पर्यावरण पर निबंध {विश्व पर्यावरण दिवस, कारण, उपाय, अलग-अलग शब्द सीमा}| Paryavaran Par Nibandh In Hindi 2023

पर्यावरण पर निबंध! ‘हमारा पर्यावरण’ आपको पता होगा कि हमारा पर्यावरण आज के समय में कितना स्वस्थ है, और अगर हम ऐसे ही करते रहे तो वह दिन दूर नहीं जब यह पर्यावरण हमारा नहीं रहेगा।

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EssayToNibandh.com पर आज हम पर्यावरण पर निबंध पढ़ेंगे। जो की अलग अलग शब्द सीमा के आधार पर लिखे गए हैं। आप Paryavaran Par Nibandh In Hindi को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध Pdf को निम्न शब्द सीमा के आधार पर लिखा गया है-

आइये! Paryavaran Par Nibandh In Hindi को अलग अलग शब्द सीमाओं के आधार पर पढ़ें।

नोट- यहां पर दिया गया पर्यावरण पर निबंध इन हिंदी कक्षा(For Class) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12,(विद्यालय में पढ़ने वाले) विद्यार्थियों के साथ-साथ कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए भी मान्य हैं।

पर्यावरण निबंध 80 शब्द

‘पर्यावरण’ मतलब जो कुछ भी हमारे चारों तरफ है, फिर चाहे वह संजीव हो या निर्जीव। संजीव जैसे कि जानवर, पौधे, वनस्पति, जीव, आदि। इसी तरह, निर्जीव जैसे कि मिट्टी, पानी (महासागर, समुद्र, तालाब, झील, नदियाँ), मौसम, जलवायु, तापमान, सूर्य के प्रकाश, हवा, आदि।

हम कह सकते हैं कि पर्यावरण एक ऐसी जगह है जहां एक जीव दूसरे जीव या एक जीव किसी निर्जीव वस्तु की सहायता से अपनी जिंदगी गुजारता है। पृथ्वी पर जीवन संभव है और इसका एक मात्र कारण है पृथ्वी का पर्यावरण। यदि पर्यावरण अनुकूल नहीं होता तो जीवन का अस्तित्व नहीं होता।


पर्यावरण पर निबंध इन हिंदी 100 शब्द

पर्यावरण हमारे चारों तरफ फैली प्राकृतिक दुनिया है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि हम इसे साफ रखें ताकि हम एक स्वस्थ और शांति भरा जीवन गुजार सकें। हमारी पृथ्वी के लिए पर्यावरण प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या है और यदि हमने इसे नहीं रोका तो निश्चित रूप से हमारे भविष्य को एक ना एक दिन हानि पहुँचाएगा।

प्रदूषण हमारे साफ-सुथरे पर्यावरण के अस्तित्व को खतरे में डाल देता है और हमारे पर्यावरण को नष्ट भी कर देता है। इसीलिए यह जरूरी है कि विभिन्न प्रकार के प्रदूषण और उनकी रोकथाम के सभी संभावित तरीकों का पता लगाया जाए ताकि सभी जीवों की वृद्धि और विकास के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाया जा सके।


पर्यावरण पर निबंध 150 शब्द

हमारे पर्यावरण में मुख्यतः दो अंग हैं। संजीव और निर्जीव। जैसा कि जीवित (संजीव) चीजों के नाम से ही लग रहा है वह चीजें जिसमें जान है जो कि एक सूक्ष्म जीवाणु से लेकर एक बड़ी सी व्हेल मछली तक आती है। और वातावरण के निर्जीव अंग में भौतिक, रासायनिक, और प्राकृतिक चीजें आती हैं। जीवित (संजीव) और निर्जीव दोनों अंगों की सहभागिता जीवन के लिए बहुत जरूरी है।

हालांकि इंसान द्वारा की गई गतिविधियाँ इसका संतुलन बिगाड़ देती हैं। जैसे कि ‘ग्रीन हाउस इफेक्ट’ एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो बरसों से चली आ रही है, जो की धरती पर बनाए रखने के लिए जरूरी भी है। लेकिन औद्योगिक क्रांति मानव की गतिविधियों के कारण ग्रीन हाउस गैसों का स्तर तेजी से बढ़ा है जिसके कारण ग्रीन हाउस इफेक्ट बढ़ा है जो ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य कारण है। और इसके परिणाम है कि समुद्र जल स्तर में बढ़ोतरी, प्रचंड बाढ़, तूफान और कठोर सूखा है।


पर्यावरण पर लेख 200 शब्दों में

पर्यावरण यानी ऐसी जगह जहां सभी जीव जंतु, निर्जीव चीजों के साथ संबंध बनाकर रहते हैं जिनमें मानव भी आते है। पर्यावरण हमें हमारी जरूरत के कई साधन उपलब्ध कराता है जो हमारे दैनिक जीवन पर काफी प्रभाव डालता है। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि हम अपने पर्यावरण का ख्याल रखें और इसे सहेज के रखें।

जैसे पृथ्वी पर बिना ऑक्सीजन के जीवन की संभावना नहीं है और पेड़-पौधे इसके मुख्य उत्पादक हैं, यानी हमें वनों की कटाई को रोक कर पेड़ों को बचाना चाहिए। जीवन के लिए पानी दूसरा जरूरी स्रोत है। पृथ्वी का लगभग 71 फ़ीसदी हिस्सा पानी से ढका हुआ हैं, इसके बावजूद केवल 1% पानी साफ है जो की प्रयोग में लाने लायक़ है। इसीलिए पानी का संरक्षण बहुत जरूरी है

इससे हम उस ऊर्जा को बचा सकते हैं जो पानी को साफ़ करके पीने योग्य और उसके वितरण करने में लगते हैं। हमारे पर्यावरण में कई तरह के प्रदूषण हैं। सब कहीं ना कहीं मानवी गतिविधियों के कारण ही पैदा हुए हैं या होते हैं। इनमें वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण आते हैं। जिसके अनचाहे परिणाम होते हैं जैसे कि किसी बीमारी का बढ़ जाना, फ़सलों का बर्बाद हो जाना, कई जीवों का लुप्त हो जाना आता है। हमें अपने पर्यावरण को बचाने के लिए कुछ सख्त कदम उठाने होंगे।

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पर्यावरण पर निबंध 250 शब्दों का

हम अपने दैनिक जीवन में जिन भी चीजों से रूबरू होते, उनका इस्तेमाल करते हैं या उसे महसूस करते हैं वह सब पर्यावरण में ही निहित है। पर्यावरण हमें अपना या किसी भी जीव का विकास और पोषण करने में सहायता करता है। यह हर वह चीज मुहैया करवाता है जो जीवन को सुगमता से गुजारने के लिए आवश्यक है। और ऐसा होता रहे इसके लिए जरूरी है कि हम इसका ध्यान रखे और इसे किसी तरह की हानि न पहुंचाएं।

पर्यावरण संरक्षण

जैसा कि हम जानते हैं हमारे ‘सौरमंडल’ में केवल हमारा ही ग्रह ऐसा है जहां जीवन संभव है, लेकिन मानव निर्मित कारख़ानों से निकलती ज़हरीली गैसें, विभिन्न तरह के प्रदूषण इसे सबसे ज्यादा हानि पहुंचा रहे हैं। इसका कहीं-न-कहीं एक कारण यह भी है कि लोगों में इसके प्रति जागरूकता नहीं है। पर्यावरण को स्वस्थ बनाए रखने लिए जरूरी है कि हम लोगों के बीच में पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाएं ताकि लोगों के उठाए गए छोटे-छोटे कदमों से हम अपने पर्यावरण को स्वस्थ और साफ-सुथरा बना सकते है।

जैसे कि कम से कम कचरा उत्पन्न करना, कचरे का सही निस्तारण करना, पॉलिथीन बैग का इस्तेमाल ना करना, रीसाइकिल रीयूज पद्धति को अपनाकर, जल तथा ऊर्जा संरक्षण करके इसके अलावा और भी कई छोटे-छोटे प्रयासों से हम अपने पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं। जागरूकता फैलाने के लिए ही 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के रूप में मनाया जाता है और भारी संख्या में लोग इसमें भाग लेकर लोगों के बीच में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाते है।


पर्यावरण पर निबंध | Paryavaran Nibandh In Hindi 300 Shabd

प्रस्तावना

पर्यावरण एक ऐसा प्राकृतिक परिवेश है जहां सभी जीव जंतु और निर्जीव चीजें आपस में सहभागिता से रहते हैं। यह पर्यावरण ही है जिसके कारण पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व है। यह जीवों को पनपने, बढ़ने और पोषण करने में सहायता करता है।

जैसे पर्यावरण का हम पर प्रभाव पड़ता है उसी तरह हमारा किया गया कोई भी कार्य पर्यावरण पर भी प्रभाव डालता है। स्वस्थ और बढ़िया जीवन जीने के लिए जरूरी है कि हमारा पर्यावरण साफ सुथरा हो, प्रदूषण रहित हो और सारी प्राकृतिक प्रक्रिया जैसी है वैसे ही बिना किसी गड़बड़ी के चलती रहे।

पर्यावरण प्रदूषण

औद्योगिक क्रांति, तकनीकी उन्नति और मानव के दुष्कृत्यों ने इसे प्रदूषित कर दिया है जिससे सारी प्राकृतिक प्रक्रियाएं प्रभावित हुई हैं जिसके कारण प्रकृति का संतुलन बिगड़ गया है। और हम कहीं-न-कहीं अपने साथ-साथ इस ग्रह के जीवन के अस्तित्व पर भी प्रभाव डाल रहे है। पर्यावरण हमें हमारे दैनिक जीवन में प्रयोग में आने वाली वस्तुओं और संसाधनों को उपलब्ध कराती है। फिर भी हम उनका रख-रखाव और ख्याल रखने में असमर्थ हैं।

उपसंहार

यदि हम प्रकृति के नियमों के उलट या खिलाफ कोई कार्य करते हैं तो ये कहीं-न-कहीं हमारी प्रकृति यानी पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है जो कि ठीक बात नहीं है। हमें उन कारणों के साथ-साथ उनसे निपटने के भी उपाय का पता लगाना होगा जिनसे हमारे पर्यावरण का क्षरण हो रहा है। इन सबके साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का भी सही दिशा में और सही मात्रा में उपयोग करना होगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिल सके।

हमें मिलकर हमारे पर्यावरण का संरक्षण करना होगा अथवा इसका ख्याल रखना होगा और कोशिश करनी होगी कि हम अपने पर्यावरण में कम से कम प्रदूषित अपशिष्टों को मिलाएँ ताकि हम एक उज्जवल भविष्य की कामना कर सकें जहां सारे जीव बिना किसी समस्या और बिना किसी संसाधन की कमी के अपना जीवन व्यतीत कर सकें।


Save Environment Essay In Hindi 400 Words | पर्यावरण का निबंध

प्रस्तावना

जैसा कि हम जानते हैं कि ‘इंसान पृथ्वी पर सबसे बुद्धिमान जीव है’ जो नई-नई चीजें सीखने में सक्षम है। और यही सीखने की योग्यता हमें तकनीकी उन्नति की ओर ले जाता है। इसमें कोई शक नहीं है कि तकनीकी उन्नति के अपने बहुत सारे फायदे हैं पर यह हमारे पर्यावरण को धीरे-धीरे बर्बाद कर रहा है।

इंसान की ऐसी कई गतिविधियाँ हैं जिनका पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा जो कि विनाशकारी है। इसीलिए यह जरूरी हो गया है कि हम उन कारणों का पता लगाएँ और उनके निस्तारण का भी कोई रास्ता निकाल ले ताकि हम एक साफ-सुथरा और सुरक्षित स्थान बना सकें जिससे हमारी पृथ्वी सुरक्षित रहे और सभी जीव फल-फूल सकें।

पर्यावरण का महत्व

असल में हम पर्यावरण के असल मूल्य को नहीं समझ रहे हैं। फिर भी हम इसके कुछ महत्व का अनुमान लगा सकते हैं जो हमें इसके महत्व को समझने में मदद कर सकते हैं, और हम पर्यावरण को आगे तक ले जा सकते है। पर्यावरण पृथ्वी पर हमारे जीवन को संभव बनाने में तथा पर्यावरण में सभी जीवित चीजों को स्वस्थ रखने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसी तरह, यह विभिन्न परिस्थितियों में संतुलन को बनाए रखता है जिसके कारण पृथ्वी पर जीवन संभव हो पाता है। यह भोजन, रहने की जगह, वायु, पानी, और इंसान की सभी ज़रूरतों को पूरा करता है फिर चाहे वह बड़ी हो या छोटी।

पर्यावरण के फायदे

पर्यावरण हमें अनगिनत फायदे देता है जिसे हम अपनी पूरी जिंदगी चुकाना भी चाहे तो भी चुका नहीं सकते। यह उन महत्वपूर्ण प्रणालियों और प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है या जारी रखता है जो पृथ्वी पर जीवन संभव होने के लिए आवश्यक हैं। जिनमें जरा सी गड़बड़ी अंततः मनुष्यों और अन्य जीवित प्राणियों के जीवन चक्र को प्रभावित कर सकती है। पर्यावरण हमें उपजाऊ भूमि, पानी, हवा और जीवन गुजारने के लिए कई आवश्यक चीजें प्रदान करता है।

पर्यावरण के पतन का कारण

मानव गतिविधियाँ ही वातावरण के पतन की सबसे मुख्य कारण है क्योंकि मानव की हर गतिविधि हमारे वातावरण को किसी न किसी रूप में वातावरण को नुकसान पहुँचाता है। पर्यावरण के पतन का कारण बनने वाले मनुष्यों की गतिविधियाँ प्रदूषण, बेकार पर्यावरण नीतियाँ, रसायन, ग्रीनहाउस गैसें, ग्लोबल वार्मिंग, ओज़ोन रिक्तीकरण आदि हैं।

इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों के ज्यादा प्रयोग से भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा होगी जहां उपभोग के लिए कोई संसाधन नहीं होंगे। और जब हवा जैसी सबसे बुनियादी आवश्यकता इतनी प्रदूषित हो जाएगी कि मनुष्य को सांस लेने के लिए बोतलबंद ऑक्सीजन का उपयोग करना पड़ेगा।


पर्यावरण पर निबंध 500 शब्द

प्रस्तावना

‘पर्यावरण प्रकृति का दिया हुए एक ऐसा उपहार है’ जिसके कारण पृथ्वी पर जीवन संभव है या संभव हो पाया है। हम अपने जीवन को जीने के लिए जिन भी चीजों को उपयोग में लाते हैं वह सब पर्यावरण का ही भाग है जैसे कि हवा, पानी, सूर्य की रोशनी, उपजाऊ भूमि, विभिन्न तरह के पेड़ पौधे और फसलें, और भी बहुत कुछ चीजें जिनसे हम अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में रूबरू होते हैं यह सब पर्यावरण का ही भाग है।

प्रदूषित पर्यावरण

पर्यावरण प्रदूषण एक स्तर की सबसे बड़ी समस्या है। हमारे पर्यावरण की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है इसका प्रभाव आज हमारे जीवन के अलग-अलग हिस्सों पर पड़ रहा है। पर्यावरण प्रदूषण कई रोगों का जनक है जिसने इंसान के जीवन को बद से बदतर बना दिया है।

और इसका कहीं ना कहीं कारण है मानव द्वारा तरह-तरह के सुख-सुविधाओं के लिए उत्पन्न की गई नई-नई तकनीकें। ऐसा नहीं है यह किसी एक जगह की समस्या है यह सारी दुनिया की समस्या है जिससे हर कोई परेशान है। यह किसी एक के उठाए गए कदमों से ठीक नहीं होने वाला हमें मिलकर इस समस्या का जल्द से जल्द हल निकालना होगा, नहीं तो पृथ्वी पर से जीवन की सारी संभावनाएं खत्म हो जाएंगी।

इसीलिए हर किसी को पर्यावरण संरक्षण में भाग लेना चाहिए। हमारे पर्यावरण को बचाने के लिए हमारे द्वारा की जा रही ग़लतियों को सुधारना होगा क्योंकि हमारे द्वारा ही की जा रही छोटी-छोटी ग़लतियाँ ही इसका कारण है। और अगर हम इन छोटी-छोटी ग़लतियों को सुधार ले तो हम अपने पर्यावरण को बचा सकते हैं।

पर्यावरण संरक्षण

पर्यावरण संरक्षण ही एक ऐसा माध्यम है जो हमें हमारे प्रकृति से अच्छा संबंध बनाने में सहायता करता है। और इसके लिए सबसे पहले हमें पता लगाना होगा कि आखिर वह कौन कौन से कारण है जिनसे हमारे पर्यावरण को हानि पहुँचाती है, और फिर उन समस्याओं का निदान करना होगा। इसके बाद हमें अपनी कुछ आदतों को भी सुधारना होगी

जैसे कि हमें कोशिश करनी चाहिए कम से कम कचरा उत्पन्न करें, कचरे का सही निस्तारण करें, पॉलिथीन से बनी चीजों का इस्तेमाल ना करें ताकि पर्यावरण में चल रहे सभी प्राकृतिक चक्र बिना किसी बाधा के चलते रहे। इसके साथ-साथ हमें प्राकृतिक संसाधनों का भी सीमित मात्रा में उपयोग करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी अपने रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा कर सकें जो कि पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए जरूरी है।

उपसंहार

पर्यावरण जो हमारी सारी ज़रूरतों को पूरा करता है फिर चाहे वह बड़ी हो या छोटी आज पर्यावरण तेज़ी से प्रदूषित हो रहा है जिसका सबसे बड़ा कारण मानव द्वारा की जा रही गतिविधियाँ। इसीलिए आज जरूरी हो गया है हम अपने पर्यावरण का रखरखाव करें ताकि इसे स्वच्छ और सुंदर बना रहे। 

पर्यावरण को प्रदूषित होने में कहीं ना कहीं कारण यह भी है कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति या पर्यावरण के प्रति जागरूकता नहीं है इसीलिए लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए लोगों को पर्यावरण के बारे में बताने के लिए 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।


हमारा पर्यावरण निबंध 600 शब्दों में

प्रस्तावना

पर्यावरण एक ऐसा प्राकृतिक परिवेश है जो वहां रह रहे सभी जीवों की सभी आवश्यकता को पूरा करता है, जो जीवन के अस्तित्व के लिए जरूरी है। और अगर हम पर्यावरण शब्द की बात करें तो यह दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें पहला तो है ‘परि’ जिसका मतलब होता है चारों ओर दूसरा है ‘आवरण’ जिसका मतलब होता है जो कुछ भी हमारे चारों तरफ है या जिससे हम घिरे हुए हैं। यानी कि हमारे चारों तरफ जो कुछ भी है, जैसे कि हवा, पानी, जंगल, जीव जंतु सब पर्यावरण है या यूं कहे की पर्यावरण का ही छोटा सा भाग है।

पर्यावरण का महत्व

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि सौरमंडल के नवग्रहों में हमारा ग्रह यानी पृथ्वी ही एकमात्र ऐसी जगह है जहां जीवन का अस्तित्व है और इसका पूरा श्रेय हमारे पर्यावरण को जाता हैं। पर्यावरण के बिना जीवन की कल्पना भी करना संभव नहीं है।

यह पर्यावरण ही है जो जीवन जीने के लिए सारे आवश्यक साधनों का इंतज़ाम करता हैं। इतना ही नहीं बल्कि यह उन प्राकृतिक चक्रों को भी सुचारु रूप से चलाये रखता हैं जो कि जीवन के अस्तित्व के लिए बहुत जरूरी है। यह किसी भी जीव का अभिन्न भाग है।

पर्यावरण को हानि पहुंचने वाले कारण

आज विज्ञान तरक्की तो खूब हुई है जिससे तेज़ी से विकास भी हुआ हैं और लोगों को इसका फायदा भी खूब हुआ है वहीं दूसरी तरफ इससे हमारे पर्यावरण को काफी हानि भी पहुंची है। जहां एक तरफ नए-नए कारख़ानों के लगाने से विकास की गति बढ़ी है वही इन कारख़ानों से निकलने वाले धुएँ और अपशिष्टों के कारण हमारा पर्यावरण बहुत ज्यादा प्रदूषित हुआ है।

अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए हम धड़ल्ले से पेड़ों की कटाई कर रहे हैं जिससे जानवरों की कई प्रजातियाँ विलुप्त हो गई है और कई विलुप्त होने के कगार पर हैं। जिससे सुचारु रूप से चल रही कई प्राकृतिक प्रक्रियाओं में बाधा आई है। वातावरण का संतुलन बिगड़ गया है, जो पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व को खतरे में डालता जा है।

पर्यावरण संरक्षण के उपाय

आज मानव विकास के पथ पर अग्रसर है और उसका सबसे बड़ा कारण है कारख़ानों का विकास है। इसकी मदद से आज इंसान ने विकास तो बहुत कर लिया है पर इन कारख़ानों से निकलने वाला धुआँ वायु को प्रदूषित करता है और इनसे निकलने वाला प्रदूषित पदार्थ जो सीधे नदियों में छोड़ा जाता है, उन्हें भी प्रदूषित करता है।

और अगर हमें अपने पर्यावरण को बचाना है सबसे पहले इन कारख़ानों से निकल रहे हैं दूषित पदार्थों और धुएँ का सही निस्तारण करना होगा। इसके अलावा सबसे पहले तो लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलानी होगी। ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पेड़-पौधे लगाने होंगे, वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करने की कोशिश करनी चाहिए और पेड़ों की मनमानी कटाई पर भी अंकुश लगाना चाहिए।

उपसंहार

आज इंसान ने चाहे जितने भी तरक्की कर ली हो, चाहे जितनी सुख-सुविधाएँ क्यों न उपलब्ध करवा ली हो पर प्रकृति ने जो हमें दिया है उसकी तुलना में ये कुछ भी नहीं है। यहां तक कि मनुष्य खुद की भी कल्पना बिना पर्यावरण के नहीं कर सकता। इंसान और पर्यावरण एक दूसरे पर निर्भर हैं।

जैसे पर्यावरण इंसान की सारी ज़रूरतों को पूरा करता है उसी तरह इंसान का भी कर्त्तव्य बनता है कि वह भी पर्यावरण का ध्यान रखे। पर्यावरण हमारी सारी ज़रूरतों का ख्याल उसी तरह रखता है जैसे ‘एक मां अपने बच्चों का रखती है’। जिस तरह ‘एक बेटा बड़ा हो जाने पर अपनी बूढ़ी मां का ख्याल रखता है’ उसी तरह इंसान को भी पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए।

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पर्यावरण पर निबंध इन हिंदी 800 शब्दों में

पर्यावरण का अर्थ क्या हैं?

‘पर्यावरण’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है इनमें पहला है ‘परि’ जिसका मतलब है हमारे आसपास यानी जो हमारे चारों ओर हैं और दूसरा है ‘आवरण’ यानी वह चीज है जो हमें चारों ओर से घेरे हुए हैं। और अगर साधारण भाषा में कहें तो यह हमारे जीवन को प्रभावित करने वाला सभी जीवित और निर्जीव तत्वों, तथ्यों, प्रक्रियाओं तथा घटनाओं के मेलजोल से बना एक एकांश है।

यह हमारे हर दिशा में फैली हुई है और हमारे जीवन की हर एक घटना और प्रक्रिया इसके अंदर ही संपन्न होती है जिस तरह पर्यावरण हम पर प्रभाव डालता है उसी तरह हम अपनी क्रियाओं से हमारे पर्यावरण को भी प्रभावित करते हैं।

क्यों जरूरी है स्वच्छ पर्यावरण?

किसी समाज या राष्ट्र की समृद्धि के लिए स्वच्छ वातावरण बहुत जरूरी है। यह पृथ्वी पर जीवन की उपस्थिति के लिए बुनियादी आवश्यकताओं में से सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। ये कुछ तथ्य है जो इस बात का वर्णन करते है कि स्वच्छ पर्यावरण हमारे लिए क्यों आवश्यक है-

  1. पौधों, जानवरों, मनुष्यों और जलीय जीवन सहित कोई भी जीवित प्रजाति बिना पर्यावरण के जीवित नहीं रह सकती है। इन सभी को रहने के लिए स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता होती है।
  2. अशुद्ध वातावरण कई बीमारियों और असंतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का कारण होता है।
  3. सभी जीवों के जीवित रहने से प्राकृतिक संसाधनों के रिक्तिकरण का जिम्मेदार अशुद्ध पर्यावरण होता है।
  4. प्रदूषित हवा में सांस लेने वाला या प्रदूषित पानी का इस्तेमाल करने वाला समाज स्वस्थ और समृद्ध नहीं हो सकता। प्रदूषित वातावरण का इको सिस्टम और वनस्पतियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

पर्यावरणीय क्षति के कारण

मानव गतिविधियों जैसे औद्योगीकरण, वनों की कटाई, शहरीकरण आदि से पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर्यावरणीय प्रदूषण को बहुत हद तक बढ़ा रहा हैं। इन दिनों स्वच्छ पर्यावरण की आवश्यकता और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में बहुत कुछ कहा और सुना जा रहा है।

वातावरण को क्षति पहुंचाने वाले कुछ प्रमुख कारण नीचे दिए गए हैं-

  1. हानिकारक गैसों का निष्कासन- मानव गतिविधियों जैसे fossil fuel के जलने, सीमेंट उत्पादन आदि से CO2 गैस का उत्सर्जन होता है। दूसरी NH3 का उत्सर्जन जिसका प्रमुख स्रोत कृषि क्षेत्र है, जहाँ अमोनिया आधारित उर्वरकों का उपयोग किया जाता है। NH3, Atmoshpheric particulate matter यानि APM के उत्पादन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है, जो सांस लेने लायक हवा की गुणवत्ता को कम करता है।
  2. वनों की कटाई- वैश्विक जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी तथा पर्यावरण में CO2 के स्तर में वृद्धि का मुख्य कारण वनों की कटाई है।
  3. उद्योग- औद्योगिक गतिविधि में वृद्धि विशेष रूप से खनन उद्योग, पर्यावरण में प्रदूषण के स्तर को बढ़ाती है।
  4. परिवहन- दुनिया भर में परिवहन के कारण पेट्रोलियम ईंधन के जलने की वजह से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), मीथेन (CH4) और नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) जैसी हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है।
  5. शहरीकरण- शहरीकरण से वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों में कमी सबसे प्रमुख रूप से पानी में। बिना किसी रोक टोक से हुए शहरीकरण का पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा जिसके परिणामस्वरूप कई जीवित प्रजातियों विलुप्त हो जाएँगी।
  6. जनसंख्या विस्फोट- जनसंख्या में विस्तार के परिणामस्वरूप शहरीकरण होता है और इसके परिणामस्वरूप वनों की कटाई होती है। तथा इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
  7. कचरा- लोग अक्सर अपने आस-पास के कचरे को यू ही में फेक देते हैं जो समय के साथ जमा होता है और कचरे के ढेर में बदल जाता है, जिसके परिणामस्वरूप पर्यावरण प्रदूषण होता है।

हमारे पर्यावरण की रक्षा कैसे करें?

पर्यावरण को साफ करने और इससे होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। स्वच्छ पर्यावरण के संरक्षण के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित हैं –

  1. पौधे लगाकर- एक समाज और एक व्यक्ति को चाहिए की प्रत्येक सप्ताह के अंत में या छुट्टी के दिनों में कम से कम एक पेड़ लगाने की शपथ लेनी चाहिए ताकि हम एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण का निर्माण कर सके।
  2. पुनर्नवीनीकरण(Recycled) उत्पादों का उपयोग करके- Recycled सामग्री वाले उत्पादों को ख़रीद कर आप उन सामग्रियों को सीधे लैंडफिल में समाप्त होने से रोकते हैं।
  3. जनसंख्या नियंत्रण के लिए कदम उठाकर- जनसंख्या विस्फोट के खतरों और पर्यावरण पर इसके प्रभावों और प्राकृतिक संसाधनों की कमी के बारे में लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए ताकि सभी के लिए प्राकृतिक संसाधनों जैसे पानी और स्वच्छ हवा की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
  4. अपशिष्टो का उचित समापन- अपशिष्टो उचित समापन हम के लिए हमे अपने कचरे को सूखे और गीले कचरे में विभाजित करना चाहिए ताकि उनका उपयोग रीसाइक्लिंग के लिए किया जा सके और यह भी सुनिश्चित करता है कि कोई भी कचरा पर्यावरण में न जाए और सभी कचरे को उपयोगी उद्देश्यों के लिए recycle किया जाए।

उपसंहार

पर्यावरण प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा ली गई एक सराहनीय पहल है “विश्व पर्यावरण दिवस”, जो हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इसे जागरूकता बढ़ाने और सरकारों, व्यक्तियों और समाजों को एकजुट होने और प्लास्टिक के उपयोग को मिटाने के लिए कदम उठाने का आग्रह करने के लिए मनाया जाता है।

पर्यावरण का निबंध पर अपनी प्रतिक्रिया दीजिये👇


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बेचारा नोबिता………इसको हमेशा Test में जीरो मिलता हैं। आप इसके जैसा मत बनना। पर्यावरण का निबंध को अच्छे से पढ़ना और Test में अच्छे नंबर लाना।😉


यह भी पढ़ें (संबंधित लेख और निबंध):
😊👉 Pradushan par Nibandh
😊👉 Soil Pollution in Hindi
😊👉 Essay on Tree in Hindi


अंतिम शब्द

मेरे प्यारे दोस्तों! मुझे पूरी उम्मीद हैं की मेरे द्वारा लिखा गया Paryavaran Par Nibandh In Hindi आपको जरूर पसंद आया होगा। आप इस हमारा पर्यावरण निबंध को अपने करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों को ज़रूर शेयर कीजियेगा, जिनको इस निबंध की अति आवश्यकता हो।

मैंने अपनी पूरी कोशिश की हैं आपको एक बेहतर पर्यावरण पर निबंध प्रदान करने की। और अगर फिर भी मुझसे जाने-अनजाने में कोई गलती हो तो गई हैं तो माफ़ बुल्कुल मत करना। नीचे दिए Comment Box💬 में मुझे जरूर डाँटना😥 ताकि अगली बार में गलतीयाँ न करूं। 😊

हम अगली बार फिर मिलेंगे, दुआओं में याद रखना!😊🙏

2 thoughts on “पर्यावरण पर निबंध {विश्व पर्यावरण दिवस, कारण, उपाय, अलग-अलग शब्द सीमा}| Paryavaran Par Nibandh In Hindi 2023”

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