छात्र का जीवन अधूरा माना जाता है। 

ले गए आप इस स्कूल को,
उस मुकाम पर।
गर्व से उठते हैं हमारे सर,

हम रहे ना रहे कल।
याद आएंगे आपके साथ,

बिताए हुए हर पल।
हमें आपकी जरूरत,

रहेगी हर पल।

शिक्षक दिवस का इतिहास

बच्चों को जिम्मेदार तथा आदर्श नागरिक बनाने में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। डॉक्टर राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे, इनका जन्म दिवस 5 सितंबर को हुआ था।

इनके कुछ दोस्त और विद्यार्थियों ने इनके जन्मदिन को मनाने का सोचा और इनसे इनके जन्म दिवस मनाने का आग्रह किया। उन्होंने सभी को कहा कि आप सब मेरे जन्मदिन को मनाना चाहते हैं, यह बहुत खुशी की बात है।

लेकिन अगर आप मेरे इस खास दिन को शिक्षकों द्वारा किए गए शिक्षा के क्षेत्र में योगदान, समर्पण और उनकी मेहनत को सम्मानित करते हुए मनाए, तो मुझे और ज्यादा प्रसन्नता होगी।

उनकी इस इच्छा को ध्यान में रखते हुए, 1962 से हर साल पर 5 सितंबर को पूरे भारत में लोग इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं।

शिक्षक दिवस पर कविता

सर को कैसे याद
सर को कैसे याद पहाड़े?
सर को कैसे याद गणित?
यह सोचती है दीपाली।
यही सोचता है सुमित।
सर को याद पूरी भूगोल?
कैसे पता कि पृथ्वी गोल?
मोटी किताबों को वो पढ़ जाते।
हम तो थोड़े में थक जाते।
तभी बोला यह गोपाल,
जिसके बड़े-बड़े है बाल।
सर भी कभी तो कच्चे थे,
हम जैसे ही बच्चे थे।

शिक्षक दिवस की धूम पूरे भारत में देखने को मिलती है। माता-पिता के बाद गुरु ही होते हैं, जो आपको सही मार्ग दिखाते हैं और उस मार्ग पर चलकर सफलता प्राप्त करने का तरीका भी बताते हैं।

छात्रों द्वारा शिक्षकों को गिफ्ट देना तथा भाषण और कविता द्वारा उनका मनोरंजन करना, उनके सम्मान में एक छोटी सी कोशिश है।

भारत का प्रथम शिक्षक दिवस

1962 में पहली बार 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया गया। तब से हम हर साल इसी दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते आ रहे है। डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान शिक्षक थे। इन्होंने अपने जीवन के 40 वर्ष अध्यापन के लिए दिए।

यह विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों के योगदान और भूमिका के महत्व को जानते थे। यह आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवार से थे, लेकिन पढ़ाई में इनकी बहुत रूचि थी। 1961 में इन्हें जर्मनी के पुस्तक प्रकाशन द्वारा ‘विश्व शांति पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया।

आपने बनाया है,
मुझे इस योग्य।
की प्राप्त करूं,

मैं अपना लक्ष्य।
दिया है हर समय,

आपने सहारा।
जब भी लगा मुझे,

कि मैं हारा।

निष्कर्ष

देश में रहने वाले नागरिकों के भविष्य निर्माण के द्वारा शिक्षक राष्ट्र निर्माण का कार्य करते हैं, फिर समाज में कोई भी शिक्षकों और उनके योगदान के बारे में नहीं सोचता था। लेकिन राधाकृष्णन जी के कारण ही शिक्षक उस सम्मान को प्राप्त कर सके हैं, जिनके वो अधिकारी हैं।

Teachers Day Essay In Hindi 300 Words

प्रस्तावना

हर वर्ष 5 सितंबर को, निस्वार्थ भाव से सभी छात्रों को शिक्षा देने वाले शिक्षकों को उनके बहुमूल्य कार्य को सम्मान देने के लिए, शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

हमारे शिक्षक हमें शैक्षणिक दृष्टि से बेहतर बनाते हैं और साथ ही हमारे ज्ञान, विश्वास स्तर को बढ़ाकर नैतिक रूप से भी हमें अच्छा बनाते हैं। हम जीवन में कभी भी असफल ना हो, इसलिए सदैव शिक्षक हमें हर कार्य को सफलतापूर्वक करने की और असंभव को भी संभव बनाने की प्रेरणा देते हैं। 

गुरु का महत्व कभी ना होगा कम,
भले कर ले कितनी भी उन्नति हम।
वैसे तो इंटरनेट पर हर प्रकार का ज्ञान,
पर अच्छे बुरे की नहीं है उसे पहचान।

शिक्षक दिवस का आयोजन

पूरे भारत भर में शिक्षक दिवस का कार्यक्रम बड़ी उत्साह तथा धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन विद्यार्थि द्वारा अपने पसंदीदा शिक्षकों की वेशभूषा धारण करके उनके प्रति सम्मान प्रकट करते हैं और उनका अनुसरण करते हैं।

उत्सव छोटे तथा बड़े सभी विद्यार्थियों के लिए काफी मजेदार का रोमांचक होता है। आज के दिन सभी छात्र बहुत सारी गतिविधियों में हिस्सा भी लेते हैं।  इस उत्सव के दौरान बड़े छात्र इस बात का ख्याल रखते हैं, कि छोटे छात्रों या अन्य किसी छात्र के द्वारा विद्यालय का अनुशासन ना तोड़ा जाए।

इस उत्सव में विद्यालय में बच्चे बेस्ट ड्रेस तथा रोल प्ले जैसे कार्यक्रमों में भी भाग लेते हैं। इसके अलावा अन्य कई तरह के कार्यक्रम जैसे- नाटकों का मंचन, भाषण प्रतियोगिता आदि के द्वारा शिक्षकों का मनोरंजन करते हैं।

इस दिन सभी शिक्षक अपने छात्रों द्वारा उपहार पाकर बड़ी प्रसन्नता का अनुभव करते हैं।

शिक्षक दिवस पर कविता

गुरु आपकी यह अमृतवाणी

गुरु आपकी यह अमृतवाणी,
हमेशा मुझको याद रहे।
जो अच्छा है, जो बुरा है,
उसकी हम पहचान करें।
मार्ग मिले चाहे जैसा भी,
उसका हम सम्मान करें।
आग जले या अंगारे हो,
पाठ तुम्हारा याद करें।
अच्छाई और बुराई का,
जब भी हम चुनाव करें।
गुरु आपकी यह अमृतवाणी,
हमेशा मुझको याद रहे।

शिक्षक दिवस पर भाषण

  • आदरणीय प्रधानाचार्य जी समस्त शिक्षकों और मेरे प्यारे दोस्तों, आप सभी को मेरा नमस्कार।
  • आज हम यहां शिक्षक दिवस के इस महान उत्सव को मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं।
  • यह वह दिन है जो हमें अपने शिक्षक के प्रति आभार व्यक्त करने और उन्हें सम्मान प्रदान करने का अवसर देता है।
  • 5 सितंबर को हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन जी की जयंती मनाई जाती है। वे ना केवल एक राजनीतिज्ञ बल्कि एक सच्चे अर्थों में शिक्षक भी थे।
  • शिक्षक ना केवल ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व को भी आकार देते हैं। 
  • शिक्षक बच्चों को सपने देखना सिखाते हैं और उनके लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उनका मार्गदर्शन भी करते हैं।
  • शिक्षक वो है जो के लिए जो शिक्षा की गुणवत्ता को समझते हैं और इसे और बेहतर बनाने की दिशा में अथक प्रयास करते हैं। इसलिए यह प्रेरणा के स्त्रोत कहलाते हैं।
  • मैं उन सभी शिक्षकों को, जिन्होंने मुझे पढ़ाया मेरा मार्गदर्शन किया और मेरा साथ दिया जब मुझे उनकी आवश्यकता थी, मैं उन सभी का धन्यवाद करती हूं।
  • मैं शिक्षकों की जितनी भी तारीफ करूं कम ही होगी, फिर भी अंत में मैं यह कहना चाहती हूं कि, “शिक्षक एक कंपास है जो विद्यार्थियों में जिज्ञासा ज्ञान और आत्म स्वास्थ्य चुंबक को सक्रिय रखते हैं।” 

धरती कहती,
अंबर कहता,
बस यही तराना।
गुरु वह पावन नूर है,
जिसे रोशन हुआ जमाना।

सर्वप्रथम शिक्षक दिवस कहां मनाया गया

15 अक्टूबर 1827 के दिन रेडो फर्स्ट में ब्राजील में प्राथमिक स्कूलों की स्थापना संबंधी आदेश दिया था, इसी दिन की याद में साओ पौलो के एक छोटे से स्कूल के कुछ शिक्षकों ने 15 अक्टूबर 1947 को पहली बार शिक्षक दिवस का आयोजन किया था। धीरे-धीरे करके पूरे देश में शिक्षक दिवस मनाया जाने लगा और 1963 में आधिकारिक रूप से इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मान्यता दे दी गई। 

निष्कर्ष

शिक्षक दिवस मनाने का केवल एक ही कारण है और वह है शिक्षकों को उनकी मेहनत के लिए सम्मान देना। देश के विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है, इसलिए इस शिक्षा को लोगों तक पहुंचाने वाले शिक्षकों की भूमिका की तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती है।

इस दिवस को पूरा विश्व मनाता है, वह अलग बात है कि तारीख 1 नहीं है। पर इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सभी देशों का एक ही है। इस दिवस के कारण छात्र और शिक्षक के रिश्ते में मजबूती आती है और वाकई यह दिन छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए एक विशेष दिन होता है।

Teachers Day Nibandh In Hindi 400 Words

प्रस्तावना

ना केवल भारत में बल्कि विश्व के अधिकांश देशों में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। दुनिया के अलग-अलग देशों ने इस दिवस को मनाने के लिए अलग-अलग तारीख निर्धारित की है।

हमारे भारत देश में 5 सितंबर को हर साल शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यूनेस्को ने साल 1994 में 5 अक्टूबर को शिक्षक दिवस मनाने की घोषणा की थी। यह एक ऐसा दिन है जब शिक्षा के जरिए नई पीढ़ी को ज्ञान स्थानांतरित करने वालों को सम्मान प्रदान किया जाता है।

कुछ देशों में शिक्षक दिवस वाले दिन अवकाश रहता है, तो कुछ देशों में इस दिन रोजमर्रा की तरह ही कामकाजी दिन रहता है। 

गुमनामी के अंधेरे में था,
पहचान बना दिया।
दुनिया के गम से मुझे,
अनजान बना दिया।
उनकी ऐसी कृपा हुई,
गुरु ने मुझे एक,
अच्छा इंसान बना दिया।

शिक्षक दिवस पर भाषण

  • जैसा कि आप सभी जानते हैं कि भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है, क्योंकि इस दिन भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती होती है।
  • ये एक उत्कृष्ट शिक्षक थे। इनका मानना था, कि शिक्षकों को भी वही सम्मान प्राप्त होना चाहिए जो कि देश के एक नेता को मिलता है। क्योंकि शिक्षक जो भविष्य के निर्माता होते हैं, वही यह तय करते हैं कि आने वाली पीढ़ी कैसी होगी।
  • इन्हीं महान नेता व शिक्षक को सम्मानित करने के लिए, सन 1962 से आज तक हम हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाते है।
  • इन्होंने हमारे देेश के लाखों लोगों को प्रेरित किया हैं। शिक्षक छात्रों के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 
  • कोई भी छात्र शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना एक महान छात्र नहीं बन सकता।
  • शिक्षक ही है जो हम में ज्ञान की ज्योति जलाते हैं और हमें अपने आप पर विश्वावास करना सिखाते है।
  • हम कभी भी अपने शिक्षकों का शुक्रिया अदा नहीं कर पाते, हम अपने जीवन में अपने शिक्षको के महत्व को महसूस नहीं कर पाते।
  • शिक्षक हमें एक अच्छा इंसान बनाते। हम आज जो भी हैं वह केवल शिक्षक के मार्गदर्शन केे कारण ही है।
  • जब हम अपने आप में विश्वास नहीं करते थे, हम मंच पर जाने से भी भयभीत हो जाते थे, तब केवल शिक्षक ही थे जो हमारा स्वयं से विश्वास उठने नहीं देते थे और हमेशा हमें प्रोत्साहित करते रहते थे।
  • हमें सभी कार्यों में अव्वल आने की प्रेरणा केवल शिक्षक की देते है।
  • आज मैं इस शिक्षक दिवस के अवसर पर आप सभी को धन्यवाद देती हूं। मैं सदैव आपकी आभारी रहूंगी।

शिक्षक दिवस पर कविता

आदर्शों की मिसाल बनकर

आदर्शों की मिसाल बनकर,
बाल जीवन संवारता शिक्षक।
सदाबहार फूल सा खिलकर,
महकता और महकाता शिक्षक।
नित नए प्रेरक आयाम लेकर,
हर पल भव्य बनाता शिक्षक।
संचित ज्ञान का धन हमें देकर,
खुशियां को मनाता शिक्षक।
पाप व लालच से न डरने की,
खुशियां खूब मनाता शिक्षक।
देश के लिए मर मिटने की,
धार्मिक सीख सिखाता शिक्षक।
प्रकाश पुंज का आधार बनकर,
कर्तव्य अपना निभाता शिक्षक,
प्रेम-संहिता की बनकर धारा,
नैया पार लगाता शिक्षक।

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस की शुरुआत

यूनेस्को ने 5 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस घोषित किया था। 1994 से हर साल इस दिन शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

शिक्षकों के प्रति सहयोग को बढ़ावा देने के लिए और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शिक्षकों के महत्व के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से इस विशिष्ट दिन की शुरुआत की गई थी।

आज विश्व भर के लगभग 100 देशों में यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन स्कूल, कॉलेज अपने अध्यापकों तथा गुरुओं के सम्मान में अनेक प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 

सही क्या है? गलत क्या है?
यह सबक, पढ़ाते हैं आप।
झूठ क्या है? सच क्या है?
यह बात समझाते हैं आप।
जब सूझता नहीं कुछ भी,
राहों को सरल बनाते हैं आप।

अलग-अलग देशों में टीचर्स-डे कब मनाया जाता है?

  • भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
  • यूएसए में मई के पहले सप्ताह के मंगलवार को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
  • थाईलैंड में हर वर्ष 16 जनवरी को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
  • इरान में 2 मई को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
  • टर्कि में 4 नवंबर को टीचर्स डे मनाया जाता है।
  • मलेशिया में शिक्षक दिवस को ‘हरि गुरु’ के नाम से जाना जाता है। वहां 16 मई को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। 
  • चाइना में 10 सितंबर को टीचर्स डे मनाया जाता है।
  • रसिया (रूस) में 1965 से 1994 तक अक्टूबर के पहले रविवार को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है।
  • वर्ष 1994 में यूनेस्को के द्वारा विश्व शिक्षक दिवस घोषित होने के बाद 5 अक्टूबर को शिक्षक दिवस मनाया जाने लगा।

निष्कर्ष

शिक्षक सभी छात्रों के लिए आदर्शों की मिसाल हैं और उनका जीवन संवारते हैं। उनके पास जितना भी ज्ञान होता है, वह ज्ञान वह अपने छात्रों में बांट देते हैं। ताकि उनका भविष्य भी सफल व सुंदर बन सके। इसलिए हमें सदैव अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए और उन्हें आदर देना चाहिए।

Shikshak Diwas Par Nibandh 500 Words

प्रस्तावना

शिक्षक दिवस भारत में हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन पूरे देश भर के विद्यालय अपने-अपने विद्यालय को सजाते हैं और शिक्षकों के सम्मान में विशेष प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन भी करते हैं।

इन कार्यक्रमों की तैयारी सभी छात्र मिलकर अपने शिक्षकों के लिए करते हैं, ताकि उनका आभार व्यक्त किया जा सके। इस दिन सभी बच्चों को स्कूल में पढ़ाया नहीं जाता, उन्हें केवल इस समारोह में शामिल होने और इनका आनंद लेने के लिए बुलाया जाता है।

शिक्षक दिवस पर कविता

आज सुधा की पावन घड़ी का

आज सुधा की पावन घड़ी का,
मान बढ़ाते हैं शिक्षक।
वैदिक काल से चली ज्ञान का,
भान कराते हैं शिक्षक।
क ख ग से A to Z का,
ज्ञान कराते हैं शिक्षक।
अपनी शिक्षा के द्वारा एक,
अच्छा इंसान बनाते हैं शिक्षक।
बाल्यकाल से जीवन पर्यंत तक,
साथ निभाते हैं शिक्षक।
जीवन पथ पर सही गलत की,
राह दिखाते हैं शिक्षक।
हर कठिनाई में सलाह दिए,
हर मुश्किल में खड़े हैं शिक्षक।
शिक्षक की महिमा है अनंत,
ईश्वर से भी बड़े हैं यह शिक्षक।
शिक्षक के शिक्षण मात्र द्वारा,
यह फूल खिलखिलाया है।
ऐसे शिक्षकों को शत शत नमन,
शत शत नमन।

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत में शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा हुई थी, यह भारत के द्वितीय राष्ट्रपति थे। लेकिन राष्ट्रपति बनने से पहले 40 वर्ष उन्होंने शिक्षक के रूप में व्यतीत किए हैं।

इनके छात्र तथा सभी देशवासी इनसे अत्यंत प्रेम करते थे, इसलिए उनके जन्मदिवस के लोगों ने उनसे कहा कि वह इनका जन्म दिवस मनाना चाहते हैं।

तब डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने कहा कि मैंने अपने जीवन काल के 40 वर्ष शिक्षण कार्य में समर्पित किए हैं, इसलिए मैं चाहता हूं कि आप मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय इस दिन को शिक्षक दिवस के रुप में मनाए।

तब से इनके जन्मदिन की तारीख को हर साल शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रत्येक वर्ष 5 सितम्बर को  राधाकृष्णन जी की को याद करने के लिए मनाया जाता है।

इन्हें इस बात का गर्व  था कि लोग उनसे इतना प्रेम करते हैं और उनके जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मना रहे हैं।

राधाकृष्णन जी भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद् और महान दार्शनिक थे। इन्हें 27 बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किए किया गया था और 1954 में उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था।

अज्ञानता को दूर करके,
ज्ञान की ज्योत जलाई है,
गुरुवर के चरणों में रहकर,
हमने शिक्षा पाई है।
गलत राह पर भटके जब हम,
तो गुरुवर ने राह दिखाई है।

भारत में कैसे मनाया जाता है शिक्षक दिवस?

स्कूल कॉलेज या फिर इंस्टिट्यूट में शिक्षक दिवस के दिन पढ़ाई नहीं होती। इस दिन सभी छात्र शिक्षकों का सम्मान करते हैं और उन्हें फूलों का गुलदस्ता, डायरी आदि कई प्रकार के उपहार भी देते हैं। 

कई बच्चे अपने शिक्षकों जैसे कपड़े पहन कर उनका अभिनय करके उनका मनोरंजन करते हैं और कुछ उनके विषय में कविता लिखकर या फिर गाना गाकर या फिर शायरी कहकर उनके प्रति अपना प्रेम भाव व्यक्त करते हैं।

बच्चे अपने शिक्षक के लिए नाटक तथा नृत्य के कार्यक्रमों का भी आयोजन करते हैं। सभी बच्चे अपनी अपनी कक्षा को सजाते हैं। कॉलेज तथा इंस्टिट्यूट में भी बच्चे अपने शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर ढेर सारी बधाइयां देते हैं और उन्हें उपहार भी देते हैं।

उनके लिए सभी बच्चे भाषण भी तैयार करते हैं और उनके लिए शायरी भी बोलते हैं। सभी बच्चे अपने शिक्षकों का दिल से धन्यवाद करते हैं।

शिक्षक दिवस पर भाषण

  • मैं यहां उपस्थित सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्य जी को शिक्षक दिवस की बहुत-बहुत बधाइयां देती हूँ।
  • आज का दिन हम सभी छात्रों के लिए बहुत ही विशेष है, क्योंकि आज हमें उनके विषय में कुछ कहने का, उन्हें सम्मान देने का तथा उनके बारे में अपने विचारों को व्यक्त करने का अवसर पाते हैं, जो हमारे जीवन को सफल बनाने की आधारशिला है। वह और कोई नहीं बल्कि शिक्षक हैं।
  • आज के दिन पूरे देश के छात्र अपने शिक्षकों का सम्मान करते हैं और उनका आभार व्यक्त करते हैं।
  • यह सर्वविदित है कि डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, जो कि भारत के लिए द्वितीय राष्ट्रपति और शिक्षक के रूप में विख्यात थे।
  • यह दिन विशेष और महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को मान्यता देने के लिए हम उनके जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाकर उन्हें सम्मानित करते है। 
  • शिक्षक और छात्र के बीच का संबंध बहुत ही नि:स्वार्थ व पवित्र होता है। शिक्षक और छात्र का संबंध रक्त बाध्य नहीं है, फिर भी शिक्षक सदैव आपने छात्र की उपलब्धियों और कामयाबी पर गर्व महसूस करते हैं।
  • वह वास्तव में अपने छात्रों द्वारा प्राप्त हर छोटी बड़ी उपलब्धियों को सुनकर प्रसन्न होते हैं और उन्हें दिल से आशीर्वाद देते हैं।
  • शिक्षकों का निरंतर प्रयास ही है जो एक विद्यार्थी को सफल व समृद्ध बनाता है।
  • एक शिक्षक की महानता दुनिया मे उनके छात्रों के द्वारा पहचानती हैं।
  • केवल एक शिक्षक की है, जो एक कमजोर से कमजोर छात्र को भी अपने प्रयासों से अव्वल दर्जे का छात्र बना सकता है।
  • मैं आप सभी शिक्षकों को धन्यवाद देना चाहती हूँ, क्योंकि आप ही हैं जिन्होंने हमें हमारे जीवन के उद्देश्य से अवगत कराया। हमें सोचने समझने के काबिल बनाया और हमें सही गलत का ज्ञान कराया।
  • आपने हमारे लिए जितना भी किया वह हम  चुका तो नहीं सकते परंतु आपके प्रयासों के लिए आपका आभार अवश्य ही व्यक्त कर सकते हैं।
  • हम आपसे अच्छे छात्र होने का वादा करते हैं और हम आपको विश्वास दिलाते हैं, कि आप कि सीखो को हम सदैव याद रखेंगे।

अक्षर-अक्षर हमें सिखाते,
शब्द-शब्द का अर्थ बताते।
कभी प्यार से कभी डांट से,
जीवन जीना हमें सिखाते।

शिक्षक दिवस का महत्व

शिक्षक दिवस बहुत ही महत्वपूर्ण और विशेष दिवस है। यह वह दिवस है, जब हम अपने गुरुओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने हमारे अच्छे भविष्य के लिए जितने भी प्रयास किए हैं, उन प्रयासों के लिए हम उन का धन्यवाद करते हैं।

एक शिक्षक का कार्य विश्व के सबसे कठिन कार्य में से एक है, क्योंकि उनके ऊपर देश के भविष्य यानी आने वाली पीढ़ी की जिम्मेदारी होती है। शिक्षक उन्हें शिक्षा, दीक्षा देकर इस काबिल बनाते हैं कि वे देश के भविष्य को सुधार सके।

एक शिक्षक के कार्यभार में एक पूरी कक्षा के बच्चे होते हैं और सभी विद्यार्थी एक दूसरे से अलग होते हैं, इसलिए उन्हें एक साथ रखकर शिक्षा ग्रहण करवाना अत्यंत ही कठिन कार्य हो जाता है।

जो बनाए हमें इंसान,
और दे सही-गलत की पहचान।
देश के उन निर्माताओं को हम,
करते हैं शत-शत प्रणाम।

एक कक्षा के सभी विद्यार्थियों की अपनी-अपनी रुचि व क्षमता होती है। कुछ गणित में तेज होते हैं, तो कुछ अंग्रेजी या कुछ हिंदी में या फिर अन्य किसी खेलकूद के विषय में।

ऐसे ही अलग-अलग विद्यार्थियों की खूबियां परखकर उनकी रुचि के अनुसार उनका लक्ष्य तय करवाना, केवल एक अच्छा शिक्षक ही कर सकता है। एक अच्छे शिक्षक अपने विद्यार्थियों की रुचि को समझते हैं, उनकी क्षमताओं के अनुसार उनके कार्य पर ध्यान देते हैं और उनके कौशल को निखारते हैं।

इसके साथ ही वे इस बात का भी वह ध्यान देते हैं, कि उनकी दूसरी गतिविधियों या विषय पर कोई प्रभाव ना पड़े। यही कारण है कि हम हर साल 5 सितंबर के दिन शिक्षक दिवस मनाते हैं। ताकि हम उनका सम्मान कर सके और उनका आभार प्रकट कर सके।

निष्कर्ष

भारत में शिक्षक दिवस, शिक्षकों के सम्मान में मनाया जाता है। शिक्षक हमें में सफलता के रास्ते पर भेजने के लिए सदैव प्रयासरत रहते हैं, इसलिए हमें उनका सम्मान करना चाहिए। देश के अच्छे भविष्य के लिए शिक्षकों का योगदान अत्यंत ही महत्वपूर्ण है, शायद इसीलिए कहा गया है –

“शिक्षक है युग के निर्माता,
छात्र राष्ट्र के भाग्य विधाता।”

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