हिंदी निबंध लेखन 2021 | संपूर्ण जानकारी एक साथ!

हिंदी निबंध लेखन
हिंदी निबंध लेखन

हिंदी निबंध शब्द का अर्थ:

निबंध शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- ‘नि‘+ ‘बंध।

निबंध शब्द का अर्थ
निबंध शब्द का अर्थ

हिंदी में निबंध शब्द अंग्रेजी भाषा के essay शब्द का हिंदी अनुवाद है। essay शब्द फ्रेंच के essai से उत्पन्न हुआ है। essay का अर्थ है प्रयास करना। essay मे essayist अपने व्यक्तित्व को अभिव्यक्त करता है अर्थात निबंध में निबंधकार अपने सहज, स्वाभाविक रूप को पाठक के सम्मुख प्रकट करता है। आत्म प्रकाशन ही निबंध का प्रथम और अंतिम लक्ष्य माना गया है।

हिंदी निबंध लेखन क्या है?:

निबंध लेखन क्या है?
निबंध लेखन क्या है?

‘भली प्रकार से की गई गद्य लेखन की विधा निबंध कहलाती है।’ एक सूत्र में सही ढंग से बंधी हुई रचना भी निबंध कहलाती है। निबंध लेखन को एक कला के रूप में भी देखा गया है।

निबंध की परिभाषाएँ:

निबंध की परिभाषाएँ
निबंध की परिभाषाएँ

निबंध के संबंध में कई सारी परिभाषाएं प्रचलित है जो निम्न प्रकार से हैं-

  1. निबंध एक प्रकार की गद्य रचना है, जिसे क्रमबद्ध तरीके से सोच समझकर लिखा जाता है। इसके माध्यम से हम अपने ज्ञान को दूसरे के सामने प्रस्तुत करते हैं।
  2. अपने मन के विचारों या भावों को संक्षिप्त रूप व सही ढंग से लिखना ही निबंध कहलाता है।
  3. किसी विषय पर अपने भावों को पूर्ण रूप से क्रम अनुसार लिपिबद्ध करना निबंध लेखन कहलाता है।

निबंध और लेख में अंतर:

निबंध को स्कूल या कॉलेज स्तर शिक्षण के महत्वपूर्ण भाग के रूप में विस्तृत रूप में लिखा जाता है जबकि लेख एक सामग्री लेखन के रूप में लिखा जाता है।

एक लेख में आमतौर पर लेखकों तथा विशेषज्ञों के कोटेशन नहीं पाए जाते हैं, जबकि एक निबंध में लेखकों तथा विशेषज्ञों के कोटेशन को जोड़ना एक नियम माना जाता है। लेख का विस्तृत रूप ही निबंध है, परंतु हर एक लेख निबंध नहीं होता। इसी कारण से हम निबंध को अधिक महत्व देते हैं।

लघु और दीर्घ निबंध:

  • जिसे कम शब्दों में लिखा जाए अथवा जिसकी एक सीमा निर्धारित हो ‘लघु निबंध’ कहलाता है।
  • लघु निबंध की शब्द सीमा दीर्घ निबंध से काफी कम होती है।
  • दीर्घ निबंध में जिस विषय को अधिक विस्तार से लिखा जाता है, उसी तरह लघु निबंध में उस विषय को संक्षिप्त में लिखा जाता है।
  • लघु निबंध में एक शब्द सीमा तय होती है, इसलिए हमें विषय से संबंधित सारे महत्वपूर्ण बिंदुओं को निर्धारित शब्द सीमा के अंतर्गत लिखना चाहिए।
  • एक लघु निबंध कम से कम आधे पेज और ज्यादा से ज्यादा 2 पेज का हो सकता है।
  • लघु निबंध की शब्द सीमा अधिकतम 400 रखी गई है मगर बहुत ज्यादा 500 शब्द तक एक लघु निबंध लिखा जा सकता है।
  • ‘दीर्घ निबंध’ की शब्द सीमा 500 से लेकर 2000 या इससे भी ज्यादा हो सकती है।
  • दीर्घ निबंध में जिस विषय का चयन करते हैं, उसके सारे महत्वपूर्ण भागों का वर्णन करते हैं।
  • एक दीर्घ निबंध कम से कम 5 पेज का होता है।
  • दीर्घ निबंध में हर मुख्य बिंदु को विस्तार से दर्शाया जाता है।
  • दीर्घ निबंध में कई जगह पर छोटे-छोटे कोटेशन डालने से दीर्घ निबंध की सुंदरता बढ़ती है तथा निबंध पढ़ने में रोचक लगता है।

निबंध की संरचना:

निबंध की संरचना
निबंध की संरचना

निबंध की संरचना के केवल 4 भाग होते हैं-

  1. शीर्षक
  2. प्रस्तावना
  3. विषय-विस्तार
  4. उपसंहार अथवा निष्कर्ष।

1. शीर्षक:

किसी भी निबंध को यदि आकर्षक बनाना है तो हमें उसके शीर्षक को आकर्षक बनाना होगा, जिससे लोगों में निबंध पढ़ने की उत्सुकता बढ़ जाए। परंतु यदि आप परीक्षा में बैठे हैं तो आपको शीर्षक पहले से ही दिया जाता है।

2. प्रस्तावना:

यह निबंध की श्रेष्ठता की नींव होती है। इसे भूमिका भी कहा जाता है।यह अत्यंत रोचक और आकर्षक होना चाहिए परंतु यह बहुत लंबा नहीं होना चाहिए। भूमिका इस प्रकार होनी चाहिए जो विषय वस्तु की झलक प्रस्तुत कर सके, जो कि पाठक को निबंध पढ़ने के लिए प्रेरित कर सके।

निबंध की शुरुआत किसी सूक्ति, श्लोक या किसी उदाहरण से करनी चाहिए। अच्छी प्रभावोत्पादक पंक्तियों का प्रयोग परीक्षा पर अच्छा प्रभाव डालता है, जिससे विद्यार्थी को अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी। आकर्षक प्रारंभ पाठक के मन में निबंध को आगे पढ़ने के लिए उत्सुकता जगाता है।

निबंध में विषय का संक्षिप्त परिचय और वर्तमान स्वरूप भी विद्यार्थी को भूमिका खंड में देना चाहिए। भूमिका लिखते समय यह बात भी ध्यान में रखना चाहिए की भूमिका का विषय से सीधा जुड़ा होना चाहिए।

2. विषय-विस्तार:

इसमें 3 से 4 अनुच्छेदों में विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रकट किए जाते हैं। प्रत्येक अनुच्छेद में एक-एक पहलुओं पर विचार लिखे जाते हैं। यह निबंध का सर्व प्रमुख अंश है।

इनका संतुलित होना अत्यंत आवश्यक है, यहीं निबंधकार अपना दृष्टिकोण प्रदर्शित करता है। जब कोई निबंध लिखना हो तो रफ लिखना चाहिए, पहले क्या बताना है, फिर पॉइंट बना लो, इसके बाद पैराग्राफ बना लो।

4. उपसंहार (निष्कर्ष):

यह निबंध के अंत में लिखा जाता है। इस अंग में निबंध में लिखी गई बातों को सार के रूप में एक अनुच्छेद में लिखा जाता है। इसमें संदेश भी लिखा जा सकता है। उपदेश, दूसरों के विचारों को लिखकर या कविता की पंक्ति के माध्यम से निबंध को समाप्त किया जा सकता है।

निबंध के विषय:

प्रभावी निबंध लिखने के लिए उस विषय के बारे में बहुत अभ्यास और गहन ज्ञान की आवश्यकता होती है, जिसे आपने निबंध लेखन के लिए चुना है। छात्रों को वर्तमान में हो रही स्थितियों और हिंदी में निबंध लिखने से पहले विषय के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को जान लेना चाहिए।

हिंदी में पावरफुल निबंध लिखने के लिए सभी को कुछ प्रमुख नियम और युक्तियों का पालन करना चाहिए। हिंदी निबंध विषय और उदाहरणों की निम्न सूची को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जैसे कि – प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, सामान्य चीजें, अवसर, खेलकूद, स्कूली शिक्षा और बहुत कुछ। विषय के बारे में जानकारी एकत्रित करने के बाद अपनी लाइने लागू करने का समय और निबंध दीर्घ हो या लघु उसी हिसाब से लिखें।

निबंध के कुछ विषय निम्न प्रकार हैं-

  1. साहित्यिक एवं सांस्कृतिक निबंध साहित्य का उद्देश्य, संस्कृति और समाज, राष्ट्र निर्माण में साहित्यकार की भूमिका, भारतीय संस्कृति आदि।
  2. लोकतियों पर आधारित निबंध परिश्ररम ही सफलता की कुंजी है, देव देव आलसी पुकारा, मन के हारे हार है मन के जीते जीत, पराधीन सपनेहु सुख नाहीं आदि।
  3. भारत की विविध समस्याएं महंगाई समस्या प्रदूषण की समस्या नशाखोरी एक अभिशाप बेरोजगारी की समस्या निरक्षरता एक अभिशाप कोरोना वायरस आदि।
  4. विज्ञान संबंधित निबंध कंप्यूटरः आज की आवश्यकता, अंतरिक्ष विज्ञान और भारत, मानव और विज्ञान आदि।
  5. नारी संबंधी निबंध आज की भारतीय नारी, भारतीय समाज में नारी का स्थान, नारी शिक्षा आज की आवश्यकता आदि।
  6. भारत संबंधी निबंध स्वतंत्र भारत की उपलब्धियां, भारत की ऋतुएं, परमाणु शक्ति संपन्न भारत, संप्रदायिकता, भारत की एकता, भारतीय किसान आदि।
  7. विद्यार्थी और युवा पीढ़ी से संबंधित निबंध विद्यार्थी और अनुशासन, आदर्श विद्यार्थी, छात्र असंतोष आदि।
  8. समाचार – प्रेस, पत्र, विज्ञापन समाचार पत्र और उनकी उपयोगिता, विज्ञान – लाभ और हानियां आदि।
  9. विविध निबंध भाग्य और पुरुषार्थ, शिक्षा और व्यवसाय आदि।

निबंध के प्रकार:

निबंध के प्रकार
निबंध के प्रकार

विषय के अनुसार सभी निबंध तीन प्रकार के होते हैं-

1. वर्णनात्मक निबंध
2. विवरणात्मक निबंध
3. विचारात्मक निबंध

1. वर्णनात्मक निबंध:

“किसी सजीव या निर्जीव पदार्थ का वर्णन वर्णनात्मक निबंध कहलाता है।” ये निबंध स्थान दृश्य परिस्थिति व्यक्ति वस्तु आदि को आधार बनाकर लिखे जाते हैं।

वर्णनात्मक निबंध के लिए अपने विषय को निम्नलिखित विभागों में बांटना चाहिए-
  1. यदि विषय कोई प्राणी हो – श्रेणी, प्रतिस्थान, आकार – प्रकार, स्वभाव, उपकार, विजेता एवं उपसंघार।
  2. यदि विषय कोई मनुष्य हो – परिचय, प्राचीन इतिहास, वंश, परंपरा, भाषा और धर्म, सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन।
  3. यदि विषय कोई उभ्दिद हो – परिचय एवं श्रेेेणी, स्वाभाविक जन्मस्थान, प्राप्तिस्थान, उपज, पौधे स्वभाव, तैयार करना, व्यवहार और लाभ, उपसंहार।
  4. यदि विषय कोई स्थान हो – अवस्थित, नामकरण, इतिहास, जलवायु, शिल्प, व्यापार।
  5. यदि विषय कोई वस्तु हो – उत्पपत्ति, प्राकृतिक या कृत्रिम, प्राप्तिस्थान, किस अवस्था में पाई जााती है, कृत्रिमता का इतिहास, उपसंहार।
  6. यदि विषय पहाड़ हो परिचय। पौधे, जीव, वन्य आदि। गुफाएं, नदिया, जिले आदि। देश, नगर, तीर्थ आदि। उपकरण एवं शोभा। वहां बसने वाले मानव और उनका जीवन।

2. विवरणात्मक निबंध:

“किसी ऐतिहासिक पौराणिक या आकस्मिक घटना का वर्णन विवरणात्मक निबंध कहलाता है”। यात्रा घटना मैच मेला ऋतु संस्मरण आदि का विवरण लिखा जाता है।

विवरणात्मक निबंध लिखने के लिए दिये गए विषय को निम्नलिखित विभागो मे बाँटना चाहिए-
  1. ऐतिहासिक विषय घटना का समय एवं स्थान, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, कारण, वर्णन एवं फलाफल, इष्ट – अनिष्ट की समालोचना एवं आपका मंतव्य।
  2. जीवन चरित्र विषय परिचय, जन्म, वंश, माता – पिता, बचपन, विद्या, कार्यकाल, यश, पेशा आदि। देश के लिए योगदान, गुण, दोष, मृत्यु – उपसंहार, भावी – पीढ़ी के लिए उनका आदर्श।
  3. भ्रमण वृतांत विषय परिचय, उद्देश्य, समय, आरंभ, यात्रा का विवरण, हानि – लाभ, सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक एवं कला संस्कृति का विवरण, समालोचना एवं उपसंहार।
  4. आकस्मिक घटना विषय परिचय, तारीख, स्थान एवं कारण, विवरण एवं अंत, फलाफल, समालोचना।

3. विचारात्मक निबंध:

“किसी गुण दोष धर्म या फलाफल का वर्णन विचारात्मक निबंध कहलाता है”। इस निबंध में किसी देखी या सुनी हुई बात का वर्णन नहीं होता। इसमें केवल कल्पना और चिंतनशक्तति से काम लिया जाता है। विचारात्मक निबंध उक्त दोनों के लिए विशेष रूप से श्रम साध्य होता है।

इसकेेेेे लिए विशेष रुप सेेेेेेेेेे अभ्यास की विचारात्मक निबंध लिखने के दिए गए विषय को निम्न विभागों में बांटना चाहिए-
  1. अर्थ, परिभाषा, भूमिका व परिचय।
  2. सार्वजनिक या सामाजिक, स्वाभाविक या अभ्यास लब्धि कारण।
  3. संचय, तुलना, गुण व दोष।
  4. लाभ – हानि।
  5. दृष्टांत, प्रमाण आदि।
  6. उपसंहार।

निबंधों की शब्द सीमा:

अच्छे निबंध के शब्द सीमा 250 से 500 शब्द होने चाहिए, क्योंकि इससे निबंध पढ़ते समय बोरिंग नहीं लगता और पढ़ने में भी मजा आता है। इससे समय की भी बचत होती है।

सबसे बड़ी चीज निबंध में अक्सर समय सीमा व शब्द सीमा भी दी जाती है, इसलिए जितने शब्द का निबंध बोला जाए उतना ही लिखना चाहिए।

निबंध लिखते समय याद रखने योग्य बिंदु:

  1. निबंध के विषय पर अधिक से अधिक जानकारी एकत्र करें। इसके लिए आप इंटरनेट और पुस्तक लाइट की मदद ले सकते हैं।
  2. पहले से लिखित उत्कृष्ट निबंधों का अध्ययन करें।
  3. अपने विषय लेकर आपने जो विचार बनाए हैं, उसके प्रमुख बिंदुओं का निबंध में प्रयोग करें।
  4. निबंध लेखन से पहले उसकी एक रूपरेखा बना ले।
  5. निबंध की भाषा सरल व स्पष्ट हो।
  6. लेखन शुद्ध, त्रुटि रहित हो।
  7. रटा – रटाया ना होकर मौलिक विषय वस्तु पर हो।
  8. अपने अनुभव पर आधारित हो।
  9. हर तथ्य क्रम में हो मसलन समस्या का अर्थ, कारण, दूर करने के उपाय और अंत में उपसंहार – सभी बातें उचित कम में हो।
  10. लेखन सामान्य विस्तार से हो।
  11. तथ्यों की पुनरावृत्ति ना करें।
  12. शीर्षक और विषय को हाईलाइट करें।
  13. अंत में पुनः पढ़ें तथा वर्तनी पर विशेष ध्यान दें।

स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए हिंदी में निबंध कैसे लिखें?:

प्रभावी निबंध लिखने के लिए उस विषय के बारे में बहुत अभ्यास और गहन ज्ञान की आवश्यकता होती है। छात्रों को वर्तमान में हो रही स्थितियों और हिंदी में निबंध लिखने से पहले विषय के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में जानना चाहिए।

सही तथ्यों का चयन करना चाहिए, तथ्य आपके पाठकों को अंत तक आपके निबंध से चिपकाए रखते हैं। सभी मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें और उनका सही ढंग से उपयोग करें।

निबंध लेखन को पाठ्यक्रम में क्यों समाहित किया गया है?:

  1. विद्यार्थी अपने विचारों को एकत्रित करना सीख पाए।
  2. विचारों को संतुलित तरीके से व्यक्त कर पाए।
  3. भाषा को उपयुक्त रूप से प्रयोग करना सीख पाए।
  4. किसी भी विषय पर छात्रों के स्वयं के विचार हो।
  5. उनका वैचारिक स्तर निश्चित हो सके।
  6. संवेदनात्मक व वैचारिक स्तर पर परिपक्व हो सके।
  7. वे अपने विचारों को सकारात्मक दिशा दे पाए।
  8. अपने विचारों को दृढ़ता से रखना सीख सकें।
  9. आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सके।
  10. विचारशील प्राणी बन सके।

प्रमुख हिंदी निबंधकार:

हिंदी निबंध और बेहतरीन किताबें:

  • राजा भोज का सपना
  • सुरसुरानिर्वाय
  • रामपुर की यात्रा
  • स्वदेश प्रेम
  • रसज्ञा रंजन
  • मजदूरी और प्रेम
  • गद्य कुसुमावली आदि।

हिंदी निबंध के गुण:

एक अच्छे निबंध में संक्षिप्तता, एकसूत्रता तथा पूर्णता जैसे गुण विद्यमान होते हैं।

निबंध के दो विशेष गुण हैं-

1. व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति।
2. सहभागिता का आत्मीय या अनौपचारिक स्तर।

उम्मीद करते है की, ‘निबंध लेखन‘ से संबंधित हमारे द्वारा प्रदान की गई जानकारी से आप संतुष्ट हैं। अगर यहां पर आप किसी प्रकार का बदलाव या फिर आपको कोई गलती दिखाई देती है तो कृपया करके टिप्पणी डिब्बा में टिप्पणी करके जरूर बताएं।

हम आपके बेहतर भविष्य की कामना करते हैं।

फिर मिलेंगे!

🙂

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