Latest Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 2020 (क्रिकेट) Essay on My Favourite Game Cricket In Hindi

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh (क्रिकेट) Essay on My Favourite Game Cricket In Hindi: ‘क्रिकेट‘ मुझे उस समय से पसंद है जब से मुझे इसका नाम भी पता नहीं था वैसे तो मैं बहुत से खेल-खेलता हूँ पर उनमें से ‘क्रिकेट मेरा पसंदीदा खेल’ है इसे खेलने के बहुत सारे फायदे हैं। जिन पर आज हम बात करेंगे।

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh
Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh

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आज हम ‘मेरा पसंदीदा खेल क्रिकेट’ पढ़ेंगे। जो की अलग अलग शब्द सीमा के आधार पर लिखे गए हैं। आप My Favourite Game Cricket In Hindi को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें।

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh को निम्न शब्द सीमा के आधार पर लिखा गया है-

  1. मेरा पसंदीदा खेल क्रिकेट 5 लाइन
  2. मेरा पसंदीदा खेल क्रिकेट 10 लाइन
  3. Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 100 Shabd
  4. Essay on My Favourite Game Cricket In Hindi 150 Words
  5. मेरा प्रिय खेल क्रिकेट पर निबंध 200 शब्दों में 
  6. Mera Priya Khel Cricket Nibandh 250 Shabdo me
  7. मेरा पसंदीदा खेल क्रिकेट Essay 300 Words
  8. My Favourite Game Cricket Essay In Hindi 400 Word
  9. Cricket Essay in Hindi 500 Words
  10. Mera Priya Khel Cricket 600 Shabd

आइये! 
Mera Priya Khel Cricket Nibandh को अलग अलग शब्द सीमाओं के आधार पर पढ़ें।

नोट- यहां पर दिया गया Mera Priya Khel Cricket कक्षा(For Class) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12,(विद्यालय में पढ़ने वाले) विद्यार्थियों के साथ-साथकॉलेज के विद्यार्थियों के लिए भी मान्य हैं।

मेरा पसंदीदा खेल क्रिकेट 5 लाइन

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 50 Shabd
Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 50 Shabd

क्रिकेट मेरा पसंदीदा खेल है। अगर मुझे कोई सुबह से लेकर शाम तक क्रिकेट खेलने के लिए बोले तो मैं खेल सकता हूँ।
मुझे सबसे ज्यादा बैटिंग करना पसंद है।
मैं बहुत लंबे-लंबे छक्के मारता हूँ।
मैं अपने स्कूल के मैदान में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलता हूँ। 
घर की छत पर मैं अपने अपने भाई-बहनों और मोहल्ले के दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलता हूँ।


मेरा पसंदीदा खेल क्रिकेट 10 लाइन

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 80 Shabd
Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 80 Shabd

अन्य खेलों के मुकाबले मुझे क्रिकेट ज्यादा पसंद है, क्योंकि यह रोमांच से भरा होता है और इसे अनिश्चितताओं का खेल भी कहा जाता है।
क्रिकेट’ में दो टीमें होते हैं और हर टीम में 11-11 खिलाड़ी होते हैं।
जो टीम ज्यादा रन बनाती है वो टीम विजेता होती है।

क्रिकेट खेलने के लिए एक बड़ा मैदान चाहिए होता है और उस पर एक 22 गज की पिच होती है, जिसके दोनों ओर स्टंप लगे होते हैं।
एक टीम के दो खिलाड़ी बैटिंग करते हैं और विपक्षी टीम के खिलाड़ी फील्डिंग और बॉलिंग करते हैं।

Cricket Essay 10 Line in Hindi

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 100 Shabd

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 100 Shabd
Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 100 Shabd

क्रिकेट खेलना मुझे बहुत पसंद है, और खासकर मुझे बैटिंग करना बहुत पसंद है। और कहीं न कहीं मेरा सपना भी है कि मैं बड़ा होकर एक क्रिकेटर बनु।

क्रिकेट का खेल बड़ा मजेदार और रोमांच से भरा होता है। वैसे तो क्रिकेट खेलने के लिए एक बड़ा ग्राउंड (मैदान) चाहिए होता है परन्तु हम इसे किसी गली, नुक्कड़ या अपने छत पर भी खेल सकते हैं।

ग्राउंड (मैदान) के बीचो-बीच एक पट्टी होती है जिसे ‘पिच’ कहते हैं, पीच के दोनों किनारों पर ‘स्टंप’ लगे होते हैं। पीच पर एक तरफ से बल्लेबाज बैटिंग करता है और दूसरी तरफ से ‘गेंदबाज’ बॉल फेंकते हैं

और बल्लेबाज उसे तेज़ी से हिट करता है। हिट करने के बाद बल्लेबाज पीच के एक सिरे से दूसरे सिरे तक दौड़ लगाता है जितनी बार बल्लेबाज दौड़ लगाता है, उससे उसे रन मिलते हैं और अगर बॉल बाउंड्री पार कर जाए तो 4 या 6 रन मिलते हैं।


Essay on My Favourite Game Cricket In Hindi 150 Words

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 150 Shabd
Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 150 Shabd

सभी खेलो के मुकाबले मुझे क्रिकेट बहुत पसंद है, और इसे खेलने में बहुत मजा आता है | क्रिकेट खेलने के लिए कम से कम एक बैट, बॉल, और स्टंप की आवश्यकता होती है।

इसमें एक 22 गज लंबी पिच होती है जिसके दोनों तरफ स्टंप गाड़ दिए जाते हैं जाते है जिस पर एक तरफ से बल्लेबाज बैट लेकर खड़ा होता और एक तरफ से बॉलर बॉल फेंकता है और बैट्समैन उस बॉल को हिट करता है और फिर दौड़ कर रन लेता हैं।

वह जितनी बार दौड़ता है उसे उतना रन मिलता है, और अगर बॉल फ़ील्ड की रस्सी को घसीटते हुए पार कर जाती है तो, बैट्समैन को 4 रन मिलते है और अगर हवा में उड़कर फ़ील्ड की रस्सी पार करती है तो 6 रन मिलते है।

अगर बॉल स्टंप में जाकर हिट करती है या बैट में लग कर किसी फील्डर के हाथ में चली जाए तो बैट्समैन आउट हो जाता है और फिर उसकी जगह पर दूसरा बल्लेबाज बैटिंग करने आता है।


मेरा प्रिय खेल क्रिकेट पर निबंध 200 शब्दों में

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 200 Shabd
Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 200 Shabd

आज के इस दौर में क्रिकेट बहुत ही लोकप्रिय खेल है, इसका पागलपन लोगों में साफ तौर पर देखा जा सकता है। लोग हजारों की संख्या में इसे देखने के लिए स्टेडियम में जाते हैं और यदि स्टेडियम में जाना संभव ना हो तो टेलीविजन पर देखते हैं।

यह एक त्यौहार जैसा है, जिसे लोग धूमधाम से मनाते हैं।फिर चाहे वह ‘विश्व कप’ हो या भारत में IPL हो।

क्रिकेट में कुल 3 फ़ॉर्मेट होते हैं-

  1. टेस्ट मैच। 
  2. वन-डे (Oneday) मैच। 
  3. T20 मैच। 

इनमें T20 सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें रन बहुत ही तेज गति से बनते हैं और खूब छक्के-चौके लगते हैं और यह लोगों के मन को भी खूब भाता है।

हालांकि टेस्ट फ़ॉर्मेट बहुत लंबा होता है, यह कुल 5 दिन का होता है और इसका निर्णय भी फ़िक्स नहीं होता, इसमें हर रोज 90-90 ओवर फेंके जाते हैं, और एक टीम तब तक खेलती है जब तक उसके सारे खिलाड़ी आउट नहीं हो जाते।

वन-डे 50-50 ओवर का होता है और जो टीम ज्यादा रन बनाती है वह जीत जाती है।

इसी तरह T20 में 20-20 ओवर होते हैं और जो टीम ज्यादा रन बनाती है वह जीत जाती है, और ये क्रिकेट का सबसे मजेदार फ़ॉर्मेट होता है जो रोमांच से भरा होता है। और इसका पागलपन भी लोगों के सर चढ़कर खूब नाचता है।

Mera Priya Khel Cricket Nibandh Hindi Video

Mera Priya Khel Cricket Nibandh 250 Shabdo me

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 250 Shabd
Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 250 Shabd

हम सभी जानते हैं कि खेलना हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है, इससे हमारा शरीर चुस्त और दिमाग दुरुस्त रहता है और इससे हमारा मनोरंजन भी हो जाता है।

वैसे तो खेल बहुत से हैं, पर आज के हमारे युवा क्रिकेट के प्रति ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, और हो भी क्यों ना ये खेल ही ऐसा है, पूरी तरह से उत्साह से भरा हुआ।

ऐसा नहीं है कि इस खेल को केवल युवा वर्ग के लोग पसंद करते है। इसे बूढ़े, बच्चे और औरतें भी पसंद करती हैं क्योंकि यह बहुत ही बेहतरीन और सरल खेल है। जिसे कोई भी आसानी से समझ सकता हैं।

इसमें एक बड़ा सा मैदान होता है जिसके बीचों-बीच एक 22 गज लंबी पिच होती है जिसके दोनों तरफ स्टंप लगे होते हैं, जिसके एक तरफ से बल्लेबाज बैटिंग करता है और दूसरे तरफ से गेंदबाज़ बॉलिंग।

जब बल्लेबाज गेंद को जोर से हिट करता है और अगर गेंद सीमा रेखा के पार घसीटते हुए चली जाए तो 4 रन और अगर उड़ते हुए जाए तो, 6 रन और अगर किसी फील्डर द्वारा फिल्ड कर ली जाए तो बैट्समैन को दौड़ कर रन लेना पड़ता है।

अगर गेंद जाकर स्टंप में लग जाए या बल्ले से लगकर किसी फील्डर के हाथों में चली जाए तो बल्लेबाज आउट हो जाता है।

इस खेल को एक छोटी सी गली से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेला जाता है। लोगों की इसके प्रति दीवानगी तो इस कदर है कि लोगों को पता भर चल जाए कि टी.वी. पर मैच आ रहा है, फिर तो लोग सारा काम छोड़ कर टी.वी. से चिपक जाते हैं।


मेरा पसंदीदा खेल क्रिकेट Essay 300 Words

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 300 Shabd
Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 300 Shabd

भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता इतनी है कि लोग इसे एक धर्म के जैसा मानते हैं।

क्रिकेट गेंद और बल्ले का खेल है जो दो टीमों के 11-11 खिलाड़ियों के बीच में खेला जाता है। ऐसा माना जाता है कि ‘क्रिकेट की उत्पत्ति’ इंग्लैंड के दक्षिणी पूर्व देशों में हुई। हालांकि उस समय यह खेल बच्चों द्वारा खेला जाता था। इसका विकास 18 वीं सदी में हुआ जब यह इंग्लैंड का राष्ट्रीय खेल बना।

हालाँकि पहले केवल टेस्ट मैच खेले जाते थे और पहले सीमित ओवरों का अंतर्राष्ट्रीय मैच 1971 में खेला गया। जैसा कि आप जानते हैं कि ब्रिटिश ने हर जगह राज किया है और वह जहां-जहां गए हैं वहां-वहां क्रिकेट का विस्तार हुआ है।

‘अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC)’, जिसका मुख्यालय दुबई में है, क्रिकेट का वैश्विक स्तर पर शासन निकाय है यानी क्रिकेट का संचालन ICC, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल द्वारा किया जाता है।

आई.सी.सी. क्रिकेट के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के संगठन, संचालन और शासन के लिए जिम्मेदार है, विशेष रूप से महिला और पुरुष क्रिकेट विश्व कप।

यह अंपायरों और रेफ़री को भी नियुक्त करता है जो सभी तरह के टेस्ट मैचों, लिमिटेड ओवर इंटरनेशनल और T20 इंटरनेशनल में कार्य करते हैं और अपनी मुख्य भूमिका अदा करते हैं।

राष्ट्रमंडल में लोकप्रिय संस्कृति पर क्रिकेट का भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। क्रिकेट को खेलने के लिए एक बल्ले कि, बॉल, विकेट(स्टंप और गिल्ली) तथा और भी सुरक्षा उपकरणों की जरूरत होती है।

हालाँकि क्रिकेट का मुख्य उद्देश्य हमेशा से सबसे अधिक रन बनाना रहा है, क्रिकेट का प्रारंभिक रूप आज के क्रिकेट से कुछ प्रमुख महत्वपूर्ण पहलुओं में भिन्न यानी अलग रहे है।

पहले गेंदबाज़ द्वारा गेंद को अंडरआर्म फेका जाता था, और मैदान में सभी बल्लेबाज़ों के हाथ में, जो एक हॉकी स्टिक जैसा कुछ होता था और रन को “notches” कहा जाता था।

आज के इस दौर में क्रिकेट को 100 से भी ज्यादा देशों में खेला जाता है।


My Favourite Game Cricket Essay In Hindi 400 Word

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 400 Shabd
Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 400 Shabd

क्रिकेट का खेल दो टीमों 11-11 सदस्यों के बीच गेंद और बल्ले की सहायता से खेला जाता है। क्रिकेट एक बड़े मैदान में खेला जाता है जिसके बीचों-बीच एक 20 मीटर या 22 गज लंबी पिच होती है जिसके दोनों किनारों पर विकेट लगी होती है।

हर विकेट में दो गिल्ली और 3 स्टंप होते हैं। बैटिंग वाली टीम के दो खिलाड़ी पिच पर होते हैं जो बॉल को बेट (Bet) की सहायता से हिट करके रन बनाते हैं और बॉलिंग करने वाली टीम बल्लेबाज को रन बनाने से रोकती है। और हर बल्लेबाज को आउट करने की कोशिश करती है।

जब बाल सीधे जाकर स्टंप की गिलियों को गिरा देती है तब बैट्समैन आउट या बोल्ड हो जाते हैं। अगर गेंद बल्ले से लग कर सीधे किसी फिल्डर के हाथ में चली जाए तो भी बैट्समैन आउट हो जाता है, और अगर बल्लेबाज के द्वारा खेलते समय बैट पीछे की और लगी विल्स के लग जाने से बल्लेबाज आउट मन जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय मैचों में खेल को दो फील्ड अंपायरों, एक तीसरे अंपायर और मैच रेफरी की सहायता से घोषित किया जाता है। वे दो ऑफ-फील्ड स्कोरर के साथ संवाद करते हैं जो मैच की सांख्यिकीय जानकारी दर्ज करते हैं।

खेल की शासी निकाय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) है, जिसमें 100 से अधिक सदस्य हैं, जिनमें से बारह सदस्य पूर्ण और टेस्ट मैच खेलने वाले सदस्य हैं |

क्रिकेट के विभिन्न प्रारूप है, जिसने t20 से लेकर टेस्ट जिसमे एक पारी में केवल 20 ओवर मिलते हैं किसी भी टीम को बल्लेबाजी करने के लिए वही टेस्ट में हर किसी टीम को असीमित ओवर बल्लेबाजी करने के लिए मिलते हैं

बल्लेबाजी करने के लिए, वैसे तो परंपरागत रूप से क्रिकेटर सभी सफेद किट और ड्रेस में खेलते हैं, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में वे क्लब या टीम के रंग की ड्रेस और किट पहनते हैं। लेकिन बुनियादी किट के अलावा, कुछ खिलाड़ी गेंद से होने वाली चोट से बचने के लिए सुरक्षात्मक गियर भी पहनते हैं।

अगर हम अपना इतिहास उठा कर देखें तो क्रिकेट की उत्पत्ति अनिश्चित है हालांकि इसका सबसे पहला निश्चित संदर्भ 16वीं शताब्दी के मध्य में दक्षिण पूर्व इंग्लैंड में मिलता है। इसीलिए इंग्लैंड को ‘क्रिकेट का पिता’ भी कहा जाता है। और

जैसे-जैसे ब्रिटिश साम्राज्य का विस्तार हुआ वैसे-वैसे क्रिकेट का भी विस्तार हुआ। खेल का पालन मुख्य रूप से भारतीय उपमहाद्वीप, आस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, दक्षिणी अफ्रीका और वेस्ट इंडीज में किया जाता है।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाली टीमों में सबसे सफल ऑस्ट्रेलिया रहा है जिस ने कुल 7 अंतर्राष्ट्रीय ट्रोफीज जीती हैं जिनमें 5 वर्ल्ड कप भी शामिल है, और साथ ही साथ किसी भी अन्य देश से अधिक और किसी भी अन्य देश की तुलना में शीर्ष-रेटेड टेस्ट Cricket खेलने वाली टीम रहा है।

Cricket Essay in Hindi Video

Cricket Essay in Hindi 500 Words

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 500 Shabd
Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 500 Shabd

क्रिकेट केवल एक खेल ही नहीं है बल्कि कई देशों में इसे एक धर्म की तरह माना जाता है। वैसे तो इसकी उत्पत्ति का कोई सटीक संदर्भ नहीं है, पर कहा जाता है कि इसकी उत्पत्ति 16वीं शताब्दी के मध्य में दक्षिणी पूर्व इंग्लैंड में हुई। इसे ‘सज्जनों का खेल’ भी कहा जाता है। आज के इस दौर में क्रिकेट 100 से ज्यादा देशों में खेला जाता है।

क्रिकेट खेलने के लिए आवश्यक उपकरण:

क्रिकेट खेलने के लिए एक बड़ा मैदान जो कि गोल, चौकोर या अंडाकार हो सकता है जिस पर 22 गज लंबी एक पीच हो और बाकी के मैदान में घास हो और पिच के दोनों तरफ विकेट लगे हो जिस पर दो गिल्लियां तीन स्टांप पर टिकी हो, क्रिकेट बैट, क्रिकेट बॉल और कई सुरक्षा उपकरणों, जैसे की पैड, हेलमेट, ग्लव्स आदि की आवश्यकता होती है।

क्रिकेट के नियम:

क्रिकेट को आउटडोर गेम की श्रेणी में रखा गया है (जो खुले मैदान में खेला जाता है) क्रिकेट दो टीमों के 11-11 खिलाड़ियों के बीच खेला जाता है। सबसे पहले दोनों टीम के कप्तान मैदान पर आते हैं और टॉस होता है।

जो टीम टॉस जीत जाती है वह निश्चय करती है कि वह बल्लेबाजी करेगी या गेंदबाजी। बल्लेबाजी करने वाली टीम के दो खिलाड़ी मैदान पर बल्ले के साथ उतरते हैं और गेंदबाजी वाली टीम का एक खिलाड़ी गेंद फेंकता है और बाकी के खिलाड़ी क्षेत्र रक्षक के रूप में मैदान के अलग-अलग स्थितियों में खड़े रहते हैं।

जो बल्लेबाज को दौड़कर रन लेने और बाउंड्री रोकने का कार्य करते हैं और बल्लेबाज को आउट करने का प्रयास भी करते हैं। और यदि बल्लेबाज आउट नहीं होता है तो गेंद को हिट करने के बाद विकेट के बीच में तेजी से दौड़ लगाकर नॉन स्ट्राइकर से अपना छोर बदल लेता है। वह जितनी बार छोर बदलता है उसे उतने रन मिलते हैं।

यदि गेंद सीमा रेखा को घसीटते हुए पार करती है तो बल्लेबाज को 4 रन और यदि सीमा को सीधे पार कर जाती है 6 रन मिलते हैं।

यदि किसी टीम के 10 खिलाड़ी आउट हो जाएं तो उस टीम की पारी समाप्त हो जाती है। यानी कि किसी भी मैच में बनाए गए रन और विकेट ऐसे दो पहलू हैं जो मैच का निर्णय करते हैं यानी कि जो टीम या ज्यादा रन बनाती है या ज्यादा विकेट लेती है वह विजेता होती है।

क्रिकेट के प्रारूप:

क्रिकेट के कई फॉर्मेट यानी प्रारूप है। इनमें से सबसे पहला है फर्स्ट क्लास क्रिकेट या टेस्ट क्रिकेट जो 3 से 5 दिनों का होता है इसमें कोई पक्ष असीमित ओवर तक खेल सकता है, जब तक उसके सारे खिलाड़ी आउट नहीं हो जाते।

इसके बाद आता है सीमित ओवर क्रिकेट जिसमें हर टीम 50-50 ओवर खेलती है और इसे इस तरह बनाया गया है कि 1 दिन में खत्म हो जाए इसीलिए इसे वन डे इंटरनेशनल भी कहते हैं।

सिमित ओवर क्रिकेट का ही एक भाग है, T20 जिसमें हर टीम को 20 20 ओवर खेल सकती है और इसे इस तरह बनाया गया है कि पूरा खेल एक ही शाम में खेला जा सके।


Mera Priya Khel Cricket 600 Shabd

Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 600 Shabd
Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh 600 Shabd

क्रिकेट का इतिहास:

इतिहास में क्रिकेट की उत्पत्ति का कोई निश्चित प्रमाण नहीं मिलता, पर सबसे पहला निश्चित संदर्भ 16 वीं शताब्दी के मध्य में दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में है यानी की क्रिकेट के खेल का 16 वीं शताब्दी के अंत में इतिहास को ज्ञात हुआ।

इसीलिए क्रिकेट का जनक इंग्लैंड को कहा जाता है। यह 18 वीं शताब्दी में देश का राष्ट्रीय खेल बन गया और 19 वीं और 20 वीं शताब्दी में विश्व स्तर पर विकसित हुआ।

अंतर्राष्ट्रीय मैच 1844 से खेलना शुरू हो गए हैं और टेस्ट क्रिकेट भी शुरू हुआ, और 1877 में इसे पूर्वव्यापी मान्यता प्राप्त हुई। एसोसिएशन फुटबॉल यानी ‘सॉकर’ के बाद क्रिकेट दुनिया का दूसरा सबसे लोकप्रिय और दर्शको को भाने वाला खेल है।

क्रिकेट का शासन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के पास है जिसकी सदस्यता में 100 से अधिक देश और प्रदेश हैं हालांकि वर्तमान में केवल बारह देश ही टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं।

क्रिकेट के प्रारूप:

क्रिकेट एक बहुआयामी खेल है जिसमें कई प्रारूप हैं, जो खेल के मानक, औपचारिकता के वांछित स्तर और उपलब्ध समय पर निर्भर करता है।

First-Class क्रिकेट: पहले, जिसे first-class क्रिकेट के रूप में जाना जाता है, यदि वह खेल वरिष्ठ स्तर पर खेला जाता है और इसकी निर्धारित अवधि तीन से पाँच दिन होती है।

सीमित ओवरों क्रिकेट: को इसलिए सिमित ओवर क्रिकेट के रूप में जाना जाता है, क्योंकि प्रत्येक टीम आमतौर पर 50-50 ओवरों की सीमा रखती है, और यह केवल एक दिन की योजनाबद्ध अवधि होती है, यानी इसका निर्णय दिन में आ जाता है।

ट्वेंटी 20: सीमित ओवरों क्रिकेट का ही एक अलग रूप ट्वेंटी 20 है, जिसे मूल रूप से इस तरह डिज़ाइन किया गया था ताकि पूरा खेल केवल एक ही शाम में खेला जा सके, जिसमें प्रत्येक टीम की एक पारी को बीस ओवरों खेलना सीमित होता है।

क्रिकेट के नियम:

क्रिकेट के नियम एक कोड है जो दुनिया भर में क्रिकेट के खेल के नियमों को निर्दिष्ट करता है। वर्तमान में 42 कानून हैं जो खेल को कैसे खेला जाना है तथा उसके सभी पहलुओं को भी परिभाषित करते हैं।

जिनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार है-

  1. पुरुषों की क्रिकेट में गेंद 155.9 और 163 ग्राम के बीच होनी चाहिए और परिधि में बीच 22.4 और 22.9 सेमी मापनी चाहिए।
  2. बल्ला लंबाई में 38 इंच (96.52 सेमी) से अधिक नहीं, 4.25 इंच (10.8 सेमी) से अधिक चौड़ा नहीं, इसके मध्य में 2.64 इंच (6.7 सेमी) से अधिक गहरा और किनारे पर 1.56 इंच (4.0 सेमी) से अधिक गहरा नहीं है होना चाहिए।
  3. पिच 22 गज (20.12 मीटर) लंबी और 10 फीट (3.05 मीटर) चौड़ा होना चाहिए।
  4. एक ओवर में छह गेंदें होती हैं, जिसमें वाइड और नो-बॉल शामिल होती हैं।
  5. एक गेंद, एक नो-बॉल हो सकती है: अगर गेंदबाज गलत जगह से गेंदबाजी करता है या अगर गेंदबाजी खतरनाक है या यदि गेंद बल्लेबाज के पास पहुंचने से पहले एक बार से अधिक उछलती है या जमीन के साथ लुढ़कती है या यदि क्षेत्ररक्षक अवैध स्थानों पर खड़े हैं।
  6. एक अंपायर एक गेंद को “वाइड” कहता है, यदि उसकी राय में, गेंद बल्लेबाज और विकेट की इतनी विस्तृत है।
  7. अगर गेंद पहले बल्ले में लगे बिना बल्लेबाज़ को लगती है, लेकिन अगर बल्लेबाज़ नहीं होता, तो गेंद जाकर विकेट को  हिट होता, और गेंद विकेट के पीछे की तरफ पिच पर नहीं टिकती, बल्लेबाज़ आउट हो जाता है।
  8. एक बल्लेबाज तब आउट होता है जब विकेट कीपर गेंद पकड़ कर स्टंप में हिट करता है, जबकि बल्लेबाज अपनी क्रीज से बाहर होता है और एक रन लेने का प्रयास नहीं करता है।
  9. अंपायर कार्यों की गंभीरता के आधार पर अस्वीकार्य आचरण को दंडित कर सकता है।
  10. निष्पक्ष खेल को सुनिश्चित करने के लिए कई प्रतिबंध हैं जैसे कि गेंद की स्थिति बदलना, बल्लेबाजों को विचलित करना, खतरनाक गेंदबाजी, समय की बर्बादी, पिच को नुकसान पहुंचना, आदि है। इन अपराधों में से कुछ में दंड चलता है, अन्य में चेतावनी और फिर खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता हैं।

मेरा प्रिय खेल क्रिकेट मुझे बचपन से ही बहुत पसंद है इसलिए मैं इसके बारे में संपूर्ण जानकारी रखता हूं और जब भी मैं क्रिकेट को खेलता हूं तो मैं एक बात जरूर ध्यान में रखता हूं और वह बात होती है खेल को खेल की भावना से खेलना अगर हम खेल को खेल की भावना से नहीं खेलेंगे तो जरूर किसी न किसी इंसान को हम से घृणा होगी इसलिए खेल को हमेशा खेल की भावना से खेलना चाहिए।

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बेचारा नोबिता…. इसको हमेशा Test में जीरो मिलता हैं। आप इसके जैसा मत बनना। Mera Priya Khel Cricket Par Nibandh को अच्छे से पढ़ना और Test में अच्छे नंबर लाना।😉


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😊👉 Mera Priya Khel Nibandh
😊👉 Khelo Ka Mahatva
😊👉 Mera Priya Khel Kho Kho


अंतिम शब्द:
मेरे प्यारे दोस्तों! मुझे पूरी उम्मीद हैं की मेरे द्वारा लिखा गया Essay on My Favourite Game Cricket In Hindi आपको जरूर पसंद आया होगा।

आप इस मेरा पसंदीदा खेल क्रिकेट को अपने करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों को जरूर शेयर कीजियेगा, जिनको इस निबंध की अति आवश्यकता हो।

मैंने अपनी पूरी कोशिश की हैं आपको एक बेहतर Mera Priya Khel Cricket Essay प्रदान करने की। और
अगर फिर भी मुझसे जाने-अनजाने में कोई गलती हो तो गई हैं तो माफ़ बुल्कुल मत करना। नीचे दिए Comment Box💬 में मुझे जरूर डाँटना😥 ताकि अगली बार में गलतीयाँ न करूं। 😊

हम अगली बार फिर मिलेंगे………!

दुआओं में याद रखना!😊🙏

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