विद्यार्थी और अनुशासन पर निबंध 2021 | विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व

विद्यार्थी और अनुशासन
विद्यार्थी और अनुशासन

विद्यार्थियों, आज हम विद्यार्थी और अनुशासन के छोटे बड़े निबंध आपके सम्मुख प्रस्तुत कर रहे हैं। इन ‘विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व‘ पर निबंधों में भाषण, कविताएं, निबंध की रूपरेखाऐं और विद्यार्थी और अनुशासन के लाभ और अर्थ को भी सरल माध्यम से समझाया गया है।

Vidyarthi Aur Anushasan Essay In Hindi 100 Words

Vidyarthi Aur Anushasan Essay In Hindi 100 Words
Vidyarthi Aur Anushasan Essay In Hindi 100 Words

अनुशासन वास्तव में एक ऐसे व्यक्ति का एक नियंत्रित व्यवहार है, जो हर कायदे और नियम का पालन करता है और इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि नियमों का पालन कहाँ किया जा रहा है। विद्यार्थी का जीवन मनुष्य के भावी जीवन की आधारशिला है। किसी भी बच्चे का सबसे पहला शिक्षक उसका परिवार ही होता है। परिवार से ही बच्चे को हर प्रकार की प्रारम्भिक शिक्षा मिलती है और अनुशासन की शिक्षा भी सबसे पहले परिवार ही देता है।

अनुशासन कोई सजा नहीं है, यह तो बस एक कड़वी दवा हैं।

परिवार और विद्यालय ये दोनो ही बच्चों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते है। अनुशासन में संस्कार का दायित्व मिला होता है और इन संस्कार से व्यक्ति मे अनुशासन आता है। अनुशासन हीन व्यक्ति सदैव असफलता और लालच से घिरा होता है और वह समाज को भी नष्ट कर सकता है। अनुशासन उन अच्छी किताबों व उन अच्छे लोगो की तरह है, जिन्हें अगर अपना लिया तो समझिये कि जीवन मे अब आपको आपका लक्ष्य प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता।

अनुशासन हमेशा आपको एक सफल इंसान बनाएगा और सफलता आपको अवश्य मिलेगी।

Vidyarthi Jeevan Mein Anushasan Ka Mahatva 150 Words

Vidyarthi Jeevan Mein Anushasan Ka Mahatva 150 Words
Vidyarthi Jeevan Mein Anushasan Ka Mahatva 150 Words

हमारे जीवन के हर क्षेत्र में अनुशासन का एक महत्वपूर्ण स्थान है। हमें हमेशा अनुशासन का पालन करना चाहिए। फिर हम स्कूल में हो या कॉलेज में, घर पर हो या बाहर। किसी कार्यालय में काम करने वाले व्यक्तियों या फिर खेल के मैदान में कोई खिलाड़ी दोनों को ही अनुशासन का पालन करना चाहिए। इसका पालन करने वाले लोगों को हमेशा तरक्की मिलती है। वे अपने सभी काम समय से पूरा कर लेते हैं। वह कम समय मे अधिक अनुभव प्राप्त कर लेते हैं।

अनुशासन वह डोर है, जो हमें सफलता तक ले जाती है,
जैसे डोर बिन पतंग नहीं उड़ती, वैसे ही अनुशासन बिन सफलता नहीं मिलती।

जिन लोगों के जीवन में अनुशासन की कमी होती है, वह कभी भी अपना काम समय पर पूरा नहीं कर पाते और उन्हें कई प्रकार की कष्ट व कठिनाई का सामना करना पड़ता है। हम सभी अपने दैनिक जीवन में विभिन्न प्रकार से अनुशासन का पालन करते हैं। जैसे – कुछ लोग सुबह जल्दी उठते हैं, कुछ रोज सुबह एक गिलास पानी पीते हैं, कुछ रोज सुबह उठकर एक्सरसाइज करते हैं और विद्यार्थी भी सही समय पर यूनिफॉर्म में रोज विद्यालय जाते हैं, आदि।

ये सभी अनुशासन के ही उदाहरण है।अनुशासन हमारे जीवन का अभिन्न व अनिवार्य अंग है। अनुशासन से जीवन सुखमय तथा सुंदर बनता है। अनुशासन प्रिय व्यक्ति लक्ष्य को सुगमता से प्राप्त कर लेते हैं। हमें अनुशासन को अपनाकर अपने जीवन को सुखी, सुन्दर व सम्पन्न बनाना चाहिए।

Vidyarthi Aur Anushasan Essay In Hindi 200 Words

Vidyarthi Aur Anushasan Essay In Hindi 200 Words
Vidyarthi Aur Anushasan Essay In Hindi 200 Words

अनुशासन एक ऐसी चीज है जो व्यक्ति को अच्छे नियंत्रण में रखती है वह व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है हम में से हर एक ने अपनी आवश्यकता और जीवन के प्रति समाज के अनुसार विभिन्न रूपों में अनुशासन का अनुभव किया है सभी के जीवन में इसकी उपलब्धता को सही रास्ते पर जाने के लिए आवश्यक है।

जीवन मे सेल्फ डिसिप्लिन:

स्व-अनुशासन सभी के लिए आवश्यक है, क्योंकि आधुनिक समय में किसी के पास दूसरों को अनुशासन में रहने के लिए प्रेरित करने का समय नहीं है। अनुशासन के बिना कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में सफल नही हो सकता है और अपने कैरियर में शैक्षणिक या अन्य सफलता का आनंद नहीं ले सकता है।

हर क्षेत्र में आत्म अनुशासन की आवश्यकता है। जैसे कि डाइटिंग में, किसी को वसायुक्त और किसी को जंक फूड पर नियंत्रण करने की आवश्यकता है। किसी को नियमित व्यायाम करने की आवश्यकता है। माता-पिता को आत्म अनुशासन की आदतों को विकसित करने की आवश्यकता है, क्योंकि उन्हें अपने बच्चों को एक अच्छा अनुशासन सिखाने की आवश्यकता होती है। उन्हें हर समय अच्छा व्यवहार करने और सही समय पर सभी कामो को करने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है।

Vidyarthi Jeevan Aur Anushasan Par Nibandh 250 Shabdon Mein

Vidyarthi Jeevan Aur Anushasan Par Nibandh 250 Shabdon Mein
Vidyarthi Jeevan Aur Anushasan Par Nibandh 250 Shabdon Mein

प्रस्तावना:

अनुशासन हमारे शरीर मन और आत्मा को नियंत्रण में रखने और परिवार में माता-पिता तथा शिक्षकों और बड़ों के आदेशों का पालन करने की शिक्षा देता है। अनुशासन का पूरे जीवन में बहुत महत्व है। यह हमें हमारे कार्यों को गंभीरता तथा समय से पूरा करना सिखाता है।

प्रकृति में अनुशासन के उदाहरण:

सूर्य हर दिन सही समय पर उगता है और सही समय पर ही अस्त भी होता है, चांद भी हमेशा अपने निश्चित समय पर ही दिखाई देता है और पूरी रात चमकता है, नदी हमेशा बहती है, माता-पिता अपने बच्चों से हमेशा प्यार करते हैं, शिक्षक हमेशा हमें सिखाते हैं। ऐसे ही अनुशासन हमारे कार्य को हमें सरलता से निश्चित समय पर पूरा करना सिखाता है। हमें समस्याओं से पीड़ित हुए बिना आगे बढ़ने के लिए अपने जीवन में अनुशासन का पालन करना चाहिए।

अनुशासन कैसे सीखे:

हमें अपने माता-पिता, बुजुर्गों व शिक्षकों की आज्ञा का पालन करना चाहिए। हमें अनेक अनुभव के बारे में जानने और उनकी जीत और असफलताओं से सीखने के लिए उन्हें सुनना चाहिए। जब भी हम किसी चीज को गहराई से देखना शुरू करते हैं, तो यह हमें जीवन का एक महत्वपूर्ण सबक देती है।

“अनुशासन की कमी प्रतिभावान लोगों को भी असफल बना देती है।”

मौसम सही समय पर बदलते रहते हैं। प्रकृति के सभी काम निश्चित रूप से अपने – अपने समय पर होते हैं, ताकि हमारे जीवन को संतुलित बनाया जा सके। इसलिए हमें भी धरती पर जीवन चक्र को बनाए रखने के लिए अनुशासन में रहने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष:

अनुशासनहीनता जीवन में बहुत भ्रम पैदा करती है और व्यक्ति को गैर जिम्मेदार वह आलसी बनाती है। यह आत्मविश्वास के स्तर को कम करती है और मन को एक साधारण काम करने के बारे में अनिश्चित बनाती है। हालांकि अनुशासन में रहना हमें जीवन की उच्चतम सीढ़ी की ओर अग्रसर करता है और हमें सफलता पाने में मदद करता है।

Vidyarthi Jeevan Mein Anushasan 300 Words

Vidyarthi Jeevan Mein Anushasan 300 Words
Vidyarthi Jeevan Mein Anushasan 300 Words

अनुशासन के बगैर विद्यार्थी जीवन की कल्पना:

वास्तव में अनुशासन के बगैर विद्यार्थी जीवन की कोई कल्पना नहीं की जा सकती। जो विद्यार्थी अनुशासनहीन होता है, वह अपने स्तर को लगातार गिराता जाता है और समाज के लोग भी उसे पसंद नहीं करते हैं। जो विद्यार्थी अनुशासनहीन होता है, वह जीवन में कभी भी अच्छे स्तर पर काम नहीं कर सकता क्योंकि ना तो लोग उसे पसंद करते हैं और ना ही वह जीवन में कुछ ऐसा कर पाता है जिससे उसका विकास हो सके। अनुशासनहीन विद्यार्थी के अंदर बहुत सारी गलत भावनाएं आ जाती हैं।

विद्यार्थी और अनुशासन पर कविता:

अच्छे विद्यालय ही अनुशासन के निर्माता है
सुसंस्कृत परिवार से ही बालक अनुशासन पाता है,
अनुशासित विद्यार्थी ही बढ़ाते हैं देश का मान,
अनुशासन का पालन कर पाते हैं सबसे सम्मान!

जिसके कारण वह कई सारी बुरी आदतों का शिकार हो जाता है। वह देर से उठता है और अपने जीवन के कीमती समय को यू ही नष्ट करता रहता है। अनुशासनहीन विद्यार्थी ना तो सही तरह से पढ़ाई कर पाता है और ना ही उसके ज्यादा दोस्त होते हैं, क्योंकि उस पर कोई भी भरोसा नहीं करता। अध्यापक भी उनकी कोई बात नहीं सुनते जो अनुशासनहीन होते है। अध्यापक उन बच्चों पर ज्यादा ध्यान भी नहीं देते जो अनुशासन का पालन नही करते। लेकिन जो बच्चे हमेशा अनुशासन का पालन करते हैं, उनको जीवन में सफलता जरूर मिलती हैं।

अनुशासन से देश का विकास:

हम सभी जानते हैं, कि विद्यार्थी हमारे देश का भविष्य होते हैं। यदि विद्यार्थियों में अनुशासन होता है, तो वह वास्तव में देश के लिए कार्य करते हैं। उन्हें जो भी कार्य प्रदान किया जाता है, वह उसे सही तरह से पूरा करते हैं और समाज व देश की सेवा करते हैं। अनुशासित विद्यार्थी कभी भी देश को नुकसान पहुंचाने वाला काम नहीं करते। वह खुद कभी भ्रष्टाचार के रास्ते पर नहीं चलते और ना ही किसी दूसरे को चलने देते हैं।

वह हमेशा पूरी ईमानदारी से अपना काम करते हैं और देश के प्रति अपने सारे कर्तव्य को पूरा करते हैं। वे देश को समय पर टैक्स चुकाते हैं, अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाते हैं और हमेशा दूसरों की मदद करते हैं। ऐसे विद्यार्थी सदा सत्य के मार्ग पर चलते हैं और देश के विकास को ऊंचाई तक पहुंचाते हैं। वास्तव में अनुशासन का पालन करने वाले विद्यार्थी देश को तथा समाज को जीवन में आगे बढ़ाते हैं।

Vidyarthi Jeevan Mein Anushasan Ka Mahatva Nibandh 400 Words

Vidyarthi Jeevan Mein Anushasan Ka Mahatva Nibandh 400 Words
Vidyarthi Jeevan Mein Anushasan Ka Mahatva Nibandh 400 Words

प्रस्तावना:

हर किसी के जीवन में अनुशासन का बहुत महत्व होता है। अनुशासन के बिना कोई भी व्यक्ति को खुशहाल जीवन नहीं जी सकता। अनुशासन हर विद्यार्थी में अत्यंत जरूरी है क्योंकि अनुशासन में रखकर की गई बातें जीवन में काम आती है। अगर विद्यार्थी जीवन में समय का सदुपयोग करते हैं, तो अच्छी शिक्षा ग्रहण करते हैं और उन्हें भावी भविष्य में लाभ पहुंचता है।

अनुशासन शब्द का अर्थ:

अनुशासन शब्द दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है, अनुशासन + शासन। अनु का अर्थ होता है, “पालन” और शासन का अर्थ होता है, “नियम“। जिसका अर्थ होता है नियमों का पालन करना है और इसका दूसरा अर्थ यह होता है, कि जो व्यक्ति अपने जीवन में नियमों का पालन करके अपना जीवन बिताता है उसे अनुशासन कहा जाता है।

अनुशासन का जीवन में महत्व:

अनुशासन को बड़ा होकर सीखना बहुत कठिन है। अनुशासन के बिना किसी भी व्यक्ति का जीवन पशु के समान हो जाता है। विद्यार्थी जीवन को अनुशासित व्यक्ति का जीवन कहा जाता है, इसकी वजह से अनुशासन को जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग समझा जाता है। अनुशासन से ही मनुष्य पशु जीवन से ज्यादा ऊपर उठकर मानवता सीखता है, क्योंकि अनुशासन के बिना मनुष्य का जीवन पशु के समान हो जाता है।

विद्यार्थी और अनुशासन पर कविता:

अनुशासन से ही समस्याओं का समाधान है,
अनुशासन में ही विकसित होता ज्ञान है,
अनुशासन ही जीवन का प्राण है,
सफलता के लिए अनुशासन रामबाण है,
अनुशासन पशुता से ऊपर उठाता है,
अनुशासन ही मनुष्य को मनुष्य बनाता है।

अनुशासन के प्रकार:

अनुशासन दो प्रकार का होता है-

  1. एक अनुशासन वह होता है जो किसी के ऊपर जबरदस्ती थोपा गया हो, उसे बाहरी अनुशासन कहते हैं।
  2. दूसरा अनुशासन वही होता है जो खुद की इच्छा से किया गया हो, उसे आंतरिक अनुशासन कहते हैं।

आंतरिक अनुशासन मनुष्य मन से पैदा होता है। इस अनुशासन में कोई बोझ नहीं होता और सभी नियमों का पालन स्वेच्छापूर्वक होता है।

अनुशासन का विद्यार्थी जीवन में महत्व:

विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व होता है। विद्यार्थी अनुशासन में रहकर अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। अच्छी शिक्षा हर एक विद्यार्थी को नियमों का पालन करना सिखाती है। विद्यार्थी जीवन में, हर एक विद्यार्थी को पाठशाला के नियमों के अनुसार चलना पड़ता है।

उसे अपने शिक्षकों के आदेशों का पालन करना पड़ता है, उनका आदेश मानने पर ही वह एक चरित्रवान, आदर्श और योग्य नागरिक बन सकता है। इसलिए हर एक विद्यार्थी को अपना जीवन सुखी बनाने के लिए अनुशासन का पालन करना चाहिए। उसके साथ हर एक विद्यार्थी को समय को व्यर्थ ना करके, अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।

निष्कर्ष:

हर एक व्यक्ति को अपने जीवन में कभी अनुशासन को नहीं खोना चाहिए। अगर एक बार समय हाथ से निकल गया तो वापस लौटकर नहीं आता है। यदि अपने जीवन में हर एक व्यक्ति ने अनुशासन को अपना लिया, तो उसे हमेशा जीवन में सफलता मिलेगी। हर एक विद्यार्थी को अपने जीवन मे अनुशासन को अपनाना चाहिए और इसके महत्व को भी समझना चाहिए।

Essay On Vidyarthi Aur Anushasan In Hindi 500 Words

Essay On Vidyarthi Aur Anushasan In Hindi 500 Words
Essay On Vidyarthi Aur Anushasan In Hindi 500 Words

प्रस्तावना:

अनुशासन हमारे जीवन का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बिना हमारा जीवन सुचारू रूप से नहीं चल सकता, खासतौर से आज के आधुनिक समय में अनुशासन बहुत ही आवश्यक है क्योंकि इस व्यस्तता भरे समय में यदि हम अनुशासन भरे दिनचर्या का पालन ना करें हमारा जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा।

जीवन में अनुशासन का महत्व:

अनुशासन कार्यों को क्रमबद्ध तथा संयमित तरीकों से करने की एक विधि होती है। यदि हम नियमित रूप से अनुशासित दिनचर्या का पालन करें तो हम अपने जीवन स्तर को काफी अच्छा बना सकते हैं। यह हमें हमारे कार्य को और भी अच्छी तरह से करने में हमारी सहायता करता है। शोधों में देखा गया है, कि जो लोग अपने जीवन को अनुशासित तरीके से जीते हैं। वह अस्त – व्यस्त दिनचर्या का पालन करने वाले की अपेक्षा अपने समय तथा ऊर्जा का अधिक अच्छी तरह उपयोग कर पाते हैं। इसके साथ ही अनुशासन हमारे स्वास्थ्य और सामाजिक स्तर को सुधारने में भी हमारी सहायता करता है।

विद्यार्थी और अनुशासन पर कविता:

स्वयं का स्वयं पर शासन
कहलाता है अनुशासन
यह कोई पराधीनता नहीं
नाहीं है कोई बंधन
यह है नियमों का अनुसरण
बनता है जिससे आदर्श जीवन
अनुशासन चेतना का परिष्करण है
अनुशासन सिद्धांतों का अनुकरण है
अनुशासन सुसंस्कार है
सफल जीवन का यही आधार है।

यही कारण है कि जीवन में अनुशासन का पालन करने वालों को अनुशासनहीन व्यक्तियों की अपेक्षा अधिक मान – सम्मान और सफलता प्राप्त होती है। वास्तव में अनुशासन का अर्थ, यह नहीं है कि हम दूसरों के बताए कार्यों का पालन करके अपने जीवन में अनुशासन लाने का प्रयास करें, इसके बजाय हमें अपने जीवन में अनुशासन का पालन करना चाहिए क्योंकि स्वयं द्वारा पारित अनुशासन ही सर्वोत्तम होता है। हर एक व्यक्ति का लक्ष्य तथा कार्यप्रणाली दूसरे से भिन्न होती है, इसलिए दूसरों द्वारा बताए गए अनुशासन के तरीकों को हमें अपने प्राथमिकता के आधार पर अपनाना चाहिए।

अनुशासित रहने के तरीके:

हम अपने जीवन में अनुशासन को अपनाने के लिए निम्नलिखित तरीकों का पालन कर सकते हैं-

  1. एक संतुलित और नियमित दिनचर्या का पालन करना।
  2. कार्यों को समय पर पूरा करने का हर संभव प्रयास करना।
  3. व्यर्थ के कार्यों से दूर रहना।
  4. बुरी आदतों और कार्यों से दूरी बनाना।
  5. अपने कार्यों के प्रति पूरी लगन रखना।

अनुशासन का लाभ और आवश्यकता:

जीवन में अनुशासन को अपनाने से कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। अनुशासित रहने वाले व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में मान – सम्मान और सफलता प्राप्त करते हैं। सेना और रक्षा तथा अन्य अनुसंधान संगठनों में तो जीवन तथा कार्यों में अनुशासन को सर्वोपरि माना गया है, क्योंकि इन क्षेत्रों में 1 सेकंड या मिनट भर की देरी या फिर एक छोटी सी चूक के कारण काफी बड़े नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। यही कारण है कि इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुशासन को इतना महत्व दिया जाता है और अधिकतम कार्यों में इसका पूर्ण रूप से पालन किया जाता है।

इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए तो अनुशासन सफलता का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यदि कोई छात्र अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हुए अपना अध्ययन करता है, तो उसे सफलता अवश्य प्राप्त होती है। यही कारण है कि छात्र जीवन में अनुशासन को सफलता का आधार माना गया है।

ना सिर्फ विद्यार्थी जीवन में बल्कि कैरियर और घरेलू जीवन में भी अनुशासन का काफी महत्व है, जो लोग अपने जीवन में अनुशासन को अपना लेते हैं, वह कई तरह की परेशानियों से बच जाते हैं। इसके साथ ही जो व्यक्ति अनुशासन के साथ जीवन जीते हैं, उन्हें अनुशासन हीन व्यक्तियों की अपेक्षा जीवन में कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। एक और जहां छात्रों के लिए यह उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने का कार्य करता है, वहीं दूसरी और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह तरक्की के मार्ग को खोलता है।

निष्कर्ष:

हम कह सकते हैं कि अनुशासन जीवन में सफलता की कुंजी है और जो व्यक्ति इसे अपने जीवन में अपनाता है, वह अपने जीवन में सफलता अवश्य प्राप्त करता है। यही कारण है कि आज के इस आधुनिक युग में भी अनुशासन को इतना महत्व दिया जाता है।

विद्यार्थी जीवन में अनुशासन से लाभ

विद्यार्थी जीवन में अनुशासन से लाभ
विद्यार्थी जीवन में अनुशासन से लाभ

विद्यार्थी का जीवन संघर्ष से भरा होता है। हर विद्यार्थी के जीवन में एक लक्ष्य होते हैं, वह कुछ ना कुछ पाने की चाह रखता है। लेकिन केवल वही विद्यार्थी अपने लक्ष्य को पाते हैं, जो अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी मेहनत व लगन से सोच – समझकर अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होते हैं और ऐसा केवल वही विद्यार्थी कर सकते हैं जो अपने बनाए उन नियमों का पालन करते है, जो उन्होंने अपने लक्ष्य को पाने के लिए बनाए हैं। अपने बनाए नियमों का पालन केवल अनुशासन प्रिय विद्यार्थी ही कर सकते हैं।

विद्यार्थियों को अनुशासन का पालन करने के लिए अनेक प्रकार से लाभ मिलते हैं-

हर क्षेत्र में सम्मान मिलना:

यदि विद्यार्थी अनुशासन का पालन करता है, अनुशासन प्रिय है। तो वह सभी को सम्मान देता है सबकी इज्जत करता है। अनुशासित होने के कारण वह अपने सभी कामों को समय से पूरा करता है और सभी लोग उसे सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। अनुशासन प्रिय विद्यार्थी को हर क्षेत्र में सम्मान मिलता है।

हमेशा तरक्की मिलना:

अनुशासनप्रिय विद्यार्थी हर क्षेत्र में तरक्की करता है, क्योंकि वह जिस भी क्षेत्र में काम करता है, उसे पूरी निष्ठा से करता है। वह अनुशासन में रहकर, समय का उचित उपयोग करके, अपने काम को बेहतर तरीके से पूरा करता है। इसलिए उसकी हर क्षेत्र में उन्नति होती है।

मुसीबतों का सामना करने में सक्षम:

अनुशासन में रहने की आदत होने के कारण अर्थात पूर्ण रूप से अनुशासित होने के कारण, ऐसे विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की आदत होती है। वह ना तो ज्यादा बड़ी उपलब्धि मिलने पर अधिक उत्साहित होते हैं और ना ही किसी प्रकार के घाटे अथवा नुकसान के कारण व्यर्थ में निराश या चिन्तित होते हैं। वह परिस्थिति के अनुसार खुद को ढाल कर, उनका सामना बड़ी ही सरलता व सूझबूझ से करते हैं।

माता पिता का गर्व:

माता पिता सदैव अपने बच्चों से प्यार करते हैं, मगर उन्हें अपने बच्चों पर तभी गर्व होता है। जब उनके बच्चे अपनी काबिलियत साबित करते हैं। इसलिए बचपन से माता-पिता बच्चों को अनुशासन में रहने की शिक्षा देते हैं। जो विद्यार्थी अनुशासन का पालन करना, अपनी दिनचर्या का हिस्सा मान लेते हैं। वह कम उम्र में ही कुछ बड़ा करके दिखाते हैं और सभी को अपनी काबिलियत बताते हैं। ऐसे ही विद्यार्थियों पर माता-पिता को गर्व होता है।

शिक्षकों से प्रशंसा मिलना:

अनुशासन प्रिय विद्यार्थी हमेशा सभी बड़ों की बात मानते हैं। किसी को भी परेशान नहीं करते और शिक्षकों द्वारा दिए अपने सभी कार्यों को समय से पूरा करते हैं। वह विद्यालय में सभी को सम्मान देते हैं। किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं करते और सभी के साथ प्रेम व मित्रता का व्यवहार करते हैं। इन्हीं सब गुणों के कारण सभी शिक्षक व आदरणीय लोग उन विद्यार्थियों की प्रशंसा करते हैं।

अच्छे भविष्य का निर्माण:

अच्छे भविष्य के निर्माण के लिए यह आवश्यक है, कि हमारा आज बेहतर है या नहीं। यदि जुड़े कमजोर होती हैं, तो पेड़ ज्यादा दिन नहीं टिक सकता। वैसे ही यदि विद्यार्थी स्कूल लाइफ में अनुशासन प्रिय नहीं होते तो उनका भविष्य अच्छा होने की संभावना कम होती हैं। परंतु यदि विद्यार्थी बचपन से ही अनुशासन में रहने की आदत डाल लेते हैं, तो आगे जाकर और भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। हर क्षेत्र में उन्नति करते हैं और उनका भविष्य उतना ही सुख में होता है। अच्छे भविष्य के लिए अनुशासन का पालन बहुत ही आवश्यक है और अनुशासन हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है।

विद्यार्थी और अनुशासन पर भाषण

विद्यार्थी और अनुशासन पर भाषण
विद्यार्थी और अनुशासन पर भाषण

आज हम लोग विद्यार्थी जीवन में अनुशासन के महत्व को तथा विद्यार्थी से जुड़े अनुशासन के संबंध को समझेंगे। क्या आप लोग जानते हैं, अनुशासन क्या है? हम यह कह सकते हैं, कि अनुशासन नियमों और विनियमों का एक सेट है, जिसका पालन हर व्यक्ति को अवश्य ही करना चाहिए। हमारे समाज को सही ढंग से संचालित करने के लिए तथा हमारे सही प्रकार से विकास के लिए, हमारे जीवन में अनुशासन का होना अत्यंत आवश्यक है। हमें अनुशासन की शिक्षा घर से तथा विद्यालय से प्राप्त होती है। यह कहना गलत नहीं होगा, कि जीवन के हर दौर में अनुशासन का महत्व सर्वोपरि है, सर्वाधिक है। अनुशासन सभ्य व सुखद समाज की नींव है।

अनुशासन न केवल हमें जिम्मेदार नागरिक बनाता है, बल्कि हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमारी मदद भी करता है। इसलिए अनुशासन का पालन करने वाले व्यक्ति कभी भी अव्यवस्थित जीवन नहीं जीते। अनुशासन का पालन करने वाले विद्यार्थी पढ़ाई का प्रबंधन और आनंद का प्रबंधन दोनों ही बड़ी कुशलता से करते हैं और अपना जीवन सुख में व्यवस्थित रूप में जीते हैं। आप चाहे कहीं भी चले जाएं, या आप कोई भी व्यवसाय क्यों ना कर ले।जैसे – डॉक्टर, वकील, खेलकूद, पुलिस आदि। अनुशासन हर जगह, जीवन के हर क्षेत्र में बहुत जरूरी है। यह एक व्यक्ति के गुणों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन को अपनाना चाहिए और अपने अध्ययन पद्धति में सुधार लाना चाहिए। ताकि आप अपने व्यस्त जीवन से थोड़ा सा वक्त निकाल कर एक विद्यार्थी के रूप में अपनी भूमिका जिम्मेदारियां निभा सके।

उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा प्रस्तुत किया गया ‘विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व निबंध‘ आपके मन को भाया होगा।

ऐसे ही मन पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट EssaytoNibandh.com पर फिर कभी जरूर आना और हां टिप्पणी डिब्बा में टिप्पणी करके जरूर जाएं कि यह निबंध आपको कैसा लगा।

फिर मिलेंगे!

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