New Jal Pradushan Par Nibandh | Water Pollution Essay in Hindi 2020

Jal Pradushan Par Nibandh (Water Pollution Essay) in Hindi: सोचो, आज जल हमारे लिए क्या हैं?, सोना या फिर इससे भी बढ़कर? Jal Pradushan Par Nibandh नहीं लिखना पड़ता अगर हमें जल रूपी अमृत की कद्र होती। जल हमारे जीवन का अहम हिस्सा हैं। इसे दूषित करके हम अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं।

Jal Pradushan Par Nibandh & Water Pollution Essay In Hindi
Jal Pradushan Par Nibandh & Water Pollution Essay In Hindi

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ईश्वर से मेरी प्रार्थना हैं की आप हमेशा खुश रहें और अपनों को भी खुश रखें। क्योंकि, अपने तो अपने होते हैं। 😊

आज हम जल प्रदूषण पर निबंध पढ़ेंगे। जो की अलग अलग शब्द सीमा के आधार पर लिखे गए हैं। आप Water Pollution Essay In Hindi को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें।

Jal Pradushan Par Nibandh को निम्न शब्द सीमा के आधार पर लिखा गया है-

  1. Short Essay On Water Pollution (100 शब्द)
  2. जल प्रदूषण पर निबंध 150 शब्द
  3. जल प्रदूषण पर निबंध 200 शब्द
  4. Jal Pradushan Par Nibandh 250 Shabd 
  5. Jal Pradushan Par Nibandh 300 Shabd 
  6. Jal Pradushan Essay in Hindi 400 Shabd 
  7. Jal Pradushan Par Nibandh 500 Shabd 

आइये! 

Jal Pradushan Par Nibandh को अलग अलग शब्द सीमाओं के आधार पर पढ़ें।

नोट- यहां पर दिया गया Jal Pradushan Par Nibandh कक्षा(For Class) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12,(विद्यालय में पढ़ने वाले) विद्यार्थियों के साथ-साथ कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए भी मान्य हैं।

जल प्रदूषण पर निबंध 100 शब्द (Short Essay On Water Pollution)

Jal Pradushan Par Nibandh 100 Words
Jal Pradushan Par Nibandh 100 Words

जल प्रदूषण क्या हैं?:

पानी में हानिकारक रसायनों या किसी प्रदूषक तत्व की उपस्थिति के कारण पानी की गुणवत्ता में होने वाले जैविक या रासायनिक परिवर्तन को “जल प्रदूषण” कहा जाता है।

जल प्रदूषण एक बहुत ही गंभीर समस्या है जिससे दुनिया के लगभग सभी देश और पृथ्वी के सारे जीव-जंतु प्रभावित हो रहे हैं।

जल प्रदूषण के लिए मुख्य रूप से मनुष्य ही जिम्मेदार है क्योंकि मनुष्य ही ने कृत्रिम रसायनों का प्रयोग शुरू किया।

अगर हमें जल प्रदूषण के दुष्प्रभाव से बचना है तो हर हाल में जागृत होना पड़ेगा और बाकी लोगों को भी जागरूक करके सबको एक साथ मिलाकर सार्थक प्रयत्न करने होंगे।


जल प्रदूषण पर निबंध 150 शब्द (Water Pollution Essay 150 Words)

Jal Pradushan Par Nibandh 150 Words
Jal Pradushan Par Nibandh 150 Words

जल प्रदूषण एक वैश्विक स्तर की समस्या है और बेहद ही गंभीर समस्या है। इससे लगभग हर देश हर व्यक्ति और हर जीव प्रभावित हो रहा है। यदि हम समय पर नहीं जागे तो इसके दुष्परिणाम बहुत ही भयावह होने वाले हैं।

ऐसे तो जल प्रदूषण के बहुत सारे कारण हैं लेकिन तीन मुख्य कारण है। और वह है –

  • प्रथम- कल कारखानों से निकलने वाला कचरा जिसमें रसायन मिला हुआ रहता है।
  • दूसरा- हमारे घर से निकलने वाला डिटर्जेंट युक्त पानी।
  • तीसरा मुख्य कारण है– खेतों में डालने वाला रसायन खाद और कीटनाशक।

अंतिम के दो कारणों के बारे में तो बहुत सारे लोगों को पता भी नहीं होता क्योंकि हमें यही लगता है कि यह जो  रसायन खाद कीटनाशक और डिटर्जेंट है। वह खत्म हो जाते हैं।

लेकिन सच्चाई यह है कि यह पानी के साथ मिलकर बड़े जलाशयों में जब पहुंचता है तो वहां पर जीवों को हानि पहुंचाता है।

Jal Pradushan Par Nibandh Video

जल प्रदूषण पर निबंध 200 शब्द (Solution Of Water Pollution In Hindi)

Jal Pradushan Par Nibandh 200 Words
Jal Pradushan Par Nibandh 200 Words

जल प्रदूषण एक गंभीर समस्या है इससे न सिर्फ मनुष्य बल्कि बाकी के जीव-जंतु भी प्रभावित हो रहे हैं।

जल प्रदूषण के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ फैल रही हैं जलीय जीव मर रहे हैं। हर साल हज़ारों व्हेल मछलियाँ, और लाखों अन्य तरह के जीव और लोग मर रहे हैं जिसका कारण है जल प्रदूषण

यदि कारण की बात की जाए तो इसके लिए हम मनुष्य ही कहीं न कहीं जिम्मेदार हैं। हम विकास के अंधे दौड़ में इस तरह से पागल हो गए कि इसके दुष्परिणामों के बारे में कभी सोचा ही नहीं। और यही दुष्परिणाम आज एक भयावह समस्या बन कर आज हमारे सामने खड़ी है।

यदि हम समय रहते सतर्क नहीं हुए ये तो भयावह समस्या एक स्थाई समस्या बन जाएगी जिसका हमारे पास कोई भी समाधान नहीं होगा।

अतः समय की यही मांग है की हम समय रहते जागें और सभी को भी जगाएं, और समस्या से अवगत कराएं तथा साथ मिलकर इस दानव का सामना करें।

प्रदूषण करने वाले तत्व का एक-एक कण इस राक्षस की शक्ति को बढ़ा रहा है इस बात को भी हमें नहीं भूलना चाहिए।

शुरुआत हमें अपने घरों से करनी चाहिए। हमें उन सभी चीज़ों का प्रयोग कम कर देना चाहिए जो प्रदूषक का काम करते हैं।


जल प्रदूषण पर निबंध 250 शब्द (Jal Pradushan Par Nibandh 250 Shabd)

Jal Pradushan Par Nibandh 250 Words
Jal Pradushan Par Nibandh 250 Words

जल हमारे अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है हमारे शरीर में 70% हिस्सा जल ही है। लेकिन आज जो हम पानी पी रहे हैं वह स्वच्छ नहीं है।

उसमें अनेकों तरह के खतरनाक तत्व मिल गए हैं और उसे प्रदूषित कर दिया है। और इसका कारण और कोई नहीं बल्कि हम मनुष्य ही हैं।

जल प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। दुनिया के बड़े-बड़े संगठन तथा बड़े बड़े देश इस समस्या से लड़ने के लिए हजारों रुपए खर्च कर रहे हैं। फिर भी यह समस्या जहां थी वहीं पर है।

वैसे देखा जाए तो जल प्रदूषण इतनी बड़ी समस्या नहीं है जितनी जल प्रदूषण के प्रति हमारी उदासीनता समस्या है। बहुत सारे लोग जिनके पास अच्छी खासी मात्रा में पैसे हैं वह अपने घरों में पानी को साफ करने के लिए मशीनें लगा रहे हैं।

लेकिन यह इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं है यह वैश्विक स्तर पर जल प्रदूषण की समस्या को खत्म नहीं कर सकती।

अभी भी ऐसे करोड़ों लोग हैं जिनके पास मामूली साधन भी उपलब्ध नहीं है ऐसे में वे पानी साफ करने की मशीन कहां से लगा पाएंगे।

यदि हमें इस समस्या को खत्म करना है तो हमें एकजुट होकर इस समस्या के निवारण हेतु जागरूकता अभियान चलाने होंगे और सरकारों को भी यह समझना होगा कि विकास के अंधे दौड़ में इस तरह से पागल ना हो कि हम अपना अस्तित्व ही खो बैठे।

हमें इस समस्या को हावी होने से पहले रोकना होगा, इसे खत्म करना होगा और प्रकृति के साथ न्याय करना होगा। नहीं तो प्रकृति अपना रास्ता स्वयं खोज लेगी।

Jal Pradushan Hindi Essay Video

जल प्रदूषण पर निबंध 300 शब्द (Jal Pradushan Ka Nibandh) 

Jal Pradushan Par Nibandh 300 Words
Jal Pradushan Par Nibandh 300 Words

“जल ही जीवन है” यह एक कथन मात्र नहीं है। यह कल भी प्रासंगिक था, आज भी प्रासंगिक है और आने वाले समय में भी रहेगा। किन्तु ये बहुत ही दुःख की बात है कि हम मनुष्य ही इस बात को नहीं समझ पा रहे।

जानवर सिर्फ उतना ही पानी प्रयोग करते हैं जितना वे पी सकते हैं लेकिन हम मनुष्य पानी का इतना दुरुपयोग करते हैं।

बड़े-बड़े कल-कारखाने हों या फिर हमारा घर ही क्यों न हो, हर जगह जल का दुरुपयोग हो रहा और उसमें हानिकारक रसायन तत्व मिल रहा है। और

फिर यही रसायन युक्त जल जब बड़े-बड़े जलाशयों में जाता हैं तो संपूर्ण जलाशय के जल को रसायन युक्त बना देते हैं। और जल में रसायन अथवा कोई भी हानिकारक तत्व के मिलने की इसी क्रिया को जल प्रदूषण कहा जाता है।

जल प्रदूषण का सबसे अधिक दुष्प्रभाव उस जल में रहने वाले जलीय जीव-जंतुओं पर पड़ता है और उनका जीवन संकट में पड़ जाता है।

जल प्रदूषण के कारण:

जल प्रदूषण के सबसे मुख्य कारण हैं, ऐसे हानिकारक तत्व जो पानी में बड़ी ही आसानी से घुल जाते हैं और फिर नालों से होते हुए बड़े जलाशयों में पहुँच कर पूरे जलाशय को प्रदूषित कर देते हैं।

जल प्रदूषण के कारण जलीय जीवन पर खासा प्रभाव पड़ता है और सबसे ख़राब हालत में इन जीवों की मृत्यु भी हो सकती है।

जल प्रदूषण रोकने के उपाय:

जैसा कि उपरोक्त बातों से पता चलता है कि जब हानिकारक तत्व पानी में घुलकर नदी-तालाबों तक पहुँचता हैं तब हानि होती है।

अतः यदि हमें इसे रोकना है तो उस प्रदूषित पानी को जलाशयों तक पहुँचने से रोकना होगा या फिर हम उसे जलाशय तक पहुँचने से पहले साफ़ कर सकते हैं ताकि जो पानी नदी-तालाबों में जाए वो बिलकुल साफ़ हो, इतना साफ कि हम पी भी सकें।


जल प्रदूषण पर निबंध 400 शब्द (Jal Pradushan Essay in Hindi 400 Shabd)

Jal Pradushan Par Nibandh 400 Words
Jal Pradushan Par Nibandh 400 Words

जल वातावरण और प्रकृति के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व है। लेकिन दुर्भाग्य से आज यह प्रदूषित होता जा रहा है।

यह एक बहुत ही गंभीर समस्या है। क्योंकि यदि यह पूर्णता प्रदूषित हो गया तो पृथ्वी पर से जीवों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। फिर ना तो कोई पेड़-पौधे बचेंगे और ना ही कोई जीव।

जल प्रदूषण के दुष्प्रभाव:

  • प्रदूषित जल पीने के बहुत सारे दुष्प्रभाव होते हैं। यदि प्रदूषित जल हमारे शरीर के अंदर जाएगा तो वह बहुत ही घातक बीमारियों का कारक बन जाएगा जिससे निपटना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।
  • इसका दुष्प्रभाव सिर्फ मनुष्यों के ऊपर नहीं होगा बल्कि इसके चपेट में पृथ्वी पर के सारे जीव जंतु आ जाएंगे।
  • सबसे पहले इसके चपेट में आएंगे जलीय जीव। और एक बार यदि जलीय जीव समाप्ति के कगार पर आ जाएंगे तो हमारा पूरा का पूरा भोजन चक्र संकट में पड़ जाएगा। 
  • अतः होगा यह कि पृथ्वी पर से जीवों का अस्तित्व ही समाप्ति के कगार पर आ जाएगा।

जल प्रदूषण के कारण:

  • जल प्रदूषण के सबसे बड़े कारणों में वैसे तत्व है जो हानिकारक हैं और पानी के साथ अति घुलनशील होते हैं। यह पानी के साथ खुलकर बड़े जलाशयों तक पहुंचते हैं और वहां पर उन जलाशयों में रहने वाले जीवों को हानि पहुंचाते हैं। उन जलाशयों से होकर वह पानी पेड़-पौधों, जानवरों तथा हमारे शरीर में पहुंचता हैं।
  • पूरे विश्व में कल-कारखानों की भरमार है जिससे निकलने वाला रासायनिक कचरा जल प्रदूषण का एक मुख्य कारण है।
  • जल प्रदूषण का दूसरा मुख्य कारक है खेतों में भारी मात्रा में प्रयोग होने वाला खाद तथा कीटनाशक, एक बार जब कीटनाशक खेतों में डाला जाता है तो वह लंबे समय तक वही रहता है। तथा
  • बारिश में वह खेत से निकलकर जलाशयों तक पहुंच जाता है। जो की जल प्रदूषण का कारण बन जाता हैं।

जल प्रदूषण के उपाय:

  • जल प्रदूषण को रोकने के लिए सबसे पहले तो हमें इसके प्रति संवेदनशील होना होगा और जल प्रदूषण की समस्या की गंभीरता से समझना होगा।
  • जल प्रदूषण इतनी बड़ी समस्या नहीं है जितना हमारा इसके प्रति संवेदनहीनता है। ऐसा नहीं है कि हम अगर चाहें तो इसे रोक नहीं सकते हम इसे बिल्कुल रोक सकते हैं। बस अगर कुछ चाहिए तो वह है मजबूत इच्छाशक्ति।
  • जल प्रदूषण को रोकने के लिए सबसे अच्छा उपाय है, प्रदूषित जल को बड़े जलाशयों तक पहुंचने से पहले उसे साफ कर दिया जाए ताकि जब वह पानी जलाशयों तक पहुंचे तब वह बिल्कुल पीने योग्य हो और हम इस जल प्रदूषण से मुक्त हों।
Jal Essay in Hindi Video

जल प्रदूषण पर निबंध 500 शब्दों में (Jal Pradushan Par Nibandh 500 Shabd)

Jal Pradushan Par Nibandh 500 Words
Jal Pradushan Par Nibandh 500 Words

जल हमारे जीवन में खासा महत्व रखता है। यदि देखा जाए तो हमारे शरीर का 70% हिस्सा पानी ही है और इस हिसाब से हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण वस्तु जल है ।

पृथ्वी का भी 70% हिस्सा जल है अर्थात प्रकृति के लिए भी जल उतना ही महत्वपूर्ण है जितना हमारे मानव जीवन के लिए।

लेकिन दुर्भाग्य यह है कि यह जल दिन प्रतिदिन प्रदूषित होता जा रहा है जो कि न तो हमारे लिए अच्छा है और ना ही प्रकृति के लिए।

जिस प्रकार से स्वच्छ जल हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है ठीक इसके उलट प्रदूषित जल पृथ्वी पर जीव जंतुओं के अस्तित्व के लिए एक खतरा है।

जब हम प्रदूषित जल पीते हैं तो जल के साथ साथ हम भिन्न-भिन्न प्रकार की बीमारियां भी अपने शरीर के अंदर समाहित कर रहे होते हैं। अब तो इसके साक्ष्य भी हमारे सामने आने लगे हैं।

जब दुनिया के बहुत सी जगहों में प्रदूषित जल की वजह से लोग भारी मात्रा में मर रहे हैं। समुद्र का राजा व्हेल मछली, हजारों की संख्या में हर साल मर रही है और उसका कारण है “प्रदूषित जल”

जल प्रदूषण के कारण:

ऐसे तो जल प्रदूषण के बहुत सारे कारण हैं लेकिन कुछ मुख्य कारण है भी हैं जो कि जल प्रदूषण में भारी मात्रा में योगदान देते हैं जो कि निम्न हैं-

1. कल कारखाने:

कल कारखानों की वजह से जल प्रदूषण तथा वायु प्रदूषण दोनों होता है। कल कारखानों से निकलने वाला रासायनिक कचरा जब पानी में मिलकर नदियों में जाता है तो वह जल प्रदूषण का एक प्रमुख कारक बन जाता है। और

दूसरी तरफ जब कल कारखानों से निकलने वाला धुआँ ऊपर हवा में जाता है तो वह बादलों के साथ प्रतिक्रिया करके खतरनाक अम्लीय वर्षा करवाता है जो की जल प्रदूषण का ही एक उदाहरण है।

2. खाद और कीटनाशक:

दुनिया भर के किसान खेतों में भरपूर मात्रा में खाद और कीटनाशक का प्रयोग करते हैं जिसकी वजह से भी जल प्रदूषण होता है।

क्योंकि जब कीटनाशक का प्रयोग होता है तब वह खत्म नहीं होता हैं, बल्कि खेत में मिट्टी में मिल जाता है और जब वर्षा होती है तब वह खेत से निकलकर जलाशयों तक पहुंच जाता है और जल जीवों को हानि पहुंचाता है।

3. प्लास्टिक:

प्लास्टिक एक ऐसा नाम है जो कि हम रोजमर्रा के कामों में प्रयोग में लाते हैं लेकिन जो इसकी खूबी है वही हमारे लिए एक अभिशाप बनकर के सामने खड़ा हो गया है।

जिसका हमारे पास कोई समाधान नहीं है। प्लास्टिक सालों साल तक नहीं सड़ता है। दुनिया भर में ऐसी कई रिपोर्ट आ चुके हैं जिसमें कहा गया है कि प्लास्टिक की वजह से जलीय जीव मर रहे हैं।

जल प्रदूषण के उपाय:

ऐसा नहीं है कि जल प्रदूषण को रोका नहीं जा सकता, बस हमें चाहिए मजबूत इच्छाशक्ति और सार्थक प्रयास।

जल प्रदूषण को रोकने के लिए हमें सबसे पहले जागरूकता लानी होगी ताकि लोग कम से कम रसायनों का प्रयोग करें। सरकारों को ऐसे नियम लाने चाहिए कि कल कल कारखानों के मालिक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कारखानों से निकलने वाला धुआँ और दूषित  जल तथा वहां से निकलने वाले रासायनिक कचरे को रसायन रहित करके नदी में बहाया जाए।

हमें प्लास्टिक के उपयोग को भी नियंत्रित करना होगा तथा यहां-तहाँ फेंकने से बचना होगा। तब जाकर इस जल प्रदूषण से हम छुटकारा पा सकते हैं।

जल प्रदूषण निबंध पर अपनी प्रतिक्रिया दें👇


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बेचारा नोबिता………इसको हमेशा Test में जीरो मिलता हैं। आप इसके जैसा मत बनना। Jal Pradushan Par Nibandh को अच्छे से पढ़ना और Test में अच्छे नंबर लाना।😉


यह भी पढ़ें:
😊👉 Global Warming Essay In Hindi
😊👉 Water Conservation Essay In Hindi
😊👉 Jal Hi Jeevan Hai Essay In Hindi


अंतिम शब्द:

मेरे प्यारे दोस्तों! मुझे पूरी उम्मीद हैं की मेरे द्वारा लिखा गया Jal Pradushan Par Nibandh in Hindi आपको जरूर पसंद आया होगा।

आप इस जल प्रदूषण निबंध को अपने करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों को जरूर शेयर कीजियेगा, जिनको इस निबंध की अति आवश्यकता हो।

मैंने अपनी पूरी कोशिश की हैं आपको एक बेहतर Water Pollution Essay प्रदान करने की। और

अगर फिर भी मुझसे जाने-अनजाने में कोई गलती हो तो गई हैं तो माफ़ बुल्कुल मत करना। नीचे दिए Comment Box💬 में मुझे जरूर डाँटना😥 ताकि अगली बार में गलतीयाँ न करूं। 😊

हम अगली बार फिर मिलेंगे।

दुआओं में याद रखना!😊🙏

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