हिंदी दिवस पर निबंध अलग-अलग शब्द सीमा एवं भाषण सहित 2022

प्रत्येक भारतीय को हिंदी दिवस पर निबंध लिखना आना ही चाहिए क्योंकि ‘हिंदी हमारी मातृभाषा है’ इसलिए आज हम हिंदी दिवस पर अलग-अलग शब्द सीमाओं के आधार पर छोटे और बड़े निबंध आपके सम्मुख प्रस्तुत कर रहे हैं। इन निबंध में भाषण भी जोड़े गए हैं। हिंदी भाषा का साहित्यिक इतिहास 12 वीं शताब्दी का है। इस बीच हिंदी भाषा का आधुनिक अवतार जो वर्तमान समय में ज्यादातर उपयोग में है, लगभग 300 साल पहले का है। हम हिंदी दिवस को शैक्षणिक संस्थानों, स्कूलों, कालेजों और सरकारी कार्यालयों में बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। आज के अत्याधिक व्यवसायिक वातावरण में जहां लोग अपनी जड़ों को याद रखने के लिए तैयार नहीं वहां हिंदी दिवस महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हिंदी दिवस पर निबंध
हिंदी दिवस पर निबंध

Table of Contents

Short Essay On Hindi Diwas In Hindi Language 5 Lines

  1. हर साल 14 सितंबर से 21 सितंबर तक हिंदी दिवस पर राजभाषा दिवस अथवा हिंदी सप्ताह मनाया जाता है। इस सप्ताह में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है।
  2. हिंदी भाषा में सबसे अधिक बोले जाने वाला शब्द “नमस्ते” हैं।
  3. 21 जनवरी 1950 को संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दी गई।
  4. 1918 में हिंदी साहित्य सम्मेलन में महात्मा गांधी ने पहली बार हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने की बात कि। गांधीजी ने हिंदी को जनता की भाषा अभी कहां है।
  5. हिंदी के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए हिंदी दिवस पर भाषा सम्मान शुरू किया गया। यह सम्मान देश के ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है, जिन्होने लोगों के बीच हिंदी भाषा के उपयोग और उत्थान के विषय में योगदान दिया हो।

Essay On Hindi Diwas In Hindi 10 Line

  1. भारत में हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। हिंदी दिवस हिंदी भाषा के महत्व को दर्शाता है और अपने समृद्ध इतिहास और सामाजिक राजनीतिक महत्व को प्रदर्शित करता है।
  2. भारत की संविधान सभा ने 1949 में हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकारा था।
  3. हिंदी साहित्य सम्मेलन में यह सुझाव दिया गया कि, केवल हिंदी को ही राष्ट्रीय भाषा बनाया जाए।
  4. एक भाषा के रूप में हिंदी ना केवल सम्मान का आदेश देती है, बल्कि व्यापक रूप से बोली भी जाती है।
  5. हिंदी की लोकप्रियता को बढ़ाने में हिंदी सिनेमा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है
  6. 2011 की जनगणना के के अनुसार भारत मे लगभग में 436 लाख वक्ताओं द्वारा हिंदी भाषा मातृभाषा के रूप में स्वीकारी गई है।
  7. भारत में लगभग 78 परसेंट लोग हिंदी बोलते वह समझते हैं।
  8. हिंदी मूल रूप से एक फारसी शब्द है और पहली हिंदी कविता प्रख्यात कवि अमीर खुसरो द्वारा लिखी गई।
  9. यह आश्चर्यजनक बात है, कि हिंदी भाषा के इतिहास पर पहला साहित्य एक फ्रांसीसी लेखक ग्रेस्मत तासी द्वारा लिखा गया था।
  10. 1977 में पहली बार विदेश मंत्री अटल बिहारी बाजपेई ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को हिंदी में संबोधित किया था।

Hindi Diwas Par Nibandh In Hindi 150 Words

प्रस्तावना

भारत पश्चिमी रीति-रिवाजों से बहुत प्रभावित है। भारतीय वहां के लोगों की तरह पोशाक पहनना चाहते हैं, उनकी जीवनशैली का पालन करना चाहते हैं, उनकी भाषा बोलना चाहते हैं और इसके अलावा हर चीज में उनके जैसा बनना चाहते हैं। वे यहां नहीं समझना चाहते कि भारतीय संस्कृति की विरासत और मूल्य पश्चिम की संस्कृति की तुलना में कहीं अधिक समृद्ध है। 14 सितंबर को मनाया जाने वाला हिंदी दिवस हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को सम्मान देने का एक तरीका है।

हिंदी मेरा ईमान है, हिंदी मेरी पहचान है।
हिंदी हूं मैं वतन भी मेरा, प्यारा हिंदुस्तान है।

हिंदी की उन्नति के लिए किए जा सकने वाले प्रयास

  1. लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए। अंग्रेजी ही आज के आधुनिक समाज में सब कुछ है, अंग्रेजी के बिना कोई समाज नहीं।
  2. लोगों को लगता है, कि जो बच्चे हिंदी माध्यम स्कूलों में पढ़ते हैं वह कमजोर होते हैं और जीवन में कभी सफल नहीं हो पाएंगे। ऐसे लोगों को समझना होगा कि ज्ञान, ग्रहण करने की क्षमता और एकाग्रता पर निर्भर करता है। ना कि हिंदी और इंग्लिश मीडियम पर।
  3. शिक्षा की भाषा, पर इसके विपरीत शोधों में यह देखा गया है, कि मातृभाषा में बच्चे किसी भी विषय को और अधिक तेजी से सीख पाते है।

हिंदी को हम श्रृंगार दे, मिलकर इसे सवार दे।
देकर उसे सम्मान हम, फिर से इसे निखार दें।

हिंदी भाषा का इतिहास

हिंदी भाषा का साहित्यिक इतिहास 12 वीं शताब्दी का है। इस बीच हिंदी भाषा का आधुनिक अवतार जो वर्तमान समय में ज्यादातर उपयोग में है, लगभग 300 साल पहले का है। हम हिंदी दिवस को शैक्षणिक संस्थानों, स्कूलों, कालेजों और सरकारी कार्यालयों में बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। आज के अत्याधिक व्यवसायिक वातावरण में जहां लोग अपनी जड़ों को याद रखने के लिए तैयार नहीं वहां हिंदी दिवस महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हिंदी सूर कबीर है, हिंदी है रसखान।
आओ सब मिलकर करें, हिंदी का उत्थान।

Hindi Diwas Par Essay 200 Shabd Ka

राजभाषा सप्ताह

राजभाषा सप्ताह या हिंदी सप्ताह 14 सितंबर को हिंदी दिवस से 1 सप्ताह के लिए मनाया जाता है। इस पूरे सप्ताह अलग-अलग प्रतियोगिता का आयोजन होता है। इसका मूल उद्देश्य हिंदी भाषा के विकास की भावना को लोगों में केवल हिंदी दिवस तक ही सीमित ना करके उसे और अधिक बढ़ाना है। हिंदी सप्ताह के इन 7 दिनों में लोगों को निबंध लेखन आदि के द्वारा हिंदी भाषा के विकास और उसके उपयोग के लाभ और ना उपयोग करने पर हानि के बारे में समझाया जाता है।

हिंदी ही आराधना, हिंदी ही आराध्य।
हिंदी सघन साधना, हिंदी ही है साध्य।

पुरस्कार

हिंदी दिवस पर, हिंदी के प्रति लोगो को उत्साहित करने हेतु पुरस्कार समारोह का आयोजन भी किया जाता है। जिसमें कार्य के दौरान अच्छी हिंदी का आयोजन करने वाले को यह पुरस्कार दिया जाता है। यह पुरस्कार पहले राजनेताओं के नाम पर था। जिसे बाद में बदल कर राष्ट्रभाषा कीर्ति पुरस्कार और राष्ट्रभाषा ‘गौरव पुरस्कार’ के नाम से जाना जाता है। राष्ट्रभाषा गौरव पुरस्कार लोगों को दिया जाता है और राष्ट्रभाषा कीर्ति पुरस्कार किस विभाग, समिति आदि को दिया जाता है।

हिंदी के घर में छिपे, है खुद चिंदी चोर।
जो हिंदी के हाथ को, करते हैं कमजोर।

राजभाषा गौरव पुरस्कार

यह पुरस्कार तकनीकी या विज्ञान के विषय पर लिखने वाले किसी भी भारतीय नागरिक को दिया जाता है। इसमें 10,000 से लेकर ₹2,00,000 के 13 पुरस्कार होते हैं।

  • इसमें प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले को ₹200000 दिए जाते हैं।
  • द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को ₹1,50,000 दिए जाते हैं तथा
  • तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को ₹75000 प्रदान किए जाते हैं।

साथ ही 10 लोगों को प्रोत्साहन पुरस्कार के रुप में 10-10 हजार रुपए प्रदान किए जाते हैं। पुरस्कार प्राप्त सभी लोगों को स्मृति चिन्ह भी दिया जाता है। इसका मूल उद्देश्य तकनीकी और विज्ञान के क्षेत्र में हिंदी भाषा को आगे बढ़ाना है।

वक्ताओं की ताकत है हिंदी भाषा, लेखक का अभिमान है हिंदी भाषा।
भाषाओं के शीर्ष पर बैठी, मेरी प्यारी हिंदी भाषा।

हिंदी भाषा को विभिन्न विदेशी भाषाओं के सामने बहुत तेजी से गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। अब हमे मातृभाषा की आवश्यकता को समझने के लिए और इसके महत्व को समझाने के लिए हिंदी दिवस का सहारा लेना पड़ रहा है। हिन्दी दिवस मनाना जरूरी है, क्योंकि यह हिंदी भाषा और इसके महत्व को जानने का अवसर प्रदान करती है। सभी को इस महान उत्सव को बड़े ही उत्साह के साथ मनाएं और हिंदी भाषा का सम्मान करें।

हिंदी दिवस पर निबंध
हिंदी दिवस पर निबंध

Hindi Diwas Nibandh 250 Words In Hindi

प्रस्तावना

हिंदी भाषा को सम्मान देने के लिए प्रत्येक वर्ष हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है। दुनिया में व्यापक रूप से बोले जाने वाली भाषा हिंदी है। इस भाषा के बारे में कई दिलचस्प तथ्य हैं जो इसे आदित्य बनाते हैं।

हिंदी भाषा को अगर, नहीं मिला सम्मान।
तो स्वतंत्र कहो कैसे, है यह हिंदुस्तान।

हिंदी भाषा के विषय में रोचक तथ्य

  1. हिंदी नाम फारसी शब्द हिंद से बना है। जिसका मतलब है कि सिंधु नदी की भूमि।
  2. हिंदी में कई ऐसे शब्द भी हैं जो संस्कृत भाषा से प्रेरणा लेते हैं।
  3. हिंदी भाषा इंडो-यूरोपियन परिवार के इंडो आर्यन भाषाओं के सदस्यों में से एक है।
  4. हिंदी भाषा पूरी तरह से ध्वन्यात्मक लिपि में लिखी गई है।
  5. हिंदी भाषा के शब्दों को उसी प्रकार स्पष्ट किया जाता है, जिस प्रकार वे लिखे जाते हैं।
  6. दुनिया में हर ध्वनि हिंदी भाषा में लिखी जा सकती है।
  7. वेब एड्रेस बनाने के लिए 7 भाषाओं का उपयोग किया जाता है। उनमें से एक है, हिंदी भाषा।
  8. हिंदी भाषा का प्रयोग नेपाल, श्रीलंका, सिंगापुर आदि देशों में भी किया जाता है।

कह भगवत कविगय, गर्व हो अभिलाषा को।
मिले पूर्ण अधिकार, अगर हिंदी भाषा को।

हिंदी दिवस मनाने का कारण

विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार हिंदी भाषा विश्व की 10 शक्तिशाली भाषाओं में से एक है। भाषा वेदों के अनुसार हिंदी को चार शैली में बांटा गया है। हिंदी भाषा में संस्कृत के तत्सम शब्दों का अधिक प्रयोग हुआ है। हिंदी भाषा वह माध्यम है जो अपनी बात सरलता से व्यक्त कर सकती है। आज के आधुनिक, शैक्षिक दौर में हिंदी भाषा जैसे लुप्त सी हो गई है।

जो बच्चे इंग्लिश मीडियम स्कूलो में पढ़ते हैं, वह हिंदी को अच्छे ढंग से नहीं पढ़ पाते हैं।और उन्हें अंग्रेजी भाषा में ज्यादा सरलता का अनुभव होता है, जबकि हिंदी भाषा हमारी राष्ट्रीय भाषा ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय गौरव भी है। ऐसी परिस्थितियों में अनिवार्य है कि हम हिंदी भाषा को उजागर ही रखें ना कि इसे लुप्त होने की कगार पर छोड़ दें।

हिंदी दिवस पर्व है, इस पर हमें गर्व है।
सम्मानित हमारी राष्ट्रभाषा, हम सब की यही अभिलाषा।

हिंदी भाषा के विषय में लेखकों के विचार

हिंदी हृदय की भाषा है। जिसकी वजह से हमारे शब्द हृदय से निकलते हैं और हृदय तक पहुंचते हैं।

अज्ञात –

कोई राष्ट्र अपनी भाषा को छोड़कर राष्ट्र नहीं कहला सकता है। भाषा की रक्षा सीमाओं की रक्षा से भी आवश्यक है।

यासमीन डेविस –

जिस देश को अपनी भाषा और साहित्य के गौरव का अनुभव नहीं है, वह उन्नति नहीं कर सकता है।

डॉ राजेंद्र प्रसाद –

Essay On Hindi Diwas 300 Words

प्रस्तावना

हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। सभी सरकारी व निजी कार्यालयों में इस दिन सारे संवाद हिंदी में किये जाते है। 14 सितंबर 1949 को हिंदी के पुरोधा व्यौहार राजेंद्र सिंह का 50 वां जन्मदिन था, इन्होने हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए बहुत लंबा संघर्ष किया। स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारी प्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविंद दास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर व्यौहार राजेंद्र सिंह ने अथक प्रयास किए।

अगर भारत का करना है उत्थान, तो हिंदी को अपनाना होगा।
अंग्रेजी को “विषय मात्र” और हिंदी को “अनिवार्य” बनाना होगा।

14 सितंबर को मनाया जाने का कारण

14 सितंबर के दिन हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकार व्यौहार राजेंद्र सिंह का 50 वां जन्मदिन था। इस कारण हिन्दी दिवस के लिए इस दिन को श्रेष्ठ माना गया है। हालांकि जब हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा के रूप में चुना गया और लागू किया गया, तो गैर हिंदी भाषी राज्य के लोग इसका विरोध करने लगे और अंग्रेजी को भी राजभाषा का दर्जा देना पड़ा।

चलो छोड़ दे दूजी भाषा, हिंदी का अपमान है।
लिखे पढ़ाए बोले गाए, हिंदी अपनी शान है।

हिंदी दिवस का महत्व

हम सभी जानते हैं कि हिंदी भाषा वर्षों से हमारे भारत देश में बोली जा रही है। लेकिन केवल भारत में ही नहीं बल्कि अन्य कई देश ऐसे हैं, जहां पर लोग हिंदी बोलना पसंद करते हैं। जैसे – पाकिस्तान ,मॉरीशस, नेपाल, बांग्लादेश आदि देशों में हिंदी भाषा अपना विशेष महत्व रखती है। भारतीय संविधान भाग 17 के अध्याय की धारा 343 में 14 सितंबर 1953 हिंदी भाषा को मातृभाषा के रूप में पहचान मिली।

जिसने कल को जीत लिया, ऐसी कालजयी भाषा है हिंदी।
सरल शब्दों में कहा जाए तो, जीवन की अभिलाषा है हिंदी।

भारतीय संघ की राजभाषा हिंदी और देवनागरी है। हिंदी दिवस पर कई अवार्ड दिए जाते हैं, इन अवॉर्डो में राजभाषा गौरव पुरस्कार और राजभाषा कीर्ति पुरस्कार सम्मिलित हैं। हमारे देश मे विभिन्न भाषाएं बोली जाती हैं, किंतु हिंदी भाषा सभी भाषाओं में सर्वश्रेष्ठ है और भारत के अधिकांश क्षेत्रों में बोली जाती है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जहां हिंदी भाषा नहीं बोली जाती है।

हिंदी दिवस पर भाषण

गांधीजी ने 1918 में हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की बात कही थी। इस बात पर काफी सोच-विचार के बाद कई सारे प्रयास किए गए और कुछ समय बाद 14 सितंबर 1949 को हिंदी के हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया। लेकिन जिन राज्यों में हिंदी भाषा नहीं बोली जाती थी, उन राज्यों ने जमकर हिंदी भाषा का विरोध किया।कारण था कि एक और गैर भारतीय भाषा अंग्रेजी को भी हिंदी भाषा के समान ही दर्जा देना पड़ा।

लेकिन धीरे-धीरे करके अंग्रेजी ने अपनी जड़े मजबूत कर ली और हिंदी भाषा पर संकट मंडराने लगा। जिसके परिणाम स्वरुप हिंदी के उत्थान के लिए आज हमें हिंदी दिवस मनाने की जरूरत पड़ रही है।

भारत मां के भाल पर सजी, स्वर्णिम बिंदी हूँ।
मैं भारत की बेटी, आपकी अपनी हिंदी हूँ।

अब हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है और साथ ही हिंदी सप्ताह का भी आयोजन किया जाता है। जिसमें निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, वाद-विवाद आदि प्रतियोगिताएं कराई जाती हैं, ताकि लोगों में इस भाषा के प्रति रुचि बड़े।

साथ ही साथ – साथ ही सभी सरकारी इकाइयों में हिंदी विभाग का गठन किया गया, जिसका कार्य कार्यालय में सबको हिंदी शिक्षण और हिंदी भाषा के महत्व को बढ़ाना था। इस प्रकार हम 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाते आए हैं। हिंदी के उत्थान के लिए हम अपना योगदान देते हैं और सद्भाव देते रहेंगे।

निष्कर्ष

जहां अंग्रेजी एक विश्वव्यापी भाषा है और इसके महत्व को अनदेखा नहीं किया जा सकता। वही हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है और हम सब भारतवासियों को अपनी राष्ट्रभाषा का आदर व सम्मान करना चाहिए।

हमें सदैव हिंदी भाषा का आदर करना चाहिए। हिंदी दिवस हमारे सांस्कृतिक जड़ों को फिर से देखने और अपनी समृद्धि का जश्न मनाने का दिन है। हिंदी हमारी मातृभाषा है और हमे इसका हमेशा आदर करना चाहिए और इसका मूल्य समझना चाहिए।

Hindi Diwas Nibandh 400 Words In Hindi

विश्व हिंदी दिवस

विश्व हिंदी दिवस को मनाने का उद्देश्य हिंदी भाषा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है। ताकि दुनिया का हर देश इस भाषा से रूबरू हो सकें और इस भाषा को जाने। हर साल 10 सितंबर को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है

हिंदी भाषा नहीं, भावों की अभिव्यक्ति है।
मातृभूमि पर, मर मिटने की भक्ति है।

राष्ट्रभाषा के रूप मे हिंदी का भारत में चुनाव

भारत में राष्ट्रभाषा के चुनाव का मुद्दा काफी महत्वपूर्ण था। बहुत सोच-विचार के बाद हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा को नए राष्ट्र की भाषा के रूप में चुना गया। संविधान सभा में देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी को अंग्रेजी के साथ राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एकमत से निर्णय लिया गया, कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी।

हिंदी से हिंदुस्तान है, तभी तो यह देश महान है।
निज भाषा की उन्नति के लिए, अपना सब कुछ कुर्बान है।

14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एकमत से निर्णय लिया गया, कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी।देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि, इस दिन के महत्व को देखते हुए हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाए। सबसे पहली बार हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 में मनाया गया था।

Hindi diwas par nibandh ka video

हिंदी दिवस मनाने वाले देश

1975 से भारत मॉरीशस, यूनाइटेड किंगडम और टोबैको, संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे विभिन्न देशों में हिंदी विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। पहली बार विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी 2006 को मनाया गया था और तब से हर साल 10 जनवरी को इन सभी देशों में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।

हिंदी दिवस पर हमने जाना है, लोगों में हिंदी का स्वाभिमान जगाना है।
हम सबका अभिमान है हिंदी, भारत देश की शान है हिंदी।

हिंदी के ऊपर मंडराता संकट

वर्तमान समय में यह कहना गलत नहीं होगा कि हिंदी पर दिन प्रतिदिन संकट बढ़ता जा रहा है। लोग अपनी मातृभाषा की ओर रुझान व लगाव धीरे-धीरे करके कम कर रहे हैं। लोगों का आकर्षण हिंदी के प्रति कम हो रहा है। हिंदी हमारी राजभाषा है और सभी भारतवासियों को इसका सम्मान करना चाहिए, लेकिन फिर भी हममें से ज्यादातर लोग सामूहिक मंच और स्थानों पर हिंदी बोलने से कतराते हैं।

ज्यादातर लोगों की यही सोच है कि, जो अंग्रेजी बोलता है वही स्मार्ट व पढ़ा लिखा है, यह भी एक कारण है कि लोग हिंदी बोलने में कतराते हैं। आचार्य चाणक्य ने कहा था, कि कोई भी राष्ट्र तब तक पराजित नहीं होता जब तक वह अपनी संस्कृति व मूल्यों की रक्षा करता पता है। उनका यह कथन वर्तमान भारत के परिदृश्य में बहुत ही अच्छे तरीके से प्रमाणित करता है, जिसमें आज सभी में अंग्रेजी भाषा और अंग्रेजी तौर-तरीके अपनाने की होड़ मची हुई है।

हिंदी दिवस पर बेस्ट भाषण

हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर हमारे महाविद्यालय में इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जैसा कि आज सब जानते हैं कि हिंदी हमारे देश की राजभाषा है और इसके सम्मान के उपलक्ष में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।

क्योंकि हिंदी सिर्फ हमारी राष्ट्रभाषा ही नहीं, बल्कि हमारे विचारों को सरलता से सहभागिता प्रदान करने का एक अच्छा पर्याय है। आज के अवसर पर मैं आप सबके सामने हिंदी के महत्व और वर्तमान काल में इसके ऊपर मंडरा रहे खतरे और इसके निवारण के विषय में चर्चा करना चाहूंगी।

जिसमें है मैंने ख्वाब बुने, जिस से जुड़ी मेरी हर आशा।
जिससे मुझे पहचान मिली, वह है मेरी हिंदी भाषा।

हिंदी भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है हिंदी का इतिहास आधुनिक काल में हुआ था जब हिंदी भाषा में विद्वानों का जन्म हुआ इसके साथ ही भारत की आजादी में हिंदी भाषा का बहुत ही बड़ा महत्व है आजादी के लिए कविताएं लिखने के लिए हो या फिर आजादी के नारे के लिए या फिर देशभक्ति कविताएं हिंदी भाषा के महत्व को बताती थी सभी में देश की मांगों को हृदय में क्रांति की ज्वाला जगाने का कार्य किया यही कारण था कि हिंदी को जन-जन की भाषा माना गया और आजादी के पश्चात इसे राजभाषा का दर्जा मिला।

एकता की जान है, हिंदी देश की शान है।

हिंदी‘ भारत की राष्ट्रभाषा है। आज विश्व हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हिंदी के प्रति जागरूकता और इस भाषा को अंतरराष्ट्रीय रूप से और मजबूत करना है। इस दिन विश्व हिंदी दिवस के मौके पर दुनिया भर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन किया।

Hindi Diwas Par Nibandh 500 Words In Hindi Mein

प्रस्तावना

हिंदी भाषा को अधिकारिक भाषा के रूप में सन 1949 को अपनाया। गया तब से प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।

‘हिंदी’ भारत में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा:

भारत में यदि कोई भाषा सबसे ज्यादा बोली जाती है तो वह है, हिंदी भाषा। अंग्रेजी भाषा के प्रति अभी भी भारत वासियों का झुकाव है और इसके महत्व पर स्कूलों और अन्य स्थानों पर जोर भी दिया जाता है। परंतु हिंदी हमारे देश की सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा के रूप में मजबूत है। 2001 की जनगणना के अनुसार 422 लाख से भी ज्यादा लोगों ने हिंदी को अपनी मातृभाषा के रूप में स्वीकारा है।

जन जन की भाषा है हिंदी, भारत आशा है हिंदी।
जिसने पूरे देश को जोड़े रखा है, वह मजबूत धागा है हिंदी।

हिंदी बोलने वाली अधिकांश आबादी उत्तर भारत में केंद्रित है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा ,राजस्थान, उत्तराखंड और झारखंड सहित कई अन्य राज्य की आधिकारिक भाषा हिंदी है। देश का पहला ऐसा राज्य जिसने एकमात्र आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी को अपनाया, वह है बिहार। हिंदी हमारी मातृभाषा है और हमें इसका आदर और सम्मान करना चाहिए तथा इसका मूल्य समझना चाहिए।

हिंदुस्तान की गौरव गाथा है हिंदी, सभ्यता की अनुपम परंपरा है हिन्दी।
जिसके गर्भ से रोज नई कोपले फूटती है, ऐसी कामधेनु धरा है हिंदी।

हिंदी की प्रतिष्ठा और महत्व से संबंधित विशेष घटनाएं

कई स्कूल और अन्य संस्थान हर साल हिंदी दिवस मनाते हैं। यहां इस दिन के सम्मान में विशेष समारोह का आयोजन किया जाता है-

  1. इस दिवस पर विभागों, मंत्रालयों, राष्ट्रीय कृत बैंकों और सार्वजनिक उपक्रमों को राजभाषा पुरस्कार भी प्रदान किए जाते हैं।
  2. भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हिंदी से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए हैं। हिंदी दिवस के सम्मान में विज्ञान भवन नई दिल्ली में एक समारोह आयोजित किया गया था।
  3. केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की वजह से हिंदी भाषा और हिंदी दिवस को महत्व और मान्यता देने की दिशा में बढ़ोतरी हुई है।
  4. भोपाल में आयोजित एक विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अंग्रेजी, हिंदी और चीनी डिजिटल दुनिया पर शासन करने जा रहे हैं, ताकि भाषा के महत्व पर जोर दिया जा सके।
  5. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी संयुक्त राष्ट्र में हिंदी के लिए आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का मुद्दा उठाया था।

हिंदी दिवस पर भाषण

हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के हिंदी भाषी राज्यों में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। हिंदी दिवस का जश्न भारत सरकार के सभी केंद्रों, स्कूलों, कालेजों और सभी संस्थानों में सरकारी वित्त पोषित कार्यक्रम है। लेकिन हमारा कार्यालय इस अवसर को उत्साह के साथ मनाता है।

इसे मूल रूप से पूरी दुनिया में हिंदी भाषा की संस्कृति को बढ़ावा देने और प्रसार करने के लिए मनाया जाता है। इसका महत्व इस दिन आयोजित कार्यक्रमों स्पर्धा प्रतियोगिताओं और विभिन्न प्रकार के त्योहारों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। हिंदी दिवस को उनकी एकता और आम व्यक्ति की हिंदी भाषा आबादी के लिए एक वफादार रिम के रूप में मनाया जाता है।

आज स्याही से लिख दो, तुम अपनी पहचान।
हिंदी हो तुम हिंदी से, सीखो करना प्यार।

14 सितंबर 1949 को भारत के संविधान में हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया था। यह निर्णय भारत के संविधान द्वारा स्वीकृत किया। भारतीय संविधान द्वारा हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया गया।

अब दो भाषा है, हिंदी और अंग्रेजी जो अधिकारिक तौर पर भारत सरकार के स्तर पर इस्तेमाल की जाती हैं। हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है और हमें हमेशा इस भाषा का जितना संभव हो सके उतना प्रयोग करना चाहिए। हमें अपनी भाषा को बोलने में शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए, बल्कि गर्व से इस भाषा को अपनाना चाहिए।

हिंदी दिवस पर संदेश

हिंदी दिवस इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दूसरी भाषाओं को सीखना गलत नहीं, किंतु दूसरी भाषाओं को सीखते-सीखते अपनी मातृभाषा को अनदेखा कर देना भी न्याय संगत नहीं है। विश्व की उन्नत भाषाओं में हिंदी भाषा सबसे व्यवस्थित भाषा है। सरल शब्दों में कहा जाए तो, इस भाषा मे हम जो लिखते हैं, वही बोलते हैं और उसका अर्थ भी वही होता है। जबकि अन्य भाषाओं में ऐसा नहीं होता, वहां बोला कुछ और जाता है और कई बार अर्थ कुछ और ही हो सकता है।

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटे न हिय को शूल।
विविध कला शिक्षा अमिट, ज्ञान अनेक प्रकार।
सब देशन से लै करहुँ, भाषा माही प्रचार।

अर्थात अपनी मूल भाषा से ही उन्नति संभव है, क्योंकि हमारी मूल भाषा ही सब उन्नति का मूल आधार है और मातृभाषा के ज्ञान के बिना हृदय की पीड़ा का निवारण भी संभव नहीं होता। हमें सभी देशों से विभिन्न प्रकार की असीमित कलाएं एवं ज्ञान अवश्य लेना चाहिए, परंतु उनका प्रचार-प्रसार अपनी मातृभाषा में ही करना चाहिए। पहली बार विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी 2006 को मनाया गया था और तब से हर साल 10 जनवरी को ही मनाया जाता है।

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