Vayu Pradushan Par Nibandh | Essay On Air Pollution In Hindi 2022

दिन प्रतिदिन हमारे वातावरण की वायु प्रदूषित होती जा रही है, इसका मुख्य कारण हम मानव जाति ही हैं। हमने ही हमारी वायु को प्रदूषित किया है और अगर हमने वायु को सुरक्षित रखने पर ध्यान नहीं दिया तो वायु भी हमें सुरक्षित नहीं रहेगी।

EssayToNibandh.com पर आज हम वायु प्रदूषण पर निबंध पढ़ेंगे। जो की अलग अलग शब्द सीमा के आधार पर लिखे गए हैं। आप Vayu Pradushan Par Nibandh को ध्यान से और मन लगाकर पढ़ें और समझें। Essay On Air Pollution In Hindi को निम्न शब्द सीमा के आधार पर लिखा गया है-

Table of Contents

आइये! Vayu Pradushan Nibandh को अलग अलग शब्द सीमाओं के आधार पर पढ़ें।

नोट- यहां पर दिया गया Essay On Air Pollution In Hindi कक्षा(For Class) 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12,(विद्यालय में पढ़ने वाले) विद्यार्थियों के साथ-साथ कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए भी मान्य हैं।

वायु प्रदूषण पर निबंध, Vayu Pradushan Par Nibandh
Vayu Pradushan Par Nibandh

Essay On Air Pollution In Hindi 80 Words

‘वायु प्रदूषण’ आज के समय में एक सबसे ज्वलंत मुद्दा है, ना सिर्फ भारत के लिए अपितु पूरे विश्व के लिए। वायु प्रदूषण के कारण हर साल लाखों लोग अपना जीवन गंवा रहे हैं। वायु प्रदूषण विभिन्न तरह की खतरनाक गंभीर बीमारियों को जन्म दे रहा है। 

पर्यावरण का संतुलन लगातार बिगड़ता जा रहा है, तापमान बढ़ने के कारण ग्लोबल वॉर्मिंग हो रही है। वायुमंडल में लगातार विजातीय पदार्थ की मात्रा में बढ़ोतरी वायु प्रदूषण की ओर संकेत करती है। वायु प्रदूषण पृथ्वी की पूरी पारिस्थितिक तंत्र को बिगाड़ रहा है। और मानव जीवन की गुणवत्ता को भी कम कर रहा है।


Vayu Pradushan Par Nibandh 100 Shabd

वायु प्रदूषण आज के समय में एक गंभीर समस्या है। लगातार बढ़ते औद्योगिकीकरण के कारण बड़े शहरों में यह समस्या अब आम हो गई है। वातावरण में धुआँ, ठोस पदार्थ जैसी अनेक जैविक हानिकारक कण उपस्थित है, जो ना सिर्फ स्वास्थ्य को हानि पहुंचा रहे हैं। बल्कि यह प्रकृति को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

धूल, मिट्टी, उद्योगों से निकलने वाले धुआँ, गाड़ियों से निकलने वाले खतरनाक गैसें वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं। वायु प्रदूषण के कारण लगातार ‘ओजोन परत’ को नुकसान हो रहा है। वायु प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कत होती है, साथ-ही-साथ यह लोगों की मृत्यु का कारण भी बन जाता है।


Vayu Pradushan Nibandh 150 Shabdo Ka

वायु प्रदूषण ना सिर्फ आज भारत के लिए बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए सबसे बड़ी समस्या में से एक हैं। दिन प्रतिदिन वातावरण की स्वच्छता में हानिकारक सामग्रियों, जैविक अणुओं के मिलने से वातावरण दूषित हो रहा है। जो ना सिर्फ आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। बल्कि यह बहुत सारी गंभीर बीमारियों को भी जन्म दे रहा है और लोगों की मृत्यु का कारण बन रहा है। वायु प्रदूषण आज ना सिर्फ एक गंभीर मुद्दा है बल्कि इसे सुलझाने के लिए सभी को मिलकर एक साथ प्रयास करना होगा।

तभी जाकर हम सब मिलकर एक स्वच्छ वातावरण का निर्माण कर पाएंगे। जहां पर सभी स्वस्थ तरीके से रह कर अपना जीवन जी पाएंगे। लोग अपने दैनिक जीवन में बहुत सारे कचरे को ऐसे ही खुले में फेंक देते हैं, जो वातावरण में मिलकर वायु प्रदूषण का कारण बनता हैं। बड़े शहरों में औद्योगिक प्रक्रिया से होने वाले बहुत सारे प्रदूषण स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों का कारण बनते हैं। जिसके कारण लगातार ‘वायु प्रदूषण‘ बढ़ता जा रही है।


Essay On Vayu Pradushan 200 Words

लगातार बढ़ता वायु प्रदूषण मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता जा रहा है। साथ-ही-साथ इसका प्रभाव पर्यावरण पर भी काफी नकारात्मक पड़ रहा है। वायु प्रदूषण ‘ओजोन परत’ को भी नुकसान पहुंचा रहा है। ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणों को धरती पर आने से रोकता है। अगर ऐसे ही वायु प्रदूषण बढ़ता गया तो आने वाले समय में ओजोन परत पूरी तरह नष्ट हो जाएगी और सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणें मनुष्य के साथ-साथ पेड़-पौधों को भी काफी नुकसान पहुंचती हैं।

हम सभी जानते हैं कि ‘हवा मनुष्य जीवन का सबसे बड़े आधार में से एक है’। इसके बिना मनुष्य के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। अगर ऐसे ही लगातार वायु प्रदूषण बढ़ता गया तो यह मानव जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा हो सकता है। वायु में लगातार बढ़ते विषाक्त हानिकारक पदार्थों  ने वायु को बहुत दूषित कर दिया है।

वायु प्रदूषण के कारण

वायु प्रदूषण के वैसे तो अनेक कारण हैं जिनमें प्राकृतिक कारण भी और मानवीय कारण भी हैं। परंतु सबसे ज्यादा नुकसान मानवीय कारण से हुआ है। उद्योगों से निकलने वाले हानिकारक कणों, बढ़ते औद्योगिकरण, बढ़ती आबादी, और गाड़ियों से निकलने वाले विषैले पदार्थों ने ना सिर्फ हवा को दूषित करने का काम किया है, बल्कि इसने लोगों के जीवन की उम्र को भी कम करने का काम किया है। किसानों द्वारा खेतों में कीटनाशक दवाओं का उपयोग करना करने से भी वायु दूषित होती है।


Vayu Pradushan nibandh 250 words

वायु प्रदूषण आज के वर्तमान समय में सबसे बड़ी समस्याओं में से एक हैं। वायुमंडल में विजातीय पदार्थों का मिलना ही वायु प्रदूषण कहलाता है। जो मानव जीवन के स्वास्थ्य के लिए तो हानिकारक है ही, साथ-साथ मानव के जीवन की गुणवत्ता को भी बहुत कम कर देता है। वायु प्रदूषण ना सिर्फ मानव जाति के लिए नुक़सानदेह हैं, बल्कि धरती पर रहने वाले सभी प्राणियों के लिए यह एक बड़ा खतरा है क्योंकि वायु प्रदूषण से लगातार प्रकृति का संतुलन बिगड़ता ही जा रहा है। 

ग्लोबल वॉर्मिंग को बढ़ावा मिल रहा है। वायु प्रदूषण के कारण विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियों ने मनुष्य की मृत्यु दर को काफी हद तक बढ़ा दिया है। तरह-तरह के गंभीर विकार वायु प्रदूषण के कारण ही मनुष्य को झेलने पड़ रहे हैं। इससे फेफड़े संबंधी बहुत सारी खतरनाक बीमारियों की उत्पत्ति होती जा रही है। वायु प्रदूषण वायुमंडल की ताजी हवा को मैला कर रहा है, जिससे साँस लेने मे काफी दिक्कत होती है।

बड़े-बड़े शहरों में लोग अपने दैनिक जीवन में कार्यों को करने के प्रति इतने लीन हो जाते है, कि उन्हें वायु प्रदूषण जैसे गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं जाता हैं। वे अपने दैनिक जीवन के कचरे को ऐसे ही खुले में फेंक देते हैं, जो की वायु प्रदूषण के सबसे बड़े कारणों में से एक है। बड़े-बड़े कारखानों के साथ मोटर वाहनों से निकलने वाला काले धुँआ भी वायु प्रदूषण के कारणों में से ही हैं।

मिट्टी के कण, धूल जैसे प्राकृतिक कारण भी वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं। वायु प्रदूषण ना सिर्फ वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को बढ़ाता है, बल्कि ओजोन परत को भी बहुत नुकसान पहुंचाता है। जो आने वाले समय में पृथ्वी पर जीवन के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। इसलिए वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हम सबको मिलकर एक साथ प्रयास करने होंगे ताकि पृथ्वी पर मानव जीवन को बचाया जा सके।


Vayu Pradushan Essay 300 Word

वायु प्रदूषण का सही मायने में अर्थ

वायु प्रदूषण ना सिर्फ इंसानी जीवन के लिए लगातार खतरा बनते जा रहा है, बल्कि इसने पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाया है। वायु प्रदूषण का सही मायनों में अर्थ होता है। “वायु में किसी भी तरह के अनावश्यक हानिकारक पदार्थ जैसे रसायन, जैविक पदार्थ, विषैले पदार्थ वातावरण में घुल-मिल जाते हैं तो वायु प्रदूषित हो जाती है तो इसे ही ‘वायु प्रदूषण’ कहते हैं।” वायु प्रदूषण लगातार भयावह स्थिति लेता जा रहा है। वायु प्रदूषण ना सिर्फ इंसानी जीवन बल्कि वातावरण के लिए भी हानिकारक है, ऐसी स्थिति को भी वायु प्रदूषण कहा जाता है।

वायु प्रदूषण के कारण

दिन प्रतिदिन बढ़ती आबादी ना सिर्फ वायु प्रदूषण के सबसे बड़े कारणों में से एक है बल्कि ज्यादा आबादी होने से मानव अपने मानवीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। जब वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि हो जाएगी तो तापमान में भी वृद्धि होगी। जिससे ग्लोबल वॉर्मिंग के साथ-साथ प्रकृति पर भी बहुत ज्यादा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके गंभीर परिणाम धरती पर रहने वाले प्राणियों को ही झेलने पड़ेंगे।

वायु प्रदूषण के प्राकृतिक और मानवीय दोनों कारण है

मानवीय कारण

मानवीय कारणों में बात करें तो लगातार बढ़ता बड़े शहरों में औद्योगिकीकरण। बड़े-बड़े कारख़ानों की चिमनियों से निकलने वाले विषेला धुआँ वायु प्रदूषण के सबसे प्रमुख कारणों में से एक है। किसानों द्वारा ‘पराली’ (धान की कटाई होने के बाद बचा भूसा या कचरा) जलाने से भी बहुत अधिक मात्रा में वायु प्रदूषण होता है। खेतों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने से भी वायु प्रदूषण होता है।

प्राकृतिक कारण

वहीं अगर बात प्राकृतिक कारण की करे तो, ज्वालामुखी विस्फोट से निकलने वाले विषैले गैस भी वायु मंडल में मिलकर वायु प्रदूषण का निर्माण करती है। बंजर भूमि में धूल मिट्टी का उड़ना भी वायु प्रदूषण को बढ़ावा देता है।


Air Pollution Hindi Essay 400 Words

वातावरण की ताजी हवा में अशुद्धि ही वायु प्रदूषण कहलाती है। आज वायु प्रदूषण वातावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा है। धरती पर रहने वाले सभी प्राणियों के लिए यह एक गंभीर समस्या है। और इसके गंभीर परिणाम भी मानव जाति को ही झेलने पड़ेंगे क्योंकि वह इसके सबसे प्रमुख कारणों में से एक रहे हैं। और अभी भी वे वायु प्रदूषण पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और इनका समाधान निकालने की भी कोशिश नहीं कर रहे हैं।

अगर हम ऐसे ही वायु प्रदूषण को नज़रअंदाज़ करते गए, तो भविष्य में आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी। ना ही वे एक स्वच्छ हवा में जीवन जी पाएंगे और शायद आगे चलकर धरती पर जीवन संभव भी ना हो पाए। जब वायुमंडल में अवांछित गैसों, विषाक्त पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है तब उसे ही वायु प्रदूषण कहते हैं।

वायु प्रदूषण के बहुत सारे कारण हैं, परंतु इनमें से कुछ प्रमुख कारण है। जो दिन प्रतिदिन वायु को और दूषित करते जा रहा है-

  1. वायु प्रदूषण के सबसे बड़े कारण हैं, हमारे द्वारा चलाए जाने वाले जो मोटर वाहन और गाड़ियाँ, इनसे निकलने वाला काला धुआँ वायु प्रदूषण का बहुत बड़ा कारण है।
  2. लगातार बड़े-बड़े शहरों में बढ़ती उद्योगों की इकाई, कारख़ानों की चिमनियों से निकलने वाला धुँआ वायु प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं।
  3. मानव द्वारा अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पेड़ों को काटने से भी वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
  4. किसानों द्वारा पराली जलाने या पेड़-पौधों, जंगलों में आग लगने से वायु में प्रदूषण की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है।
  5. किसानों द्वारा खेतों में कीटनाशक दवाओं का उपयोग करने से भी वायु प्रदूषण काफी बढ़ रहा है।
  6. मानव अपने घरेलू उपयोग के लिए दिन-प्रतिदिन ऊर्जा का अधिक मात्रा में दोहन कर रहा है। जो वायु प्रदूषण को बढ़ावा दे रहा है।
Vayu Pradushan Nibandh

अब अगर बात वायु प्रदूषण के प्रभावों की करे तो इसके बहुत गंभीर प्रभाव हैं और वे लगातार बढ़ते जा रहे हैं-

  1. वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा प्रभाव तो यह है कि यह प्रकृति के संतुलन का बिगाड़ना, जो धरती पर रहने वाले सभी प्राणियों के लिए नुकसानदायक है।
  2. वायु प्रदूषण के कारण अनेक तरह की गंभीर बीमारियों का सामना मानव जाति को करना पड़ रहा है। उनके जीवन की गुणवत्ता भी काफी कम हो गई है। फेफड़े संबंधी बीमारियाँ का सामना सभी को करना पड़ रहा है।
  3. वायु प्रदूषण के बढ़ने से स्वच्छ हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है।
  4. वायु प्रदूषण के कारण ओजोन परत में भी लगातार छिद्र बढ़ रहें है।
  5. वायु प्रदूषण के कारण ही लगातार अम्लीय वर्षा की मात्रा बढ़ती ही जा रही है।
  6. वायु प्रदूषण के कारण वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है।जिससे धरती का तापमान बढ़ता जा रहा है और ग्लोबल वॉर्मिंग का सामना सभी को करना पड़ रहा है।
  7. प्रतिदिन वृक्षों को काटे जाने से वायुमंडल में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।

Essay On Air Pollution 500 Words In Hindi

वायु प्रदूषण क्या है?

एक स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ हवा का होना अति आवश्यक है, तभी मानव जीवित रह सकता है और अपना विकास कर सकता है। बढ़ती आधुनिकता ने ना सिर्फ मानव जाति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है बल्कि, इसने वायु प्रदूषण को बढ़ाने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इसलिए तो कहा जाता है की “विज्ञान वरदान भी हैं और अभिशाप भी”

जहां इसने अनेक ऐसी चीजें का निर्माण किया जो मानव के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। वहीं इसका दूसरा पहलू यह भी है कि यही आधुनिक उपकरण या यंत्र वायु प्रदूषण के सबसे बड़े कारणों में से एक हैं। आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में लगातार वायुमंडल में दूषित पदार्थों का मिलान हो रहा है। यही वायु प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे वायुमंडल की हवा ज़हरीली हो गई है।

जो ना सिर्फ मानव जाति के लिए अपितु धरती पर रहने वाले सभी प्राणियों के लिए हानिकारक है। वायु प्रदूषण पर्यावरण के लिए भी काफी नुकसानदायक है। आज के समय में बढ़ता वायु प्रदूषण एक वैश्विक समस्या है, लगातार बढ़ता ग्लोबल वॉर्मिंग और धरती का तापमान वायु प्रदूषण का ही गंभीर परिणाम है।

वायु प्रदूषण के कारण

प्राकृतिक और मानवीय दोनों कारण है लेकिन प्राकृतिक कारणों की अपेक्षा मानवीय कारणों ने वायु में प्रदूषण की मात्रा को काफी बढ़ावा दिया है। जहां एक तरफ बड़े-बड़े उद्योगों से निकलने वाली चिमनी ने वायु में प्रदूषण की मात्रा को आज इतना बढ़ा दिया है कि सांस लेना मुश्किल हो गया है।

वही हमारे द्वारा चलाए जाने वाले मोटर वाहन से निकलने वाला विषैला पदार्थ भी वायु प्रदूषण को बढ़ाने में अपना पूरा सहयोग दे रहे है। मानव द्वारा अपनी दैनिक क्रियाओं में फ्रिज (रेफ्रिजरेटर), ए.सी. जैसे उपकरणों का प्रयोग करने से वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है। जिससे भी वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।

वायु प्रदूषण के प्रभाव

वायु प्रदूषण के प्रभाव तो बहुत गंभीर हैं जो ना सिर्फ मानव जाति पर अपितु पूरी धरती पर रहने वाले प्राणियों के साथ-साथ पेड़ पौधों को भी नुकसान पहुंचा रही हैं। वायु प्रदूषण के कारण ही पृथ्वी पर लगातार अम्लीय वर्षा की मात्रा बढ़ती जा रही है। अम्लीय वर्षा होने से इमारतें, मनुष्य और फ़सलों को भी काफी नुकसान होता है।

वायु प्रदूषण के कारण ही लगातार पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता जा रहा है।, धरती का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा भी बढ़ती जा रही है। वायु प्रदूषण के कारण ही मनुष्य को गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। फेफडों से संबंधित कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ वायु प्रदूषण के कारण ही जन्म लेती है।

वायु प्रदूषण को कैसे रोका जा सकता है

अगर वर्तमान समय में हम वायु प्रदूषण को ऐसे ही नजर नजरअंदाज करते गए तो, आने वाले समय में वायु प्रदूषण एक गंभीर परिणाम का कारण बन सकता है। और धरती पर जीवन की संभावना को भी खत्म कर सकता है। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हम जीवाश्म ईंधन के जगह पर प्राकृतिक ईंधन और सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक मात्रा में उपयोग कर सकते हैं।

वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हम निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक वाहनों का अधिक से अधिक उपयोग कर सकते हैं। और सी.एन.जी. से चलने वाली गाड़ियां जो वायु में कम प्रदूषण करें उसका अधिक मात्रा में उपयोग कर सकते हैं। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सबसे अच्छा तरीका यह भी है कि हम ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधों को लगा सकते हैं। पेड़-पौधों को लगाने से प्रकृति का संतुलन भी नहीं बिगड़ता है और वायु प्रदूषण भी बहुत कम होता है।


Vayu Pradushan Par Nibandh 600 Shabd In Hindi

वायुमंडल के स्वच्छ हवा में लगातार बढ़ती अशुद्धि अर्थात वायु प्रदूषण भयानक रूप ले चुका है। पहले के मुकाबले वायु प्रदूषण अब दोगुनी, तिगुनी बढ़ोतरी के साथ बढ़ रहा है। धरती पर जीवन स्वच्छ वायु के बिना बिल्कुल भी संभव नहीं है। एक समय के लिए यह तो सोचा जा सकता है कि जल के बिना कुछ दिन जीवित रह सकते हैं परंतु वायु के बिना मानव या धरती पर रहने वाला कोई भी जीव जीवित नहीं रह सकता है। प्रदूषण की मात्रा लगातार बढ़ती जा रही है। परंतु अभी भी सभी लोग इसे नज़रअंदाज़ करते चले जा रहे हैं।

लेकिन वायु प्रदूषण ने अभी से ही अपना विकराल परिणाम दिखाना प्रारंभ कर दिया है। और आगे चलकर इसके गंभीर परिणाम धरती पर रहने वाले मानव जाति और प्राणियों को ही झेलने पड़ेंगे। लेकिन अभी भी सभी लोग इसके लिए संवेदनशील नहीं है। तरह-तरह की गंभीर बीमारियाँ ना सिर्फ मानव जाति अपितु पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को भी वायु प्रदूषण का गंभीर नुकसान हो रहा है। वायुमंडल में लगातार बढ़ती ज़हरीली गैस, और कार्बन डाइऑक्साइड पृथ्वी के तापमान को बढ़ाकर नुकसान पहुंचा रहे हैं।

वायु प्रदूषण के कारण

वायु प्रदूषण के मुख्य रूप से दो कारण हैं

1. वायु प्रदूषण के प्राकृतिक कारण

पृथ्वी के वातावरण में वायु प्रदूषण को बढ़ाने में प्राकृतिक कारण का भी अहम रोल रहा है। जिसके कारण लगातार वायु प्रदूषण बढ़ता जा रही है।

उदाहरण के लिए ज्वालामुखी के फटने से, जंगलों में आग लगने से, धूल कण के उड़ने से, महासागरों में लहरें या तूफान उठने से, आंधी तूफान या धूमकेतु, बैक्टीरिया आदि के कारण वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। और वायुमंडल की स्वच्छ हवा दूषित होती जा रही है।

2. वायु प्रदूषण का मानवीय कारण

अगर बात वायुमंडल के स्वच्छ हवा को दूषित करने की हो तो इसमें सबसे बड़ी भूमिका मानव की रही है। जिसने वायुमंडल को इस कदर दूषित कर दिया है कि अब स्वच्छ हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है। मानव द्वारा किए गए अनेक कार्यों ने वायु प्रदूषण को बढ़ाने का काम किया है।

अगर हम उदाहरण के लिए देखे तो कल-कारख़ानों से निकलने वाले चिमनियों के धुएँ, मानव द्वारा प्रयोग किए जाने वाले मोटर वाहन गाड़ियों से, सिगरेट, किसानों द्वारा पराली जलाने से, किसानों द्वारा खेतों में कीटनाशक दवाओं का उपयोग करने से, और खरपतवार हटाने के लिए भी रसायनों का उपयोग करने से, जीवाश्म ईंधन का अधिक से अधिक मात्रा में उपयोग करने से, पेड़-पौधों को काटने से, वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। और यह हमारी पृथ्वी के और यह हमारी पृथ्वी के वातावरण को काफी नुकसान पहुंचा रहा है और नष्ट कर रहा है।

वायु प्रदूषण के गंभीर परिणाम

  1. वायु प्रदूषण के अगर परिणामों की बात करें तो इसके बहुत सारे गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं और आगे चलकर अगर ऐसे ही वायु प्रदूषण बढ़ता गया तो और विकराल परिणाम हमें देखने को मिलेंगे।
  2. वायु प्रदूषण ने के कारण मानव अनेक तरह की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। उनका सांस लेना मुश्किल हो गया है।
  3. वायु प्रदूषण अनेक गंभीर बीमारियों को जन्म दे रहा है। अपितु इसने मानव के जीवन की गुणवत्ता को भी काफी कम कर दिया है और यह मृत्यु का भी कारण बनता जा रहा है।
  4. वायु प्रदूषण ने हमारे पूरे पारिस्थितिक तंत्र को नष्ट कर दिया है। वायु प्रदूषण का प्रभाव सिर्फ मानव पर नहीं अपितु जीव-जंतु और पेड़-पौधों दोनों पर देखने को मिल रहा है।
  5. वायु प्रदूषण के बढ़ने से वायुमंडल में सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ गई है जिसके कारण दमा जैसे भयानक रोग जन्म ले रहे हैं।
  6. वायु प्रदूषण के कारण अम्लीय वर्षा की मात्रा में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। 
  7. वायु प्रदूषण के कारण वायुमंडल में लगातार कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है, जो ना सिर्फ तापमान को बढ़ा रहा है। बल्कि पर्यावरण के संतुलन को भी बिगाड़ रहा है।
  8. वायु प्रदूषण के कारण ओजोन परत में भी लगातार छिद्र हो रहा है।

वायु प्रदूषण से बचने के उपाय

  1. हम सभी को मिलकर ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधों को लगाना चाहिए। 
  2. निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक वाहनों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।
  3. जीवाश्म ईंधन के जगह पर सोलर एनर्जी का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।
  4. अपनी मानवीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कम से कम ए.सी., रेफ्रिजरेटर, कूलर का इस्तेमाल करना चाहिए।
  5. सरकार को भी ऐसी कठोर कदम उठाने चाहिए जिससे कल-कारख़ानों से निकलने वाले चिमनियों को बहुत कम कर दिया जा सके।

वायु प्रदूषण निबंध पर अपनी प्रतिक्रिया दीजिये!👇

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बेचारा नोबिता………इसको हमेशा Test में जीरो मिलता हैं। आप इसके जैसा मत बनना। Vayu Pradushan Par Nibandh को अच्छे से पढ़ना और Test में अच्छे नंबर लाना।😉


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😊👉 Paryavaran Pradushan Par Nibandh
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अंतिम शब्द

मेरे प्यारे दोस्तों! मुझे पूरी उम्मीद हैं की मेरे द्वारा लिखा गया Vayu Pradushan Par Nibandh in Hindi आपको जरूर पसंद आया होगा। आप इस वायु प्रदूषण निबंध को अपने करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों को ज़रूर शेयर कीजियेगा, जिनको इस निबंध की अति आवश्यकता हो।

मैंने अपनी पूरी कोशिश की हैं आपको एक बेहतर Essay On Air Pollution In Hindi प्रदान करने की। और अगर फिर भी मुझसे जाने-अनजाने में कोई गलती हो तो गई हैं तो माफ़ बुल्कुल मत करना। नीचे दिए Comment Box💬 में मुझे जरूर डाँटना😥 ताकि अगली बार में गलतीयाँ न करूं। 😊

हम अगली बार फिर मिलेंगे, दुआओं में याद रखना!😊🙏

6 thoughts on “Vayu Pradushan Par Nibandh | Essay On Air Pollution In Hindi 2022”

  1. सराहनीय प्रयास। बस कुछ बदलाव करने की जरूरत है। पोस्ट में इमोजी का प्रयोग न करें। जरूरत के मुताबिक ही टेक्स्ट को बोल्ड करें। keywords सभी place पर बोल्ड करने की जरूरत नही है।

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