होली पर निबंध 2023 {भाषण, इतिहास एवं कविता सहित}| essay on holi in hindi

होली पर निबंध, आपके लिए लेकर आएं है। होली का त्यौहार भारत के हिन्दुओं द्वारा हर साल फाल्गुन मास मार्च के महीने में मनाया जाता है। यह यह रंगों का एक विश्व प्रसिद्ध पर्व है। इस त्यौहार का सबसे ज्यादा आनन्द बच्चे उठाते है क्योंकि यह त्यौहार एक सप्ताह पहले से ही शुरू किया जाता है और तो और यह होली के एक सप्ताह बाद तक चलता है।

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EssayToNibandh.com पर आज हम ‘होली का निबंध’ पढ़ेंगे। जो की अलग अलग शब्द सीमा के आधार पर लिखे गए हैं। आप होली पर निबंध को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें।

होली पर निबंध हिंदी में हिंदी में को निम्न शब्द सीमा के आधार पर लिखा गया है-

आइये! होली पर निबंध 10 लाइन हिंदी में को अलग अलग शब्द सीमाओं के आधार पर पढ़ें।

नोट- यहां पर दिया गया होली पर लेख हिंदी में कक्षा(For Class) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12,(विद्यालय में पढ़ने वाले) विद्यार्थियों के साथ-साथकॉलेज के विद्यार्थियों के लिए भी मान्य हैं।

होली निबंध 50 शब्दों में

होली एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह भारत के साथ-साथ अन्य कई देशों में भी मनाया जाता है। समाज में चल रही कुरीतियों को समाप्त करने का भी पर्व हम इसे कह सकते है। होली प्रेम और भाईचारे का भी प्रतीक है।

सभी इस दिन एक-दुसरे को रंग लगाकर हीन भावना को समाप्त करने का प्रयास करते है। होली के दिन हमें वह संकल्प करना चाहिए कि हम सभी के साथ प्रेम व मित्रता का व्यवहार करेंगे।

दुआ यही हमारी पूरी हो हर आपकी आस,
मिठे-मिठे पकवानों से जीवन में बनी रहे मिठास,
दुनिया की सारी खुशियां आ जाए आपकी झोली,
हमारी और से मुबारक हो आपको यह होली।

होली पर निबंध 10 लाइन हिंदी में | होली पर निबंध 100 शब्द

1) भारत एक ऐसा देश है जहाँ विभिन्न धर्म को मानने वाले लोगों की कमी नहीं है।

2) भारत में मनाये जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक महत्वपूर्ण त्यौहार होली भी है।

3) भारत में हर साल होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन ही मनायी जाती है।

4) जिसे रंगो का त्यौहार कहाँ जाता है।

5) यह त्यौहार बसंत ऋतु के फाल्गुन मास में मनाया जाता है।

6) यह त्यौहार विष्णु जी के परम भक्त प्रहलाद के आग से बचने और होलिका के आग में जलने की ख़ुशी में मनाया जाता है।

7) प्रहलाद विष्णु का बहुत बड़ा भक्त था।

8) इसलिए उसे हर प्रकार के संकटों से स्वयं ईश्वर बचाते थे।

9) होलिका को वरदान प्राप्त होने के बाद भी वह स्वयं को आग में जलने से रोक नहीं पाई।

10) इसी खुशी में लोग तब से होली मनाते आ रहे है।

रंगों से भरी इस दुनिया में,
रंग रंगीला त्यौहार है होली,
गिले-शिकवे भुलाकर,

खुशियाँ मनाने का त्यौहार है होली।

होली पर निबंध 150 शब्दों में

प्रस्तावना

होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। इस दिन होलिका का अग्नि में जलकर अन्त हो गया था। तभी से सब होलिका दहन की रसम को पूरा करके होली की अच्छी शुरुआत करते है।

खुशियों का रंग भरे जीवन में,
दुःख सारे जिसमें छिप जाए।
भगवान करे इस होली पर,
आपके रंग में सब रंग जाए।

होली के आधुनिक दोष

कोई भी त्यौहार चाहे कितना ही महत्वपूर्ण क्यों न जाए, परन्तु एक समय आता है जब दोष उत्पन्न हो ही जाते है। होली के दिन जहाँ ज्यादातर लोग ख़ुशी मनाते है, रंग-गुलाब उड़ाते है तथा लजीज और स्वादिष्ट पकवान खाते है।

वहीं कुछ लोग इस त्यौहार को खराब करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ते। ऐसे ख़ुशी के मौके पर कई सारे लोग शराब पीकर जगह-जगह नाटक करते है। लोग जुआ खेलकर तथा शराब पीकर इस दिन की ख़ुशी को तो खत्म करते ही है, साथ ही साथ अपने परिवार की खुशियों को भी खराब कर देते है।

कुछ लोग जानबूझकर हल्के रंगों के बजाय गहरे कैमिकल युक्त रंग दूसरों के ऊपर लगा देते है। इससे भी लोगों को काफी सारा नुकसान तथा परेशानी का सामना करना पड़ता है।

रंगीन दुनिया का,
रंगीन पैगाम है होली,
हर तरफ यही धूम मची,
बुरा ना मानो होली है।

होली पर निबंध 200 शब्दों में

प्रस्तावना

भारत में हर साल होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन ही मनायी जाती है। यह रंगो का बहुत बड़ा त्यौहार है। इस त्यौहार का सभी लोग रंग खेलकर पूरा आनन्द लेते है तथा तरह-तरह के पकवान भी बनाते है और सभी अपने परिवार के साथ उनका स्वाद और ख़ुशी का अनुभव करते है।

हर रंग आप पे बरसे,
हर कोई आपसे होली खेलने को तरसे,
रंग दे आपको सब इतना,
की आप रंग छुड़ाने को तरसे।

होली मनाने का कारण

होली मनाने के पीछे का कारण श्री हरी नारायण के परम भक्त प्रहलाद है। प्रहलाद विष्णु जी के परम भक्त थे, परन्तु प्रहलाद के पिता ईश्वर को नहीं मानते थे। वे स्वयं को ही ईश्वर मानते थे और सभी पर बहुत अत्याचार करते थे।

उन्होंने अपने बेटे प्रहलाद को बार-बार मारने की कोशिश की क्योंकि वह विष्णु भक्त था। उसने अपने पिता को ईश्वर मानने से साफ मना कर दिया था। तब उसकी बुआ होलिका अपने भाई हिरण्यकश्यप के आदेश पर प्रहलाद को लेकर अग्नि में जाकर बैठ गयी।

लेकिन भगवान ने प्रहलाद को बचा लिया और उसी अग्नि में होलिका का जलकर अन्त हो गया तथा वह वहीं राख बन गई। उसी दिन से हर साल हिन्दू धर्म में होलिका को जलाने की परंपरा चली आ रही है।

फागुन का महीना, वो मस्ती के गीत,
रंगों का मेल, वो नटखट का खेला,
दिन से निकलती है ये प्यारी सी बोली,
मुबारक हो आपको ये रंग भरी होली।

निष्कर्ष

सभी लोग अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, दोस्तों तथा पड़ोसियों के साथ रंग खेलते है। बच्चे एक-दूसरे पर रंगों से भरे गुब्बारे फेंकते है तथा पिचकारी मारकर एक-दूसरे को पूरा रंग-बिरंगा कर देते है। इस दिन हर परिवार में विशेष रूप से तैयारियां की जाती है और सभी साथ में इस त्यौहार को मनाते है।

होली पर निबंध 250 शब्दों में

प्रस्तावना

होली हिंदुओं का महत्वपूर्ण त्यौहार है। हमें होली ख़ुशी और एकता तथा प्यार करना सिखाती है। होली को रंगो का त्यौहार कहा जाता है। यह अपने साथ ढेर सारी खुशियां तथा प्यार लेकर आती है।

रंगों में मिला के दोस्ती और प्यार,
गले मिल के एक दूजे से यार,
मुबारक हो ये होली का त्यौहार।

होली रंग, ख़ुशी व प्यार का त्यौहार है

होली सभी के जीवन में हमेशा खुशियाँ लेकर ही आती है। यही एक ऐसा त्यौहार है जिसमें हमें किसी भी देवता की वन्दना करनी नहीं पड़ती। अन्य सभी त्योहारों हमें देवताओं की पूजा करनी पड़ती है।

यह त्यौहार बिना रंगो के बनाया ही नहीं जा सकता क्योंकि रंग खेलना ही इस त्यौहार की जान है। तभी तो इसे रंगो का त्यौहार भी कहा जाता है।

रंगों के त्यौहार में सभी की हो भरमार,
ढेर सारी खुशियों से भरी हो आपका संसार,
यही दुआ है भगवान से हमारी हर बार,
होली मुबारक हो मेरे यार।

सभी लोग होली में गुलाल, रंग तथा पानी से होली खेलते है। वे एक-दूसरे पर रंग तथा गुलाल डालकर होली की शुभकामनाएं देते है। सभी बच्चे विभिन्न प्रकार की पिचकारी, गुब्बारे आदि के साथ होली खेलते नजर आते है।

घर हो या सड़क हर जगह सभी लोग होली के रंग में ही रंग जाते है। सभी रंग मे इतना ज्यादा रंग जाते है की उनके लिए खुद को पहचानना मुश्किल हो जाता है।

पूनम की चाँद रंगो की डोली,
चाँद से उसकी चांदनी बोली,
खुशियाँ से भर दे सबकी झोली,
मुबारक हो आप सब को खुशियों की होली।

सिंथेटिक रंगों का उपयोग न करें

होली रंगों का त्योहार है इसलिए हर साल के उपलक्ष्य में पूरा बाजार रंगों से भर जाता है। बाजार में प्रत्येक दुकान में रंग ही रंग दिखाई देता है लेकिन कुछ दुकानदार ऐसे भी होते है जो हानिकारक कैमिकल युक्त रंगों को अपने दुकान में रखते है।

ये पाउडर के रूप में उपलब्ध रंग ज्यादातर तांबा, पारा, एल्युमिनियम तथा सीसा जैसी हानिकारक धातुओं से बने होते है। जो मनुष्य की स्किन को बहुत नुकसान भी पहुंचाते है। इसलिए हमेशा सावधानी पूर्वक ही रंग खरीदे।

पिचकारी की धार हो आपके,
रंगो की बहार हो आपके,
ख़ुश रहे आप और आपका परिवार,
मुबारक हो आपका ये होली का त्यौहार।

निष्कर्ष

होली रंगों का त्यौहार है, इसलिए सभी रंगों में भीगने के लिए इस त्यौहार को पूरी उत्साह के साथ मनाना चाहिए तथा हमें हमेशा होली खेलने के लिए सही रंगो का ही चुनाव करना चाहिए।

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होली पर निबंध 300 शब्दों में

प्रस्तावना

होली का त्यौहार भारत के हिन्दुओं द्वारा हर साल फाल्गुन मास (मार्च) के महीने में मनाया जाता है। यह यह रंगों का एक विश्व प्रसिद्ध पर्व है। इस त्यौहार का सबसे ज्यादा आनन्द बच्चे उठाते है क्योंकि यह त्यौहार एक सप्ताह पहले से ही शुरू किया जाता है और तो और यह होली के एक सप्ताह बाद तक चलता है।

न ज़ुबान से, न निगाहों से, ना दिमाग से,
न रंगो से, न ग्रीटिंग से, न गिफ्ट से,
आपको होली मुबारक हो,
डायरेक्ट दिल से।।

होली मनाने का तरीका

होलिका दहन की अगली ही सुबह सभी लोग एक जगह एकत्रित होकर रंग खेलने की तैयारियों में लग जाते है। मुख्यतः त्यौहार से एक सप्ताह पहले से ही सभी के घरों में होली की तैयारी शुरू कर दी जाती है।

सभी लोग इस त्यौहार को लेकर काफी उत्साहित होते है, मगर सबसे ज्यादा यदि कोई उत्साहित होता है तो वे होते है बच्चे, जो एक सप्ताह पहले से ही अलग-अलग प्रकार के रंग तथा पिचकारी खरीदना शुरू कर देते है।

होली का उत्सव सुबह शुरू होता है, जब बहुत सारे लोग रंगों को लेकर अपने मित्रों तथा अन्य लोगों से मिलते है और उन्हें रंग देते है। लोग एक-दूसरे को बधाई देते है तथा उनके घर भी मिलने जाते है।

बरसाना में लठ मर होली

होली में रंग खेलने की शुरुआत श्री कृष्ण द्वारा की गई थी। सबसे ज्यादा होली भी श्री कृष्ण के जन्मभूमि में ही खेली जाती है। मथुरा, वृंदावन तथा बनारस यहाँ होली के एक हफ़्ते पहले से ही लोग होली खेलना शुरू कर देते है और होली के एक हफ़्ते बाद तक लोग होली खेलते है।

बरसाना के राधा रानी परिसर में भी लोग सदियों से लट्ठमार होली खेलने तथा देखने के लिए आसपास के गाँवों जैसे, वृंदावन आदि से लोग आते है। इस प्रकार की होली हर जगह नहीं होती इसलिए वह काफी प्रचलित भी है।

इसमें महिलाएं लाठी से मरती है तो दूसरी और पुरुष खुद को ढाल के साथ सुरक्षित कर लेते है और जो भी पुरुष महिलाओं के द्वारा पकड़े जाते है, वो महिलाओं के परिधान पहनकर नृत्य करते है।

बरसाना की इस लट्ठमार होली को इतनी ज्यादा प्रसिद्धि मिली है कि विदेशों से लोग केवल इस होली को देखने के लिए बरसाना आते है। यह होली भारत के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी पहचान कायम कर चुकी है।

फूलों ने खिलना छोड़ दिया,
तारो ने चमकना छोड़ दिया ,
होली में बाकी है अभी दिन,
फिर आपने अभी से क्यों नहाना छोड़ दिया।

निष्कर्ष

होली रंगों का त्योहार है, जिसे मस्ती और आनंद के साथ मनाया जाता है। हमें होली में मस्ती करने का और रंग लगाने का पूरा हक होता है। परन्तु हमे किसी को भी परेशान नहीं करना चाहिए और सभी को प्रेम तथा एकता से रहना चाहिए।

होली पर निबंध 400 शब्दों में

प्रस्तावना

होली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है और यह काफी ज्यादा महत्वपूर्ण भी माना जाता है। यह त्यौहार पूरे भारत और साथ ही साथ कई उपमहाद्वीप और कई अन्य देशों में भी मनाया जाता है। यह त्यौहार फाल्गुन माह में मनाया जाता है।

जीवन के हर रंग में दोस्तों से है,
कोई लाल, कोई नीला, कोई हरा, कोई पीला,
पर जब भी आपको देखते है,
दिल बस यही पूछता है, यह नया रंग कौन सा है।

होलिका और उनके रीति-रिवाज

होली के दिन पहले छोटी होली मनायी जाती है। ‘holi per nibandh’ होली के एक दिन पहले लोग सड़कों, चौराहों और जहां पर भी जगह मिलती है वहां पर लकड़ियों का ढेर लगते है और उसे होलिका दहन के प्रतीक के रूप में जलाते है। इसे होली दहन समारोह के रूप में मनाया जाता है।

लोग होलिका की आग के चारों तरफ चक्कर लगाते है और बुरे कर्मों के लिए क्षमा मांगते है। सभी लोग अग्नि में अपने सभी पापों का विसर्जन कर देते है और अपने तथा परिवार के लिए अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त करते है।

अपनों को अपनों से मिलती है होली,
खुशियों के रंग लाती है होली,
बरसो से बिछड़े है जो,
उन सबको मिलाती है होली।

होली का महत्व

होली का त्यौहार सभी लोगों की जिन्दगी में काफी महत्वपूर्ण है। इसी दिन होलिका नाम की राक्षसी जलकर राख हो गयी थी। इसी ख़ुशी में सभी ने जश्न मनाया। इसी दिन से हर साल होली मनायी जाने लगी।

होली का त्यौहार सभी लोगों के आपसी मतभेद को खत्म करता है। यह ऐसा त्यौहार है जो सभी लोगों के आपस में भेदभाव अमीरी-गरीबी, क्षेत्र, जाती, धर्म, आदि को भूलकर एक-दूसरे पर रंग डालने का उपदेश देता है।

यह त्यौहार हमें सिखाता है कि हम सभी मनुष्य है और हम सभी समान है। हममें से कोई भी छोटा या बड़ा नहीं है। होली आने के कारण जो लोग दुश्मनी निभा रहे थे, वो दुश्मनी खत्म करके एक-दूसरे की तरफ मित्रता का हाथ बढ़ाते है। होली न केवल भारत बल्कि विश्व अनेक देशो में भी खेली जाती है।

पिचकारी की धार हो आप पर,
रंगों की बौछार हो आप पर।
खुश रहे आप और आपका परिवार,
मुबारक हो आपको ये होली का त्यौहार।

होली का त्यौहार

कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण के जन्म से पहले होली के उत्सव को केवल होलिकोत्सव के रूप में मनाया जाता था। जिसमें होलिका दहन में नवान्न अर्पित किया जाता था। लेकिन इस त्यौहार को रंगो के त्यौहार में परिवर्तित करने का श्रेय भगवान श्री कृष्ण को जाता है।

कहा जाता है की एक बार होलिकोत्सव के दिन भगवान श्री कृष्ण के घर पूतना नाम की एक राक्षसी आयी थी। वह कृष्ण को मारने के उद्देश्य से आयी थी। मगर श्री कृष्ण ने उसका ही वध कर दिया।

जब कृष्ण युवावस्था में थे तो उन्होंने इस पर्व को गोप-गोपिकाओं के साथ रासलीला और रंग खेलने के साथ-साथ रात के समय होलिका दहन करने की परम्परा शुरू की।

रंगों का त्योहार होली,
थोड़ी ख़ुशी मना लेना।
हम थोडा दूर है आपसे,
जरा गुलाल हमारी तरफ से भी लगा लेना

होली पर भाषण

  • आज होली के शुभ अवसर पर आप सभी साथियों को मेरा प्रणाम और साथ ही साथ आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाए।
  • होली हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है।
  • यह हर साल मार्च के महीने में मनाया जाता है।
  • इस दिन सभी लोग मिलकर होली का आनन्द उठाते है और कोई भी किसी की बातों का बुरा नहीं मनाता।
  • इस दिन बच्चे, बूढ़े तथा युवा सभी रंगों से खेलते है।
  • यह पर्व एकता, ख़ुशी, प्यार, सुख और जीत का प्रतीक है।
  • इस दिन सभी के घर में तरह-तरह की मिठाई तथा स्वादिष्ट व्यंजन बनाये जाते है।
  • होली में सभी एक-दूसरे के गले लगकर बधाई देते है तथा ख़ुशी-ख़ुशी पर्व का आनन्द उठाते है।

राधा का रंग और कान्हा की पिचकारी,
प्यार के रंग से रंग दो दुनियाँ सारी।
ये रंग ना जान पाये कोई जात ना कोई बोली,
मुबारक हो आपको रंग भरी होली।।

निष्कर्ष

यह त्यौहार हिंदुओं के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। होली के एक दिन पहले रात के समय होलिका दहन किया जाता है। इसके अगले दिन सभी एक-दूसरे को मौज-मस्ती तथा उत्साह के साथ रंग लगाया जाता है।

होली पर निबंध 500 शब्दों में

प्रस्तावना

हर साल पूरे भारतवर्ष में होली का त्यौहार बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। यह बसंत ऋतू में मनाया जाता है। इस दिन सभी लोग आपसी मतभेद को त्यागकर आपस में प्रेम पूर्वक इस पर्व को मनाते है।

अपनों को अपने से मिलाती है होली,
खुशियों के रंग लती है होली।
बरसो से बिछड़े है जो,

उन सब को मिलती है होली।

होली का इतिहास

होली का इतिहास भगवान श्री हरि विष्णु जी से संबंधित है। हमारे ग्रंथो में बताया गया है की एक समय ऐसा था जब हिरण्यकश्यप नाम का एक राजा राज करता था।

वह काफी शैतानी शक्तियों का मालिक तो था ही साथ-साथ उसकी बहन को भी काफी सारी शक्तियां प्राप्त थी और इन्हें देवताओं से कई वरदान भी प्राप्त थे। हिरण्यकश्यप इन्हीं शक्तिओं के घमंड के कारण स्वयं को ईश्वर समझने लगा था और विष्णु जी को अपना सबसे बड़ा शत्रु समझता था।

हमेशा मीठी रहे आपकी बोली,
खुशियों से भर जाए आपकी झोली,
आप सभी को मेरी तरफ से हैप्पी होली।

लेकिन हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रहलाद श्री विष्णु का परम भक्त था। वह केवल उन्हीं की भक्ति करता था। हिरण्यकश्यप ने उस पर बहुत अत्याचार किये लेकिन प्रहलाद ने भी अपनी भक्ति नहीं छोड़ी।हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया कि वह प्रहलाद को लेकर जलती चिता में बैठ जाए क्योंकि वह ब्रह्मा जी के वरदान के कारण आग में नहीं जलती।

लेकिन जब जलती चिता में प्रहलाद के साथ बैठी तो ईश्वर की कृप्या के कारण प्रहलाद जीवित बच गया लेकिन होलिका उसी चिता में जलकर राख हो गयी। तब से हर साल इस दिन को होली के रूप में मनाया जाता है।

रंग उड़ाए पिचकारी,
रंग से रंग जाये दुनिया सारी।
होली का रंग आपके जीवन को रंग दे,
यही शुभकामना है हमारी।।

होली: प्रेम और एकता का प्रतीक

होली को हम रंगों का त्यौहार भी कहते है। केवल होली ही एक ऐसा पर्व है, जिसमें बच्चे हो, बूढ़े हो या फिर जवान हो सभी पुरे हर्षो-उल्लास और पुरे उत्साह के साथ ख़ुशी मनाते है।

इस दिन सभी उम्र के लोग रंग खेलते है। और एक-दूसरे को प्रेम से रंग लगाते है। अपने आपसी मतभेद को भूलकर दोस्ती और मित्रता निभाते है।

इस दिन सभी लोग शिष्टाचार को भूलकर सभी को मिलकर रंग लगाते है, उनका मजाक भी उड़ा सकते है क्योंकि इस दिन कोई भी किसी की बातों का बुरा नहीं मानता।

होली के विशेष अवसर पर सभी आपस में एकता के पवित्र बंधन में बंध जाते है। इस दिन कोई किसी की बातों का बुरा नहीं मानता। सभी लोग आपस में गले मिलते है और एक-दूसरे के घर जाकर होली मनाते है। यही कारण है की होली को एकता, प्रेम और विश्वास का प्रतीक मना गया है।

दुआ यही हमारी पूरी हो आपकी आस,
मीठे-मीठे पकवानों सी जीवन में बनी रहे मिठास।
दुनिया की सारी खुशियां आ जाए आपकी झोली,
हमारी और से आपको मुबारक हो यह प्यारी होली।

होली के त्यौहार पर भाषण

  • आप सभी को मेरी और से होली की हार्दिक शुभकामनाएं।
  • होली का त्यौहार प्रति वर्ष बसंत में मनाया जाता है।
  • यह त्यौहार अपनेपन का भी प्रतीक है।
  • होली का त्यौहार प्रेम भाईचारे, उत्सव, सौहार्द और एकता का प्रतीक है।
  • इस त्यौहार का इतिहास काफी रोचक है।
  • इससे हिन्दू धर्म की कई सारी धार्मिक व पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई है।
  • यह भी एक कारण है की इस पर्व से लोगों की आस्था काफी ज्यादा गहरी है।
  • इस पर्व का सामाजिक तथा सांस्कृतिक रूप से काफी महत्व है।
  • इस दिन सभी लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे से मित्रता तथा प्रेम का व्यवहार करते है।
  • रंगों का यह त्यौहार श्री राधा-कृष्ण के असीमित तथा अद्भुद प्रेम का प्रतीक भी है।
  • साथ ही साथ भक्त के भगवान पर विश्वास को भी यह त्यौहार दर्शाता है।
  • इस त्यौहार की तैयारियां सभी के घरों में कुछ दिन पहले शुरू हो जाती है।
  • घरों में होली के चार दिन पहले से चिप्स, पापड़, कचोरी, नमकीन आदि बननी शुरू हो जाती है।
  • होली के दिन सभी घरों में भुजिया, गुलाबजामुन, मालपुआ, खीर, पूड़ी, कचौड़ी, छोले, पनीर आदि तरह के पारंपरिक पकवान और मिठाइयां बनती है।
  • इस के अलावा होली पर आयोजित तरह-तरह के कार्यक्रमों में लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर अपनी ख़ुशी व्यक्त करते है।
  • ऐसे ही हर साल होली सभी के लिए खुशियाँ लेकर आती रहे।

मथुरा की खुशबू, गोकुल का हार,
वृन्दाबन की सुगंध, बरसाने की फुहार।
राधा की उम्मीद, कान्हा का प्यार,
मुबारक हो आपको यह होली का त्यौहार।

होली पर कविता

होलिका दहन के साथ बीते पूरे वर्ष की सारी कड़वी यादें,
अनुभवों और दुखों को जलाकर आने वाले नववर्ष में प्रेम,
उल्लास, आनद, उमंग और भाईचारे के साथ जीवन व्यतीत करें।
होली की हार्दिक शुभकामनाएं।

निष्कर्ष

होली रंगों का त्यौहार है। जिसे हम सभी मस्ती और आंनद के साथ मनाते है। इस दिन सभी एक-दूसरे को पानी तथा रंगो से भीगा देते है। सभी इस पर्व को बहुत मजे से मनाते है और सभी खुश रहते है।


मेरे प्यारे दोस्तों! मुझे पूरी उम्मीद हैं की मेरे द्वारा लिखा गया होली निबंध हिंदी में आपको जरूर पसंद आया होगा।

आप होली पर लेख को अपने करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों को जरूर शेयर कीजियेगा, जिनको इस निबंध की अति आवश्यकता हो।

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