बाल दिवस पर निबंध {लघु-दीर्घ निबंध, रूपरेखा एवं अलग-अलग शब्द सीमा सहित}| Childrens Day Essay In Hindi 2023

बाल दिवस पर निबंध: बच्चे हर देश का भविष्य होते हैं, इसलिए सभी बड़ों की जिम्मेदारी होती है कि वह बच्चों का अच्छे से ध्यान रखें। इनके विकास शिक्षा तथा व्यवहार के प्रति खास ख्याल रखा जाए। बच्चों को उनके महत्व और अधिकारों के बारे में बताने तथा उनको कुछ खास महसूस कराने के लिए हम हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाते हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। उन्हें सभी बच्चे बहुत प्यारे थे और सभी के प्रति उनका बहुत लगाव था। सभी बच्चे भी उनसे उतना ही प्यार करते थे, इसीलिए प्यार से उन्हें चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे। नेहरू जी की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे भारत में हर साल उनके जन्म दिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

बाल दिवस पर निबंध,
बाल दिवस पर निबंध

EssayToNibandh.com पर आज हम ‘बाल दिवस पर निबंध’ पढ़ेंगे। जो की अलग अलग शब्द सीमा के आधार पर लिखे गए हैं। आप Childrens Day Essay In Hindi को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें।

बाल दिवस पर निबंध हिंदी को निम्न शब्द सीमा के आधार पर लिखा गया है-

आइये! बाल दिवस पर निबंध हिंदी में को अलग अलग शब्द सीमाओं के आधार पर पढ़ें।

नोट- यहां पर दिया गया बाल दिवस पर निबंध हिंदी में कक्षा(For Class) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12,(विद्यालय में पढ़ने वाले) विद्यार्थियों के साथ-साथकॉलेज के विद्यार्थियों के लिए भी मान्य हैं।

बाल दिवस पर लघु निबंध 5 लाइन का (5 Line Short Hindi Essay On Children’s Day)

1) हर साल 14 नवंबर को भारत में बाल दिवस मनाया जाता है। 

2) भारत में प्रथम भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मोत्सव को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

3) पंडित जवाहरलाल नेहरू को सभी बच्चे प्यार से “चाचा नेहरू” पुकारते थे। 

4) इस दिन सभी विद्यालयों में बहुत सारी प्रतियोगिताएं होती हैं और सभी बच्चों को मिठाइयां भी बांटी जाती हैं। 

5) बाल दिवस के दिन सभी बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक कराया जाता है। 

झूठ बोलते थे,
फिर भी कितने सच्चे थे हम।
यह उन दिनों की बात है,

जब बच्चे थे हम।।

बाल दिवस पर लघु निबंध 80 शब्दों का (Short Essay On Childrens Day In Hindi 80 Words)

बाल दिवस की नींव 1925 में रखी गई थी। विश्व कांफ्रेस में बच्चों के कल्याण के लिए कुछ अहम फैसले लिए जाने थे, उसी कॉन्फ्रेंस में बाल दिवस मनाने की घोषणा सबसे पहले की गई थी।

बाल दिवस को पूरी दुनिया में मनाने के लिए 1954 में पूर्ण रूप से मान्यता मिली। इस दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी का जन्मदिन होता है।

वह बच्चों से अत्यधिक प्रेम करते थे और सभी बच्चे भी उन से अत्यधिक प्रेम करते थे। सभी बच्चे प्यार से उन्हें चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे।

अचकन में नित् रोज लगाते थे,
वे सदा ही मुस्कुराते थे।
नन्हे बच्चों से लगाव रखते थे,
वह चाचा नेहरू प्यारे थे।।

पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के भावनाओं को समझते हुए और उन्हें सम्मान देने के लिए भारत में प्रत्येक वर्ष 14 नवंबर को उनके जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

इस दिन विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और बाल मेले का आयोजन किया जाता है। सभी बच्चे अच्छे-अच्छे कपड़े पहनकर विद्यालय जाते हैं, स्कूलों में बाल मेले के आयोजन में बच्चे खुद ही अपनी दुकान लगाते हैं।

स्कूलों में कई प्रकार की प्रतियोगिताएं भी होती हैं, जैसे- नृत्य, भाषण, खेलकूद, आदि। बच्चे सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं और अत्यंत खुश होते हैं।

बाल दिवस पर निबंध 100 शब्द | बाल दिवस पर निबंध 10 लाइन

बाल दिवस का अर्थ है, बच्चों का दिन। इस दिन बच्चों को विद्यालय में पढ़ाया नहीं जाता। विद्यालयों में बच्चे अपनी-अपनी दुकानें लगाते हैं और उन दुकानों के सामानों को बाकी लोगों को बेचते हैं।

विद्यालयों में तरह-तरह की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती हैं, जैसे- खो-खो, कबड्डी, आदि। इस दिन सभी बच्चों को गिफ्ट तथा उपहार भी दिए जाते हैं। बाल दिवस हर साल 14 नवंबर को चाचा नेहरू के जन्म दिवस के दिन मनाया जाता है। इस दिन पंडित नेहरू को सभी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। 

चाचा जी के हम हैं प्यारे बच्चे,
मां-बाप के राज दुलारे।
आ गया है चाचा जी का जन्मदिवस,
आओ मिलकर मनाए बाल दिवस।

पंडित नेहरू के अनुसार, “आज के ही बच्चे हमारे देश का भविष्य है इसलिए उन्हें प्यार और देखभाल की जरूरत है”, जिससे मैं अपने पैरों पर खड़े हो सके और देश का गर्व बन सके।

नेहरू जी का मानना था कि बच्चों का मन बहुत साफ होता है और कोई भी चीज बच्चों के मन में असर डालती हैं, इसलिए उनके कर्तव्य का उन्हें ज्ञान होना चाहिए और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनका अच्छे से विकास करें।

हमें बच्चों को अच्छे से पढ़ाना लिखाना चाहिए और उनकी हर चीज का ध्यान देना चाहिए। हमें उन्हें उनके अधिकारों के बारे में विशेष रूप से बताना चाहिए, ताकि कोई भी बच्चा शोषण का शिकार ना हो और हमारा भविष्य बेहतर बन सके। 

बाल दिवस पर निबंध 150 शब्द (Essay On Children’s Day In Hindi 150 Words)

संयुक्त राष्ट्र सभा में 20 नवंबर को आधिकारिक रूप से बाल दिवस मनाने की घोषणा की गई, परंतु भारत में यह हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है। क्योंकि इस दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और सभी बच्चों के प्रिय चाचा नेहरू का जन्म हुआ था।

पंडित जवाहरलाल नेहरु जी ने देश के बच्चों और युवाओं की बेहतरी के लिए स्वतंत्रता के बाद अनेक कठिन कार्य किया। ये बहुत ही प्रेरक थे और सदैव सभी को प्रेरित करते रहते थे। सन् 1964 में उनकी मृत्यु के बाद भी उनकी याद में आज तक उनकी जयंती के दिन बाल दिवस मनाया जाता है। 

बचपन है ऐसा खजाना,
आता है ना जो दोबारा।
मुश्किल है इसको भुलाना,
वह खेलना, कूदना और खाना,
मौज-मस्ती में बल खाना।

पंडित जवाहरलाल नेहरू हमेशा बचपन को पसंद करते थे। वे सदैव बचपन का समर्थन करते थे। उनका मानना था कि राष्ट्र के विकास और भविष्य की जिम्मेदारी बच्चों पर ही हैं।

बचपन सभी के जीवन का सबसे अच्छा चरण होता है, जो कि देश के प्रत्येक बच्चे के लिए खुशी व स्वप्न से  भरा होना चाहिए, ताकि वह राष्ट्र का नेतृत्व करने के काबिल बन सके।

यदि देश का कोई भी बच्चा मानसिक या शारीरिक रूप से अस्वस्थ होता है, तो राष्ट्र के विकास में अपना पूरा योगदान नहीं दे पाएगा। इसलिए प्रत्येक बच्चे के जीवन में बचपन एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें उन्हें सबसे ज्यादा देखभाल, प्यार और सही मार्गदर्शन व ज्ञान की आवश्यकता होती है।

एक गुलाब ही सब पुष्पों में,
इनको लगता प्यारा। भारत मां का लाल यह,
सब से ही था न्यारा।

देश के प्रति सभी नागरिकों की जिम्मेदारी बनती है, कि वह बच्चों के विकास की दिशा में सही कदम बढ़ाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करें। बाल दिवस बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

इस दिन बहुत सी गतिविधियां जैसे- खेलकूद, नृत्य, नाटक, राष्ट्रीय गीत, भाषण, निबंध लेखन, चित्रकला आदि जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।

इस दिन बच्चों पर कोई प्रतिबंध नहीं होता है और उन्हें अपनी इच्छा से उत्सव को मनाने की अनुमति दी जाती है। सभी बच्चे पूरे खुशी व उत्साह के साथ इस उत्सव का आनंद लेते हैं।

बाल दिवस पर निबंध 200 शब्दों में (Childrens Day Essay In Hindi 200 Words)

बाल दिवस का इतिहास

पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। बाल दिवस 14 नवंबर को पंडित नेहरू के जन्म दिवस के दिन मनाया जाता है। नेहरू जी बच्चों से बहुत प्यार करते थे और बच्चों को देश का भविष्य मानते थे।

बच्चे इनसे बेहद लगाव रखते थे और उनसे बहुत प्यार भी करते हैं, सब इन्हें चाचा नेहरू कर पुकारते थे। बच्चों का इनसे और इनका बच्चों से लगाओ ही है, जिसकी वजह से इनके जन्म दिवस को सभी बाल दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं।

खबर ना होती कुछ सुबह की,
ना कोई शाम का ठिकाना था।
थक हार कर आना स्कूल से,
पर खेलने तो जरूर जाना था।

बाल दिवस कार्यक्रम

बाल दिवस देश के प्रत्येक कोने में मनाया जाता है। इस दिन को सभी स्कूलों में मनाया जाता है। सभी स्कूलों में सभी छात्र एक स्थान पर इकट्ठा होकर चाचा नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

स्कूलों में कई प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं रखी जाती है और संगीत गायन, नाटक, नृत्य, बाल मेला आदि कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। बच्चे रंग-बिरंगे कपड़े पहन कर हंसते खेलते उत्सव का आनंद लेते हैं।

सभी बच्चों को मिठाइयां भी बांटी जाती हैं। पंडित नेहरू जब जीवित है, इस उत्सव में हमेशा शामिल होते थे और बच्चों की खुशियों को दुगुना कर देते थे।

आज है जन्मदिवस मेरे चाचा नेहरू का,
मेरा उनका नाता दीया बाती का।
चाचा का है प्यारा फूल गुलाब,
मैं तो कहूं इंकलाब जिंदाबाद!।

बाल दिवस का उद्देश्य

बाल दिवस बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में बताने और उन्हें सामाजिक बुराइयों से बचा कर उनके भविष्य को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

इस दिवस के द्वारा लोगों को यही समझाने की कोशिश की जाती है कि बच्चे के विकास और सुरक्षा का ख्याल रखा जाए। बाल दिवस के जरिए हम बच्चों में जागरूकता फैलाते हैं, ताकि कोई भी उनका शोषण ना कर सके। कई सारे बाल अधिकार भी बच्चों के लिए बनाए गए हैं। 

सबके मन को भाते चाचा नेहरू,
बच्चों को हंसाते चाचा नेहरू।
चाचा नेहरू दिल मे भरा अनोखा प्यार,
करते वह बच्चों को प्यार बेशुमार।

बाल अधिकार के कानून, नियम और लक्ष्य का पालन सख्ती से हो यह हमारी जिम्मेदारी है। पूरे देश में बाल विकास योजना का प्रचार – प्रसार किया जाना चाहिए, ताकि हम बच्चों को अच्छा भविष्य दे सके।

हम सभी को मिलकर बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसा, दुर्व्यवहार, शारीरिक शोषण और बच्चों के व्यापार जैसी बुराइयों पर रोक लगानी चाहिए। अच्छे भविष्य के उद्देश्य से ही इस दिवस को मनाने का निर्णय लिया गया था। इससे देश की तरक्की और अर्थव्यवस्था में काफी सुधार भी होगा।

बाल दिवस पर निबंध 250 शब्दों में (Childrens Day Essay In Hindi 250 Words)

अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस कब होता है?

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा यूनिवर्सल चिल्ड्रंस डे हर साल 20 नवंबर को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1954 में हुई थी। दुनिया भर के बच्चों में अंतरराष्ट्रीय रूप से एकजुटता और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए, हर साल 20 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस मनाया जाता है।

इस कार्यक्रम के द्वारा बच्चों के कल्याण को और भविष्य को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है।  

बचपन में हम फूल लगाते थे,
हमेशा मुस्कुराते थे।
बच्चों से प्यार जताते थे,
चाचा नेहरू प्यारे थे।

बेहतर भविष्य के लिए किए जाने वाले प्रयास

देश के बेहतर भविष्य के लिए हमें बच्चों के विकास पर जोर देना होगा। अच्छे देश के निर्माण के लिए हम निम्न प्रयास कर सकते हैं, जैसे-

  1. बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो उनके व्यक्तित्व एवं समस्त शारीरिक और मानसिक योग्यताओं के उच्चतम स्तर तक विकास की ओर उन्मुख हो।
  2. शिक्षा में लैंगिक समानता सहनशीलता आदि का समावेश हो।
  3. ऐसी शिक्षा व्यवस्था जो बच्चों को उसके अधिकारों का ज्ञान कराएं।
  4. बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं की निगरानी और उनका मूल्यांकन समय समय पर किया जाना चाहिए।
  5. बाल संरक्षण कानूनों का सख्ती से पालन होना चाहिए।
  6. समाज में कानून और योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाई जाए, ताकि लोग उसको अच्छे से समझे और उनका लाभ भी उठा सके।
  7. हर देश के भविष्य की नींव बच्चे ही होते हैं इसलिए यदि हम अपना भविष्य सवारना चाहते हैं तो हमें हमारे देश के प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ, तंदुरुस्त एवं शिक्षित बनाना होगा।

बाल दिवस पर कविता

फूलों के जैसे महकते रहो,
पंछी के जैसे चहकते रहो,
सूरज की भांति चमकते रहो,
तितली के जैसे मचलते रहो,
माता-पिता का आदर करो,
सुंदर भावों को मन में भरो,
यह है हमारी शुभकामना,
यह बचपन हमेशा हंसते रहे,
मुस्कुराते रहे।

बाल दिवस में चाचा नेहरू जी का योगदान

14 नवंबर के दिन सभी एकत्र होकर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। बाल दिवस पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के जीवन काल से मनाया जा रहा है।

नेहरू जी स्वयं बच्चों के लगभग सभी कार्यक्रम भाग लिया करते थे और उन्हें शुभकामनाएं देते थे।पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के कारण ही आज हर साल बाल दिवस मनाया जाता है।

इन्होंने बाल दिवस के प्रेरक और संचालक बनकर इसे प्रगतिशील बनाने में अटूट योगदान दिया है। ये अपना जन्म दिवस ना मना कर बाल दिवस को मनाते थे।

यह अपने जन्मोत्सव से ज्यादा बाल दिवस को ही महत्व देते थे। इन्होने ही 14 नवंबर के दिन को बाल दिवस के रूप में मनाना शुरू किया था।

मैडम आज ना डाटना हमें,
आज हम खूब खेलेंगे और गाएंगे।
साल भर हमने किया इंतजार,
आज हम बाल दिवस मनाएंगे।

Childrens Day Essay In Hindi
Childrens Day Essay In Hindi

बाल दिवस पर निबंध हिंदी में (300 Words)

प्रस्तावना

हमारे देश में प्रत्येक तिथि और समय किसी महत्वपूर्ण दिन के साथ जुड़कर उसे और महत्वपूर्ण बना देता है। वैसे ही बाल दिवस का जुड़ाव चाचा नेहरू का जन्मदिन से है।

जहां भी चाचा नेहरू का नाम लिया जाता है, वहां बच्चों का जिक्र अक्सर होता है और हो भी क्यू ना बच्चे नेहरू जी के इतने प्रिय जो थे।

देश की प्रगति के,
हम हैं आधार।
हम करेंगे चाचा नेहरू,
के सपने साकार।

बच्चों के अधिकार

  1. बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार 18 वर्ष से कम लड़की तथा 21 वर्ष से कम लड़के का विवाह करवाना गैरकानूनी है।
  2. बाल श्रम अधिनियम, 1968 में इस बात का उल्लेख है, कि बच्चे कहां और कैसे काम कर सकते हैं अथवा नहीं।
  3. शिक्षा का अधिकार।
  4. जीवन जीने का अधिकार।
  5. संरक्षण का अधिकार।
  6. सभ्यता का अधिकार।
  7. विकास का अधिकार आदि। 

आज का दिन है बच्चों का,
कोमल मन का और कच्ची कलियों का।
मन के सच्चे यह प्यारे बच्चे,
चाचा नेहरू को है प्यारे बच्चे।

बाल विकास के लिए योजनाएं

1. आंगनबाड़ी सेवा

इसका उद्देश्य 6 साल से कम उम्र के बच्चों का समग्र विकास करना है। 

2. किशोरी योजना

इसके तहत किशोरियों को सुगमता प्रदान करना, शिक्षित करना और सशक्त बनाना है। जिससे उनके पोषण एवं स्वास्थ्य में सुधार हो और वे आत्मनिर्भर एवं जागरूक नागरिक बन सकें।

3. राष्ट्रीय शिशु गृह योजना

यह उन माताओं के लिए है जो नौकरी करती है। यह उनके 6 माह से 6 साल तक के बच्चों के संरक्षण और विकास के लिए है।

4. बाल संरक्षण सेवा

इसके माध्यम से बच्चों की उपेक्षा, शोषण, परित्याग तथा परिवारों का मार्ग प्रशस्त करने वाली कार्यवाही को रोकना, आदि इसमें शामिल है।

बाल दिवस पर कविता

* मुश्किल है बचपन को भुलाना *

वह यारों की यारी में सब भूल जाना,
और डंडे से गिल्ली को दूर उड़ाना।
वह होमवर्क से जी चुराना,
और टीचर को पूछने पर बहाने बनाना,
मुश्किल है बचपन को भुलाना।
वह एग्जाम में रट्टे लगाना,
फिर रिजल्ट के डर से घबराना।
वह दोस्तों के साथ साइकिल चलाना,
छोटी-छोटी बातों पर रूठ जाना।
मुश्किल है बचपन को बुलाना।।

बाल दिवस पर भाषण

  • आदरणीय प्रधानाचार्य जी समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं एवं प्यारे दोस्तों। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस को यादगार करने के लिए हम हर साल 14 नवंबर को पूरे भारत में बाल दिवस मनाते हैं। 
  • यह भारत के महान नेता को श्रद्धांजलि देने के साथ ही पूरे देश में बच्चों की स्थिति को सुधारने के लिए भी मनाया जाता है। 
  • नेहरू जी के बच्चों के प्रति लगाव ने उन्हें बच्चों का प्यारा चाचा नेहरू बना दिया। 
  • लगभग सभी स्कूलों व कॉलेजों में राष्ट्रीय स्तर पर हर साल बाद दिवस मनाया जाता है।
  • बाल दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि बच्चों को उनके अधिकारों से अवगत कराया जाए, ताकि उन्हें सभी सामाजिक बुराइयों व शोषण से बचाया जा सके और एक अच्छे भविष्य की नींव रखी जा सके। 

चाचा नेहरू का था,
बच्चों से बहुत पुराना नाता।
जन्मदिवस चाचा नेहरू का,
तभी बाल दिवस कहलाता।

निष्कर्ष

बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए उन्हें कुछ अधिकार प्रदान किए गए हैं, ताकि उनका शोषण रोका जा सके। चाचा नेहरू ने देश के भविष्य को बच्चों पर निर्भर बताया है और ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम बच्चों का अच्छे से विकास करें और चाचा नेहरू की भावनाओं का सम्मान करें।

देश के विकास के लिए तथा देश के अच्छे भविष्य के लिए हमें देश के बच्चों को अच्छी शिक्षा एवं उन्हें उनके अधिकारों से अवगत कराना चाहिए। 

बाल दिवस पर निबंध 400 शब्दों में (Childrens Day Essay In Hindi 400 Words)

प्रस्तावना

बाल दिवस पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस के दिन मनाया जाता है। पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी थे। ये बच्चों को देश का भविष्य कहते थे।

इन्होंने बच्चों की स्थिति को सुधारने तथा उनके महत्व को देश के नागरिकों को समझाने के लिए अपने जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाने का संकल्प किया।

ऐसा करने से लोगों का बच्चों पर ध्यान केंद्रित होगा और उनकी स्थिति में भी काफी सुधार आ जाएगा। भारत मे हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है।  

चाचा जी के हम हैं बच्चे प्यारे,
मां बाप के राज दुलारे।
आ गया है चाचा जी का जन्म दिवस,
आओ मिलकर मनाया सब बाल दिवस।

विश्व स्तर पर बाल दिवस

पूरे विश्व में बाल दिवस मनाया जाता है, किंतु भिन्न-भिन्न देशों इसे मनाने केेे लिए अलग-अलग तारीख निर्धारित की गई है। लेकिन बाल दिवस मनाने का केवल यही उद्देश्य है कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके विकास के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाना।

विश्व के विभिन्न देशों में उनकी महत्ता और मान्यताओं के आधार पर बाल दिवस को अलग-अलग दिन मनाया जाता है। कई सारे देश ऐसे भी हैं जहां बाल दिवस के दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है।

विश्व भर में बाल दिवस का कार्यक्रम अत्यंत लोकप्रिय है और सभी इसे बड़े ही उत्साह और जोश के साथ मनाते हैं।

विश्व में पहली बार 1857 में अमेरिका के एक शहर मैसाचुसेट्स में बाल दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था और इसे पादरी डॉक्टर चार्ल्स लियोनार्ड ने आयोजित करवाया था।

यह कार्यक्रम जून के दूसरे रविवार को आयोजित हुआ था, इसलिए इसे फ्लावर-संडे का नाम दिया गया। किंतु बच्चों से जुड़े होने के कारण इस कार्यक्रम का नाम चिल्ड्रंस-डे कर दिया गया।

बचपन में सबसे बड़ा सवाल,
बड़े होकर क्या बनना है?
अब जाकर जवाब मिला,
फिर से बच्चा बनना है।

बाल दिवस में बच्चों के विकास के लिए किए जा सकने वाले प्रयास

बाल दिवस का उद्देश्य ही है कि बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाए और उन पर होने वाले शोषण को रोका जाए। बच्चों के भविष्य को और अधिक बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित प्रयास किए जा सकते हैं, जैसे-

  1. हमें बाल दिवस का आयोजन स्कूलों के अलावा बाहर भी करना चाहिए, ताकि जो गरीब, अनाथ बच्चे हैं और वह स्कूल नहीं जा पाते हैं। वहीं बाहरी कार्यक्रमों के जरिए अपने अधिकारों को जान सकें और खुद पर होने वाले शोषण के खिलाफ आवाज उठा सके।
  2. वयस्क लोगों, ग्रामीण लोगों तथा उन सभी को जीने बाल अधिकारों के बारे में कोई जानकारी नहीं है, उन सभी को बच्चों के अधिकारों के बारे में बताया जाए। 
  3. गरीब, अनाथ तथा जरूरतमंद बच्चों को भोजन, किताबें, खिलौने और जितना भी हम दे सकते हैं, उनकी मदद करनी चाहिए ताकि उनका जीवन भी थोड़ा और बेहतर बन सके।
  4. जिन बच्चों को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, उनकी मदद करें और उन्हें शोषण से बचाएं।
  5. बाल मजदूरी रोकने का प्रयास करें और यदि कोई बच्चा किसी वजह से ऐसा करता है तो उसकी मदद करें।

बाल दिवस पर कविता (प्रभात)

चाचा नेहरू तुम्हें सलाम,
अमन शांति का दे पैगाम।
जग को जंग से बचाया,
हम बच्चों को भी मनाया।
जन्मदिवस बच्चों के नाम,
नेहरु चाचा तुम्हें सलाम।
देश को दी है योजनाएं,
लोहा और इस्पात बनाए।
बांध बने बिजली निकली,
नहरों से खेती में हरियाली।
प्रगति का दिया इनाम,
नेहरु चाचा तुम्हें प्रणाम।

बाल दिवस पर भाषण

  • आदरणीय अतिथिगण समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं, प्रिय प्रधानाचार्य जी और मेरे प्यारे दोस्तों।
  • आज हम सब यहां एक खास दिवस को मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं, वह खास दिवस है बाल दिवस यानी बच्चों का दिन।
  • हर साल 14 नवंबर को पूरे देश के विद्यालयों व कॉलेजों में बाल दिवस मनाया जाता है। 
  • 14 नवंबर को हमारे प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था।
  • वो बच्चों से बहुत प्यार करते थे, उनके जीवन में बच्चों का एक विशेष स्थान था।
  • वह बच्चों को बहुत महत्व देते थे, वे हमेशा बच्चों के साथ प्रसन्नता का अनुभव करते थे।
  • सभी बच्चे भी उनसे बहुत प्यार करते थे, इसलिए सभी उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कह कर पुकारते थे।
  • बच्चों के प्रति उनके लगाव के कारण ही हर साल उनके जन्मदिवस पर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • इस महान नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए सभी कैबिनेट मंत्री और उच्च अधिकारियों के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण लोग शांति भवन में इकट्ठा होते हैं और सम्मान पूर्वक उनको श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
  • चाचा जी के निस्वार्थ बलिदान, युवाओं को प्रोत्साहित करने के तरीके, तथा शान्तिपूर्ण, राजनीतिक उपलब्धियों के लिए सम्मान प्राप्त है। 
  • बाल दिवस के दिन सभी लोग मिलकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उन्हें याद करते हैं।

दुनिया का सबसे सच्चा समय,
सबसे अच्छा दिन दुनिया का सबसे हसीन पल,
सिर्फ बचपन में ही मिलता है।
इसलिए आप सभी को बाल दिवस की बधाई।।

निष्कर्ष

बाल दिवस कोई साधारण दिन नहीं है। यह हमारे देश के संरक्षण पीढ़ी के अधिकारों का ज्ञान देने के लिए निर्धारित किया गया एक विशेष दिन है।

भारत जैसे विकासशील देश में इसका महत्व और भी ज्यादा है, क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था होने के कारण यहां बाल मजदूरी और बाल अधिकारों के शोषण की काफी घटनाएं रोज सामने आ रही हैं।

इसलिए इस समय यह आवश्यक है कि बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी यह पता होना चाहिए, कि बच्चों के कौन-कौन से अधिकार है। हमें अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करना चाहिए।

बाल दिवस हिंदी में 500 शब्द (Children’s Day In Hindi 500 Words)

प्रस्तावना

बच्चे हर देश का भविष्य होते हैं, इसलिए सभी बड़ों की जिम्मेदारी होती है कि वह बच्चों का अच्छे से ध्यान रखें। इनके विकास शिक्षा तथा व्यवहार के प्रति खास ख्याल रखा जाए।

बच्चों को उनके महत्व और अधिकारों के बारे में बताने तथा उनको कुछ खास महसूस कराने के लिए हम हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाते हैं।

पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। उन्हें सभी बच्चे बहुत प्यारे थे और सभी के प्रति उनका बहुत लगाव था। सभी बच्चे भी उनसे उतना ही प्यार करते थे, इसीलिए प्यार से उन्हें चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे।

नेहरू जी की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे भारत में हर साल उनके जन्म दिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

पंडित नेहरू प्यारे थे,
जगत जननी के राज दुलारे थे,
भारत के पहले प्रधानमंत्री थे,
स्वाधीनता संग्राम के सेनानी थे,
पंडित नेहरू प्यारे थे।

बाल दिवस क्यों मनाया जाता है?

देश के बच्चों पर ही देश का भविष्य टिका होता है, इसलिए बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए उनकी कमियों में सुधार करने के लिए तथा उनके महत्व और देश की वास्तविक स्थिति के बारे में जागरूक कराने के लिए हर साल इस दिवस को मनाया जाता है।

बाल दिवस के द्वारा बच्चों की पिछली स्थिति तथा भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए उनकी सही स्थिति के लिए सोच विचार किया जाता है। देश का उज्जवल भविष्य तभी मुमकिन है, जब देश के बच्चों के प्रति सभी देशवासी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेंगे।

बाल दिवस पर कविता

बाल दिवस है आज साथियों
बाल दिवस है आज साथियों, आओ खेले खेल।
जगह-जगह पर आज मची, है खुशियों की रेलम रेल।
वर्ष गांठ चाचा नेहरू की, फिर से है आई आज।
उन जैसे नेता पर पूरे, भारतवर्ष को है नाज।
दिल से इतने भोले थे, वह जितने हम नादान।
बूढ़े होने पर भी मन से, थे वे सदा जवान।
हमने उनसे मुस्कुराना सीखा, सारे संकट झेल।
हम सब मिलकर क्यों ना रचाए, ऐसा सुख संसार।
जहां भाई-भाई हो सभी, छलकता रहे प्यार।
ना हो घृणा किसी हृदय में, ना द्वेष का वास।
ना हो झगड़े कोई, हो अंधेरों का हाल।
झगड़े नहीं परस्पर कोई, सभी का हो आपस में मेल।
पड़े जरूरत देश को तो, पहन ले हम वीरों का वेश।
प्राणों से बढ़कर प्यारा है, हमें अपना देश।
दुश्मन के दिल को दहला दे, डाल कर नाक नकेल।
बाल दिवस है आज साथियों, आओ खेले खेल।

बाल दिवस का महत्व

जैसे भारत में प्रत्येक उत्सव या दिवस का विशेष महत्व होता है, वैसे ही भारत में बाल दिवस का भी अत्यधिक महत्व है। आज के समय में यह हमारी आवश्यकता है कि हम बाल दिवस को बहुत उत्साह के साथ एक बड़े स्तर पर मनाए।

इसका कारण यह है कि देश का भविष्य बच्चों पर टिका होता है और बच्चे ही एक संपन्न देश के भविष्य और नीव होतेे हैं।

जैसे कोई भी चीज है वह हमेशा नीव पर ही टिकी होती है और उसे मजबूत बनाए रखने के लिए हम नीव को मजबूत करते हैं। वैसे ही हम बाल दिवस के द्वारा बच्चों को उनके अधिकार के विषय में, उन्हें अच्छे बुरे का ज्ञान कराते हैं।

ताकि वे भी अपने ऊपर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठा सकें। इस प्रयास से बाल अपराध कम होंगे और बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा। 

वह क्या दिन थे बालपन के,
जीवन के थे वे सुनहरे छड़।
न दु:ख से कोई नाता था,
ना तो इतना गुस्सा आता था।

बाल दिवस पर भाषण

  • आदरणीय प्रधानाध्यापक समस्त शिक्षकों एवं प्यारे दोस्तों आप सभी को बाल दिवस की हार्दिक बधाई।
  • जैसा कि आप सभी को पता है, की बाल दिवस पूरे विश्व भर के देशों में अलग-अलग तिथियों को मनाया जाता है, लेकिन भारत में बाल दिवस 14 नवंबर को मनाया जाता है।
  • इस दिन हमारे प्यारे चाचा नेहरू का जन्म दिवस भी होता है, चाचा नेहरू बच्चों के बहुत अच्छे दोस्त हैं।
  • वो बच्चों को प्रेरित भी करते थे, ताकि वे सफल एवं देशभक्त और सुखी नागरिक बन सके।वो बच्चों को देश का भविष्य मानते थे, इसलिए वो चाहते थे, कि देश के उज्जवल भविष्य के लिए प्रत्येक माता-पिता अपने बच्चों को बहुत ही सावधानी से और प्यार से पोषित करें। 
  • उनका मानना था कि किसी भी देश की असली ताकत के बच्चे होते हैं।
  • वह कभी भी लड़का और लड़की में भेदभाव नहीं करते थे।वे राष्ट्र के विकास के लिए सभी को समान रूप से अवसर प्रदान करने में विश्वास रखते थे। पंडित जवाहरलाल नेहरु जी को श्रद्धांजलि देने के लिए उनका जन्म दिवस प्रत्येक वर्ष बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • बाल दिवस के दिन विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जैसे- गायन, लघु, नाटक, निबंध, खेलकूद आदि का आयोजन भी किया जाता है।

मायूसी का कोई कारण नहीं था,
ना कोई बहाना था।
पता नहीं क्यों हो गए उम्र में बड़े,
इस से प्यारा तो बालपन था।

भारत में बाल अधिकार

भारतीय संविधान में बस सभी बच्चों के लिए कुछ अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं, जैसे-

  1. अनुच्छेद 21-(क) के अनुसार 6 से 14 साल की आयु के सभी बच्चों को निशुल्क प्रारंभिक शिक्षा प्रदान की जाए।  
  2. अनुच्छेद 24- के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों को जोखिम वाले कार्यों को करने पर प्रतिबंध। 
  3. अनुच्छेद 39-(घ) के अनुसार आर्थिक जरूरतों की वजह से बच्चों को ऐसे काम कराने (जो उनकी आयु के अनुरूप ना) पर प्रतिबंध।
  4. अनुच्छेद 39-(च) के अनुसार बालको को स्वतंत्र और गरिमामय माहौल में स्वस्थ, विकास के अवसर और सुविधाएं मुहैया करवाना और उन्हें शोषण से बचाना आदि।

वो दादी मां की कहानी थी,
राजा रानी का फसाना था।
बरखा में कागज की नाव थी,
बालपन में वह हर मौसम सुहावना था।

निष्कर्ष

बाल दिवस कोई साधारण दिवस नहीं है, बल्कि इसे हमारे देश के संरक्षण के अधिकारों का ज्ञान देने के लिए निर्धारित किया गया है। बाल दिवस इसलिए मनाया जाता है, ताकि हम बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में बता सके और उन पर होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठा सकें।

भारत में बच्चों को बहुत सारे अधिकार दिए गए हैं, जैसे- कि जीवन जीने का अधिकार, शिक्षा का अधिकार आदि। पंडित नेहरू ने बच्चों को देश का भविष्य बताया है। यह हमारी जिम्मेदारी है, कि हम देश के उज्जवल भविष्य के लिए सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने मे सहयोग करे।

मेरे प्यारे दोस्तों! मुझे पूरी उम्मीद हैं की मेरे द्वारा लिखा गया बाल दिवस पर निबंध आपको जरूर पसंद आया होगा।

आप Childrens Day Essay In Hindi को अपने करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों को जरूर शेयर कीजियेगा, जिनको इस निबंध की अति आवश्यकता हो।

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